{"_id":"5d1b59e78ebc3e3cef213833","slug":"who-waste-more-water","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कौन बर्बाद करता है ज्यादा पानी : कल्पना कीजिए कि हर दिन कितनी मात्रा में पानी बेकार चला जाता है","category":{"title":"Opinion","title_hn":"नज़रिया","slug":"opinion"}}
कौन बर्बाद करता है ज्यादा पानी : कल्पना कीजिए कि हर दिन कितनी मात्रा में पानी बेकार चला जाता है
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली पर गुरुग्राम नगर निगम ने 500 रुपये का जुर्माना लगाया, क्योंकि उनके घरेलू नौकर को पेयजल से कार धोते हुए पाया गया। जैसा कि अपेक्षित था, यह खबर टीवी पर प्राइम टाइम में दिखाई गई और अगले दिन प्रिंट मीडिया में भी यह सुर्खियों में रही। लेकिन क्या हमने कभी सोचा है कि जब भी हम अपने घरों में आरओ वाटर फिल्टर मशीन चलाते हैं, तो 25 लीटर फिल्टर पानी प्राप्त करने के लिए हम 75 लीटर अच्छी गुणवत्ता वाला पानी बर्बाद करते हैं!
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
पांच लोगों के एक परिवार को अगर एक दिन में 50 लीटर शुद्ध पेयजल की आवश्यकता हो सकती है, तो इसका मतलब है कि हर दिन फिल्टर करने की प्रक्रिया में 150 लीटर पानी यों ही बर्बाद हो जाता है। नई दिल्ली जैसे बड़े शहर के अधिकांश मध्यवर्गीय परिवार आरओ मशीनों का उपयोग करते हैं, ऐसे में कल्पना कीजिए कि हर दिन कितनी मात्रा में पानी बेकार चला जाता है। त्वरित अनुमान के लिए, पंजाब के कुछ प्रमुख शहरों में बर्बाद हो रहे पानी से हमें प्रति दिन भारी मात्रा में नाली में जाने वाले पानी का एहसास करने में मदद मिलेगी।
एक खबर के मुताबिक, लुधियाना में प्रति दिन आरओ मशीन से डेढ़ करोड़ लीटर से ज्यादा पानी की बर्बादी होती है। अमृतसर और भटिंडा जैसे हर शहर शुद्ध पेयजल इकट्ठा करने की प्रक्रिया में करीब 25 लाख लीटर पानी बर्बाद करते हैं। पटियाला शहर में पानी की दैनिक बर्बादी 20 लाख लीटर से थोड़ा कम है।
इस आंकड़े ने मुझे हैरान कर दिया। अगर विराट कोहली पर अपनी कार धोने के कारण जुर्माना लगाया जा सकता है, तो क्या हम अपनी रसोई में हर दिन भारी मात्रा में नल का पानी बर्बाद करने के लिए समान रूप से जिम्मेदार नहीं हैं, वह भी बिना कोई जुर्माना दिए? अकेले लुधियाना शहर में हर महीने 45 करोड़ लीटर से ज्यादा पानी फिल्टर करने की प्रक्रिया में बर्बाद चला जाता है। हम इसके लिए तकनीक को दोष दे सकते हैं, लेकिन तथ्य यह है कि इस तरह की तकनीकी विफलता पर कभी सवाल नहीं उठाया गया।