अर्थव्यवस्था: खर्च और बचत की अमेरिकी पहेली, जो कोविड के बाद भी बनी हुई है मजबूती का पिटारा
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विश्व की सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था में मंदी की आहट बेशक सुनाई दे रही हो, परिवारों की कम होती बचतें जिसकी तस्दीक भी कर रही हों, लेकिन कोविड के बाद से जिस तरह परिवारों के खर्चों का पैटर्न बदला है, वह बताता है कि अमेरिका अब भी मजबूत बना हुआ है।
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विस्तार
अगर अमेरिका में इस वर्ष मंदी आती है, तो इसकी वजह शायद यह नहीं होगी कि उपभोक्ताओं की खर्च करने की शक्ति एकाएक कम हो गई। हां, अगर बेरोजगारी अचानक ही बढ़ जाती है, तो यह अलग बात होगी। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के कुछ संकेत बताते हैं कि उपभोक्ता बेहतर स्थिति में हैं, हालांकि सबसे कमजोर समूहों के लिए जीवन कठिन होता जा रहा है। आर्थिक भविष्यवाणी करने वाली संस्था ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स के उप मुख्य अमेरिकी अर्थशास्त्री माइकल पीयर्स ने पिछले हफ्ते मुझे बताया कि आर्थिक मुश्किलें देखनी हैं, तो कहीं और देखिए, अमेरिका के परिवारों में यह मिलने वाली नहीं। क्या यह सच है? क्योंकि आंकड़े तो कुछ और ही कह रहे हैं। व्यक्तिगत बचत दर दिसंबर में गिरकर व्यक्तिगत प्रयोज्य आय (करों का भुगतान करने के बाद बची आय) के 3.7 फीसदी पर आ गई है, जो 2022 की गिरावट को छोड़कर 2008 के बाद से सबसे कम थी।
उपभोक्ता वित्तीय संरक्षण ब्यूरो ने अपनी दिसंबर की रिपोर्ट में बताया कि भले ही वर्ष 2023 में उपभोक्ता वित्तीय रूप से 2019 की तुलना में औसतन बेहतर स्थिति में थे, लेकिन रुझान नकारात्मक था। नेशनल फाउंडेशन फॉर क्रेडिट काउंसलिंग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने पिछले हफ्ते कहा कि 'हालांकि अर्थव्यवस्था में सुधार के कुछ संकेत हैं, लेकिन हमारा अनुभव बताता है कि कई परिवार अपने बैंक खातों में इस सुधार का असर नहीं देखते हैं।' लेकिन, सभी खबरें बुरी नहीं हैं। पिछले वर्ष फेडरल रिजर्व के अर्थशास्त्रियों ने एक अध्ययन किया था, जिसमें 'अतिरिक्त' बचत की शेष राशि का अनुमान लगाया था। 'अतिरिक्त' बचत सामान्य से अधिक उस बचत को कहा गया, जो घरों में महामारी के दौरान जमा हुई थी, जब बहुत सारी प्रोत्साहन राशि आ रही थी और इसे खर्च करने के अवसर अपेक्षाकृत कम थे।
अतिरिक्त बचत को मापना सामान्य बचत की परिभाषा पर निर्भर है, जो मुश्किल है। फेड के अध्ययन ने पाया कि यदि आप 1950 के बाद से पूरी अवधि के लिए बचत पैटर्न का उपयोग करके सामान्य बचत को परिभाषित करते हैं, तो अतिरिक्त बचत निश्चित ही बढ़ी है। पर अगर आप 1990 के पैटर्न का उपयोग करते हैं, तो परिवारों के पास अब भी अमेरिका की जीडीपी का चार फीसदी बचत के रूप में है, जिससे उनके पास खर्च करने की पर्याप्त शक्ति बची हुई है। भले ही आप अतिरिक्त बचत का सटीक आंकड़ा पाने में कामयाब हो जाएं, फिर भी आर्थिक दृष्टिकोण के बारे में बहुत ज्यादा नहीं जान पाएंगे, क्योंकि बचत और खर्च के बीच संबंध पेचीदा है।
फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ रिचमंड के एक वरिष्ठ नीति-अर्थशास्त्री जॉन ओ'ट्रैकॉन ने बताया कि 'बचत दर में कुछ हद तक वह आकर्षण नहीं है कि हम सामान्य बचत पर विचार कर सकें।' खर्च करने के लिए धन भी मायने रखता है। शेयर बाजार और आवास बाजार में उछाल ने लोगों को अमीर होने का अहसास कराया है, जिसने उन्हें खर्च करने के लिए प्रोत्साहित किया है। ओ'ट्रैकॉन ने बताया कि 'महामारी के बाद से संपत्ति के मूल्य में वृद्धि हमें बताती है कि कुछ समय के लिए खर्च का स्तर महामारी से पहले की तुलना में बढ़ जाएगा।'
हालांकि बढ़ती संपत्ति से सबको समान या लगातार लाभ नहीं हुआ है। 2022 के बाद से कुछ बड़े बदलाव हुए हैं। एक आंकड़ा बताता है कि आय के हिसाब से करीब पांच फीसदी परिवारों को 2022 की तीसरी तिमाही के दौरान महामारी की शुरुआत से सबसे बड़ा धन लाभ हुआ था, लेकिन उसके बाद से लगभग कोई लाभ नहीं हुआ। दूसरा आंकड़ा बताता है कि जिन परिवारों के मुखिया 40 वर्ष से कम उम्र के हैं, उन्हें पहली अवधि में संपत्ति में काफी लाभ हुआ, लेकिन उसके बाद बहुत कम। इससे यह बात समझ में आती है कि महामारी के दौरान युवा परिवारों को प्रोत्साहन राशि मिलने की संभावना अधिक थी। लेकिन उनके पास अपना घर या स्टॉक रखने की संभावना नहीं थी, इसलिए संपत्ति बाजार में उछाल का उन्हें उतना लाभ नहीं हुआ।
यदि परिवारों की संपत्ति का मूल्य नहीं बढ़ा, तो उनके द्वारा खर्च में कटौती की आशंका अधिक रहेगी। अपना पहला घर खरीदने की उम्मीद कर रहे लोग ऊंची कीमतों और ऊंची गिरवी (ब्याज) दरों से पहले ही परेशान हो चुके हैं।
निम्न आय वाले परिवारों पर तनाव कितना ज्यादा है, इसका संकेत क्रेटिड कार्ड और वाहन ऋणों की चूक में वृद्धि से मिलता है। अच्छी खबर यह है कि 50,000 डॉलर से कम वार्षिक आय वाले परिवार अब भी अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल उतना नहीं कर रहे हैं, जितना वे महामारी की चपेट में आने से पहले करते थे, जैसा कि बैंक ऑफ अमेरिका के आंतरिक आंकड़ों से भी पता चलता है। बैंक ऑफ अमेरिका इंस्टीट्यूट ने इस महीने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'हमें लगता है कि उपभोक्ताओं के पास अपने खर्च का समर्थन करने के लिए 'आपातकालीन कोष' बचा रहेगा।' श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि कम आय वाले परिवार अपनी आय का अधिक हिस्सा किराये, स्वास्थ्य बीमा और अन्य जरूरतों पर खर्च करते हैं, जबकि उच्च आय वाले परिवार वित्तीय सेवाओं पर अपेक्षाकृत अधिक खर्च करते हैं और जिसे 'अर्थशास्त्री ऑनर इक्विवैलेंट रेंट' (ओईआर) कहते हैं, जो इस बात का अनुमान है कि अगर मकान मालिक किरायेदार होते, तो अपने आवास के लिए उन्हें कितना भुगतान करना होता। ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स के अध्ययन के अनुसार, जबसे महामारी शुरू हुई, सबसे निचले पायदान पर रहने वाले एक-तिहाई लोगों के समूह की मुद्रास्फीति से समायोजित आय ज्यादा बढ़ी है, जबकि उच्च आय वाले एक-तिहाई लोगों की कमाई सबसे कम बढ़ी है।
कुल मिलाकर, तस्वीर मिली-जुली है। निम्न आय वाले परिवारों को आवास और शेयर बाजार से प्राप्त लाभ में पूरी तरह से हिस्सेदारी नहीं मिली, लेकिन मुद्रास्फीति समायोजित आय में उनकी हिस्सेदारी अधिक है। समग्र रूप से ऐसा लगता है कि भले ही परिवारों की बचत में कमी हुई हो, लेकिन अमेरिकी उपभोक्ता बेहतर स्थिति में हैं।