आज लाजोबाई नहीं आई
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पत्नी का मूड देखकर मैं बता सकता हूं कि घर में काम वाली बाई आज आई थी या नहीं। जैसे ही यह सूचना मिलती है कि लाजोबाई आज नहीं आएगी, तो पत्नी मेरी तरफ यों देखती है, जैसे उसके आज न आने में मेरा कोई विनम्र योगदान रहा हो। आती लाजोबाई नहीं है और मैं पूरे दिन मारे लाज के पत्नी से आंखें भी नहीं मिला पाता। कोई फरमाइश तो जाने ही दीजिए, उसके आगे दौड़-दौड़कर ऐसे काम पूरा करता हूं, जैसे लाजोबाई का एवजी हूं। उस दिन पत्नी आम दिन की तुलना में आधा काम भी नहीं करती, मगर शाम तक यों थक जाती है, जैसे पड़ोस के भी काम निपटा कर आई हो।
मैं घर में घुसते ही जानने की कोशिश करता हूं कि आज लाजोबाई आई थी या नहीं। काम वाली बाई की सुविधा के लिए हमने सभी जरूरी साधन घर में जमा कर रखे हैं। सफाई के दौरान उसका सीरियल न चूक जाए, इसलिए हर कमरे में टीवी लगे हैं। घर में जितनी भी बेकार चीजें हैं, सब कामवाली बाई की जरूरत को देखते हुए खरीदी गई हैं। यहां तक कि सफाई की खुशबूदार बोतलें भी उसकी पसंद से आती हैं।
इसके बावजूद वह कभी-कभी नहीं आती, और जिस दिन नहीं आती, पूरे घर की शामत आ जाती है। हर एक बात पर पत्नी कहती है, मैं क्या करूं, आज लाजोबाई नहीं आई। मैं तो यहां तक प्रस्ताव दे चुका हूं कि लाजोबाई के न आने पर मैं निर्जला उपवास करने को तैयार हूं। क्योंकि मैंने कुछ खाने की ख्वाहिश जाहिर की, तो यही जवाब आएगा-आज लाजोबाई नहीं आई है और तुम्हारी जुबान चटखारे ले रही है। गनीमत है कि पत्नी यह नहीं कहती, लाजोबाई नहीं आई है और तुम सांस ले रहे हो।
मशीन का विकल्प मशीन हो सकता है, पर काम वाली बाई का कोई तोड़ नहीं है। घर की सारी खुशियां कायम रह सकती हैं, अगर आपको यह हुनर आता हो कि काम वाली बाई छुट्टी न मारने पाए।एक बात बता दूं। जिस दिन उसकी गैरहाजिरी के पत्नी पैसे काट लेती है, मैं उसे दोगने पैसे चुपके से दे देता हूं, ताकि वह काम छोड़ कर न जाए। यह अलग बात है कि मुझसे दोगुने पैसे लेने के लिए भी वह कभी-कभी छुट्टी मार लेती है!