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सामयिक: भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धियां देकर जा रहा है 2023, दुनिया में बजा डंका

Fri, 29 Dec 2023 06:50 AM IST
Surendra Kumar सुरेंद्र कुमार
Updated Fri, 29 Dec 2023 06:50 AM IST
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सार
भारत ने 18वें जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिसके तहत 60 विभिन्न जगहों पर 250 से ज्यादा बैठकें हुईं, अफ्रीकी संघ को पूर्ण सदस्यता मिली और पहले ही दिन दुनिया भर के नेताओं ने दिल्ली घोषणापत्र पर सहमति व्यक्त की।
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Year Ender 2023 Big and Important achievements of India at Global Front
G20 Summit - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

दुनिया के कई हिस्सों में व्याप्त अशांति के बावजूद भारत ने वर्ष 2023 में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। यह न केवल दुनिया में सर्वाधिक आबादी वाला देश बन गया, बल्कि इसकी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती हुई ब्रिटेन को पछाड़ते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई। अनुमान है कि यदि पहले नहीं, तो 2030 तक यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी।



भारत ने 18वें जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिसके तहत 60 विभिन्न जगहों पर 250 से ज्यादा बैठकें हुईं, अफ्रीकी संघ को पूर्ण सदस्यता मिली और पहले ही दिन दुनिया भर के नेताओं ने दिल्ली घोषणापत्र पर सहमति व्यक्त की। जी-20 की अध्यक्षता समाप्त होने से पहले पहली बार भारत ने एक आभासी शिखर सम्मेलन की भी मेजबानी की। प्रधानमंत्री मोदी ने क्वाड, जी-7, आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भागीदारी की और आभासी रूप से शंघाई सहयोग संगठन की एक एवं वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ के दो शिखर सम्मेलनों की मेजबानी की। उन्होंने अमेरिका की सफल राजकीय यात्रा की और अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को दूसरी बार संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। भारत संतुष्ट हो सकता है कि उसकी ऊर्जा प्रणाली में नवीकरणीय स्रोतों की हिस्सेदारी 43 फीसदी (172 गीगावॉट) से अधिक हो गई है और वर्ष 2030 तक कार्बन उत्सर्जन की तीव्रता 45 फीसदी कम हो जाएगी, जैसा कि ग्लासगो जलवायु शिखर सम्मेलन में वादा किया गया था।


मालदीव में नई सरकार का नेतृत्व मोहम्मद मुइज्जू कर रहे हैं, जो चीन समर्थक हैं। उन्होंने आधिकारिक रूप से भारतीय सैन्यकर्मियों को वापस बुलाने और अपना हेलिकॉप्टर वापस लेने के लिए कहा है। भारत को इस छोटे, मगर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पड़ोसी से सावधानीपूर्वक निपटना होगा।

चीन के साथ हमारे कामकाजी रिश्ते बने हुए हैं-हम ब्रिक्स, एससीओ एवं जी-20 शिखर सम्मेलनों में भाग ले रहे हैं। चीन के हांगझोउ में हुए एशियाई खेल में भारत ने 100 से ज्यादा पदक जीते। चीन और भारत के बीच कमांडर स्तर की 20 दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर से चीनी सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। अपने चीनी समकक्ष के साथ बात करते हुए हमारे विदेश मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक सीमा विवाद का पूरी तरह से समाधान नहीं होता, तब तक रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते।

बांग्लादेश, नेपाल और भूटान में चीन की पैठ पर सख्त नजर रखने की जरूरत है। विगत नवंबर में प्रधानमंत्री मोदी एवं शेख हसीना ने आभासी रूप से सीमा पार अखौरा-अगरतला रेलवे लाइन का उद्घाटन किया, जो पूर्वोत्तर भारत को बांग्लादेश से जोड़ता है। इससे अगरतला और कोलकाता के बीच की यात्रा का समय भी कम होगा। जी-20 शिखर सम्मेलन से अलग भारत-बांग्लादेश ने तीन सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

पाकिस्तान के साथ संबंध अभी अनिश्चित बने हुए हैं, लेकिन अफगानिस्तान को भारत की मानवीय सहायता जारी है। एक राष्ट्र के रूप में हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मणिपुर में जो हुआ, वह फिर कभी न हो। भारत के ओलंपिक विजेताओं को अपनी आवाज सुनाने के लिए हफ्तों तक धरने पर नहीं बैठना पड़ता, उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने देश को गौरवान्वित किया है, वे सम्मान के पात्र हैं। पन्नून के कारण भारत और अमेरिका के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी पटरी से उतरने की संभावना नहीं है। कनाडा खालिस्तानी कट्टरपंथियों का स्वर्ग बन गया है। अमेरिका और कनाडा, दोनों को खालिस्तानी कट्टरपंथियों पर लगाम लगानी चाहिए, जो भारतीय राजनयिकों को धमकी दे रहे हैं।

भारत ने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा। 

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