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अंत्योदय के तीन वर्ष

Tue, 17 Mar 2020 07:43 PM IST
Raman Singh योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ Published by: Raman Singh Updated Tue, 17 Mar 2020 07:43 PM IST
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Three years of antyodaya
नए मेडिकल कॉलेज - फोटो : a

अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि ‘हमारी सोच और हमारे सिद्धांत ये हैं कि गरीब और अशिक्षित लोग हमारे ईश्वर हैं, यही हमारा सामाजिक और मानवीय धर्म है।’ इसी विचार को आत्मसात कर लोक कल्याण के लिए कार्य कर रही उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने तीन वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। हमारी सरकार के ये तीन वर्ष अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के उदय के थे। इस दौरान हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मसलन सपा-बसपा के कार्यकाल में प्रदेश की जर्जर हो चुकी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना, नकल माफियाओं पर अंकुश लगाकर गुणवत्तापरक शिक्षा की बहाली और सबसे अहम कार्य प्रदेश की चौपट हो चुकी कानून व्यवस्था को पटरी पर लाना था, जिसमें हम सफल भी रहे। आज विकास, विश्वास और सुशासन के साथ देश के समक्ष नया उत्तर प्रदेश खड़ा है।


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यहां यह जानना दिलचस्प है कि प्रदेश में देश के स्वंतत्र होने के 76 साल तक केवल 12 मेडिकल कॉलेज अस्तित्व में थे। हमने सहज, सुव्यवस्थित और साधन संपन्न चिकित्सकीय सुविधाओं हेतु मात्र तीन वर्षों में ही सात नए मेडिकल कालेज स्थापित कर उनमें एमबीबीएस की कक्षाएं प्रारंभ करा दीं। इसके साथ ही 13 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की स्वीकृति भी केंद्र सरकार से प्राप्त की। यही नहीं गोरखपुर और रायबरेली में एम्स अपना प्रस्तावित आकार प्राप्त कर रहा है। पूर्वी उ.प्र. में चार दशकों से बच्चों में महामारी के रूप में जानी जाने वाली इंसेफ्लाइटिस रोगियों की संख्या में 56 प्रतिशत की कमी हुई है तथा 90 प्रतिशत मृत्यु में कमी आई है।

आज प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण जैसी किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हमारा स्वास्थ्य विभाग पूर्णतः तैयार है। जन जागरण के बिगुल से लेकर आइसोलेशन वार्ड तक, सरहदी क्षेत्रों की नाकेबंदी से लेकर थर्मल एनालाइजर की स्थापना तक, कोई भी प्रयास हमारी सामर्थ्य से बाहर नहीं है।

शिक्षा के आलोक में ही कोई भी समाज उन्नति-पथ पर गति कर सकता है। हमने 'आपरेशन कायाकल्प' के माध्यम से 92 हजार से अधिक प्राइमरी पाठशालाओं को आधारभूत सुविधाएं जैसे बाउंड्रीवाल, शौचालय, पेयजल, विद्युतीकरण आदि से संपन्न किया है। इन विद्यालयों में 45,383 शिक्षकों की भर्ती की गई है तथा 69,000 शिक्षकों की भर्ती अंतिम चरण में है। महिला सशक्तिकरण के लिए 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' के तहत एक लाख से अधिक गरीब कन्याओं को 51 हजार रुपये प्रति लाभार्थी देते हुए योजना से लाभान्वित किया गया। प्रदेश के जनपदों में लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है।

हमारी सरकार ने कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कठोरतम प्रयास किए। परिणामतः आज अपराधी प्रदेश छोड़ कर भाग रहे हैं या जेलों में कैद हैं। बेहतर पुलिसिंग के लिए प्रदेश में 41 नए थाने, 13 नई चौकियां स्थापित की गई। 1.7 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई। लखनऊ तथा गौतमबुद्ध नगर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को लागू किया गया। अपराध के प्रति जीरो टालरेंस की नीति अपनाते हुए पुलिस व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ। कश्मीर में अनुच्छेद 370 के निर्मूलन के आदेश के समय, अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि विवाद मामले में निर्णय के समय प्रशासन और पुलिस के प्रभावी नियंत्रण का ही परिणाम था, कि पूरे प्रदेश में एक भी हिंसात्मक घटना नहीं हुई।

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में कुछ अराजक तत्वों ने सुनियोजित तरीके से कानून-व्यवस्था को खराब करने का विफल प्रयास किया, किंतु बाद में इसे भी प्रभावी और परिणामदायक ढंग से नियंत्रित कर लिया गया। उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके द्वारा नष्ट की गई संपत्तियों की क्षतिपूर्ति उपद्रवियों से ही की गई, तो उ.प्र. शासन के इस प्रयास को पूरे देश में व्यापक समर्थन भी मिला। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने प्रदेश की बेहतर कानून-व्यवस्था को सराहा और कहा कि उ.प्र. की तर्ज पर अपराधियों के खिलाफ कड़ा कानून लागू किया जाए। यह उपद्रवियों व उनके रहनुमाओं पर बड़ी चोट थी।

यह कुशल नियोजन व अनुशासित व्यवस्था का ही सुफल है कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय की दर में अनवरत बढोत्तरी हो रही है। आंकड़ों में कहें तो 2014-15 में प्रति व्यक्ति आय 42,267 रुपये थी, जो वर्तमान में बढ़कर 70,419 रुपये हो गई है। मेरे लिए यह निजी संतुष्टि का विषय है कि इन तीन वर्षों में प्रदेश कई क्षेत्रों में देश में शीर्ष पर पहुंचा है। गांव, गरीब, किसान, महिला, मजदूर, नौजवान सहित सभी के हित-कल्याण के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। 23 करोड़ लोगों की विशाल आबादी वाला उत्तर प्रदेश सकारात्मक उत्पादक परिवर्तन लाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की भावनानुरूप एक ट्रिलियन डॉलर (दस खरब डॉलर) इकोनॉमी बनने की ओर अग्रसर है।

अंत्योदय से राष्ट्रोदय की संकल्पना को मूर्तरूप प्रदान करती हमारी वैचारिक दृष्टि अवध के मन, पूर्वांचल की आशा, बुंदेलखण्ड की अपेक्षा और पश्चिमांचल की अभिलाषा को संतुष्ट करने के क्रम में अनवरत प्रयत्नशील है। भ्रष्टाचार और कदाचार में लिप्त प्रत्येक व्यक्ति पर हमारी व्यवस्था द्वारा जीरो टालरेंस के तहत की जा रही कार्रवाइयां प्रदेश में 'बदली हुई व्यवस्था' का संदेश देने में सफल हुई हैं। और यही संदेश हमारी पूंजी है। जाति, मत और मजहब से ऊपर उठकर सभी वर्गों का ख्याल रखते हुए हमारी सरकार ने प्रदेश में सुशासन का राज स्थापित किया है। अपराधमुक्त, भयमुक्त और अन्यायमुक्त वातावरण से प्रदेश का चतुर्दिक विकास हो रहा है। प्रदेश की जनता का सरकार पर भरोसा लौटा है। उत्तर प्रदेश को पुराना गौरव वापस दिलाने के लिए हमारी सरकार कृत संकल्पित है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से शेष दो वर्ष में उत्तर प्रदेश प्रगति के नये आयाम लिखेगा।

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