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उदास कविता

Sat, 17 Jan 2015 10:50 PM IST
विज्ञान भूषण
विज्ञान भूषण Updated Sat, 17 Jan 2015 10:50 PM IST
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sad poem.

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तमाम कोशिशों के बाद भी
अगर कविता में छाई रहे उदासी
तो क्या हमें
मान लेना चाहिए कि
यह दौर ही
उदास कविताओं का है...

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आदि-अंत

हर कहानी हमेशा
शुरू से ही
शुरू नहीं होती
कुछ कहानियों का अंत
हमें एक नई
शुरुआत का अहसास करा देता है।
------------
मानना होगा

मेरी कविता को पढकर
अगर तुम्हारी आंखें न सही
मन ही थोड़ा गीला हो जाए
तो तुम्हें मानना ही होगा
कि व्यावहारिकता का पाठ
सीखने में तुमसे
कुछ कसर रह गई।

-------
यात्रा

कदम तो लगातार
बढ़ रहे हैं किसी दिशा में
पर कहीं पहुंच नहीं पाता।
किसी गंतव्य तक पहुंचे बिना
क्या यात्रा पूरी नहीं हो सकती...

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