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इतिहास में कमजोर हैं राहुल

Sun, 06 Jan 2019 06:23 PM IST
Raman Singh तवलीन सिंह
तवलीन सिंह Published by: Raman Singh Updated Sun, 06 Jan 2019 06:23 PM IST
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Rahul is weak in history
तवलीन सिंह

राहुल गांधी जब हर दूसरे दिन प्रधानमंत्री पर चोर होने का आरोप लगाते फिरते हैं, तो शायद अपने परिवार का इतिहास भूल जाते हैं। या क्या ऐसा वह जान-बूझकर, बार-बार, इस बात को ध्यान में रखकर कहते हैं कि ऐसा कहने से आम लोग भूल जाएंगे कि यही आरोप कभी उनके पिताजी पर लगा था?


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सच तो यह है कि अभी तक नरेंद्र मोदी के किसी करीबी दोस्त के स्विस खाते में राफेल द्वारा दिए गए रिश्वत के पैसे पाए नहीं गए हैं। सच यह भी है कि जब राजीव गांधी पर चोर होने का आरोप लगा था, तब उनके करीबी दोस्तों के स्विस बैंक खातों में बोफोर्स के रिश्वत का पैसा पाया गया था। सच यह भी है कि जिस दिन इन खातों का खुलासा हुआ था, उस दिन ओत्तावियो कवात्रोच्चि को भारत से फरार होने दिया गया था। प्रधानमंत्री उस समय नरसिंव राव थे और वह राहुल गांधी की माता जी की मर्जी से प्रधानमंत्री बने थे।

क्या कांग्रेस अध्यक्ष इन बातों को भूल गए हैं? क्या वह भूल गए हैं कि क्वात्रोच्चि स्नेमप्रोजेटि नाम की एक इतालवी कंपनी में खाद बेचने का काम करते थे? बोफोर्स से उनका वास्ता केवल इतना था कि वह सोनिया गांधी के अच्छे दोस्त थे। इतने अच्छे दोस्त थे कि जब सोनिया जी के माता-पिता अपनी बेटी से मिलने दिल्ली आया करते थे, तो अक्सर उनके इस दोस्त के मेहमान बनकर रहा करते थे। क्वात्रोच्चि परिवार और गांधी परिवार में दोस्ती इतनी गहरी थी कि वे छुट्टियां भी एक दूसरे के साथ मनाने जाते थे।

लगता है कि कांग्रेस अध्यक्ष इतिहास में कमजोर हैं। सो उनको याद दिला दूं कि जब स्वीडिश रेडियो से हमें पता लगा कि बोफोर्स ने भारत में अपने हथियार बेचने के लिए भारत सरकार के आला अधिकारियों को रिश्वत दी थी, तब बोफोर्स के कुछ अधिकारी रिश्वतखोरों के नाम बताने दिल्ली आए थे। राजीव गांधी चाहते, तो रिश्वतखोरों के नाम देश को बता सकते थे, लेकिन उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा का बहाना देकर बोफोर्स के अधिकारियों से नाम नहीं लिए। या अगर लिए भी, तो उन पर पर्दा डाल दिया। क्वात्रोच्चि और उनकी पत्नी के नाम आज तक इस सौदे में न आते, अगर मेरी दोस्त चित्रा सुब्रमण्यम ने अपनी खोजी पत्रकारिता के जरिये उन स्विस बैंक खातों के नंबर ढूंढकर न निकाले होते। उसी दिन क्वात्रोच्चि भारत से ऐसे भागे कि कभी वापस लौटकर नहीं आए।

इन सब बातों को याद रखना जरूरी हो गया है। प्रधानमंत्री पर चोर होने का आरोप लगाने वाले कांग्रेस अध्यक्ष को भूलना नहीं चाहिए कि अभी तक उन्होंने चोरी का केवल आरोप लगाया है, सुबूत पेश नहीं किया है। अनिल अंबानी का नाम आता है राफेल सौदे में। कांग्रेस अध्यक्ष कहते हैं कि प्रधानमंत्री ने 30,000 करोड़ रुपये चुराकर अनिल अंबानी को दिए हैं। अगर उनके पास इसके सुबूत हैं, तो वह पेश क्यों नहीं करते?

फिलहाल इतना ही हुआ है कि खूब हल्ला किया गया है लोकसभा के अंदर, खूब कीचड़ उछाला गया है लोकसभा के बाहर, लेकिन आरोप अभी तक केवल आरोप ही हैं। क्या कांग्रेस अध्यक्ष यह समझ कर आरोप लगा रहे हैं कि इस देश की जनता को गुमराह करने के लिए बार-बार आरोप लगाना ही काफी है? ऐसा अगर वह कर रहे हैं, तो अन्याय कर रहे हैं वायुसेना के साथ, जिसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की दशकों से आवश्यकता है। राहुल जी, आप प्रधानमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं, तो कुछ देश का भी सोचें। आरोप लगाने से पहले अपने परिवार का इतिहास भी याद कर लें।

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