फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Opinion ›   Spring changing mood

वसंत फितरती हो गया है

Wed, 04 Feb 2015 07:38 PM IST
सुधीर विद्यार्थी
सुधीर विद्यार्थी Updated Wed, 04 Feb 2015 07:38 PM IST
विज्ञापन
Spring changing mood

साधो, इस बार दिल्ली में वसंत नहीं आया। वह रिंग रोड पर ही भटकता रहा। पहले गणतंत्र दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल को देखकर उसके अंगों में ठिठुरन होती रही। उसके बाद लोकतंत्र की परेड में दिल्ली पुलिस की यातायात व्यवस्था ने उसे बुरी तरह डरा दिया।

विज्ञापन


दिल्ली को ओबामा की जरूरत थी, वसंत की नहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा की मार इस बार सबसे ज्यादा वसंत पर पड़ी। अमेरिका और वसंत में किसी एक का चुनाव करना हो, तो हम अमेरिका को ही चुनेंगे। इस महाशक्ति से रिश्ते बनाना आज सबकी जरूरत है। वसंत से क्या लेना-देना। वह इस सीजन में नहीं आया, तो अगले किसी मौसम में उसे बुला लिया जाएगा।
विज्ञापन


अब तो अमेरिका-विरोध की वामपंथी भाषा भी बदल गई है। बड़ी-बड़ी तोपों के मुंह बंद हैं। पश्चिम बंगाल में ममता का मुकाबला अब कम्युनिस्ट नहीं, भाजपाई कर रहे हैं। खबर है कि दिल्ली थोड़े दिनों बाद वसंत नहीं, दिवाली मनाएगी। दिल वाली दिल्ली के आगे चुनाव का ऊंट चकरघिन्नी काट रहा है। पता नहीं, वह किस करवट बैठे। वसंत इस धमाचौकड़ी से घबराया हुआ है। एक लंपटी ने वसंत से कहा, थोड़ी देर रुको। तुम तो अपने घर के आदमी हो, कल चले आना। वसंत भला क्या कहता?
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर दिल्ली की जनता वसंत का बोरिया-बिस्तर तलाश कर रही है। एक मित्र बोले, कहीं चोला बदल कर वसंत भाजपा में तो शामिल नहीं हो गया, हम उसे पहचानेंगे कैसे? मित्र मानने लगे हैं कि वसंत भी समय के साथ फितरती हो गया है। जब जाड़ा, गर्मी और बरसात के मौसम अपना चाल-चलन बदल सकते हैं, तो वसंत क्यों नहीं।


पर कवि मन संकट में है कि वह वसंत का स्वागत किस तरह करे। दिल्ली में वसंत की सही शिनाख्त तो चुनाव नतीजों के बाद ही होगी। फिलहाल वसंत की प्रतीक्षा में पहले ही थक चुकी आंखों के लिए ओबामा-दर्शन किसी मुफीद अंजन की तरह है, जिस लोगों ने अपनी आंखों में आंज लिया है। वसंत, तुम्हें देखनी की ख्वाहिश अब किसी में नहीं बची। विदा दोस्त!

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed