फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Opinion ›   one not become a munificent as it

कोई वैसे ही दानवीर नहीं बन जाता

Mon, 11 May 2015 07:54 PM IST
अरुणेन्द्र नाथ वर्मा
अरुणेन्द्र नाथ वर्मा Updated Mon, 11 May 2015 07:54 PM IST
विज्ञापन
one not become a munificent as it

यह तो नहीं कह सकता कि उन्होंने बड़ा संत स्वभाव पाया है, लेकिन धन-संपत्ति के मामले में किसी हद तक वह संतों की दी हुई सीख पर अमल करते हैं। संत कबीर कह गए थे, जो जल बाढ़े नाव में, घर में बाढ़े दाम, दोऊ हाथ उलीचिये, यही सयानो काम। सयानापन इनमें भी कम नहीं। सच पूछिए, तो वह कबीर से भी अधिक सयाने हैं।

विज्ञापन


कबीर ने तो यों ही उपदेश दे डाला कि जैसे नाव में पानी इकट्ठा होने पर उसे उलीच दिया जाता है, वैसे ही घर में धन-संपदा की भरमार हो जाने पर उसे दूसरों में बांट देना चाहिए। कबीर की सीख मुझे पर उपदेश कुशल बहुतेरे जैसी लगती है। अरे भाई, उनके पास उलीचने और बांटने के लिए ले- देकर एक करघा ही तो था। उसे भी घर से बाहर उलीच देते, तो दाने-दाने को मोहताज होकर समझ जाते कि भूखे भजन न होय गोपाला। अगर कबीर दूसरों को इकट्ठा संपत्ति दान में देना सिखाना चाहते थे, तो पहले अपने घर में संपत्ति इकट्ठा तो होने देते। फिर लोग देखते कि कितना उलीचते हो गाढ़े पसीने की कमाई को! सुना है कि उनका बेटा कमाल कमाल का आदमी था। डटकर ऐश करता था, उसके रंग-ढंग से दुखी पिता वंश डुबाने के लिए इसीलिए उसे ही जिम्मेदार मानते थे।
विज्ञापन


कुछ वैसे ही कमाल के आदमी मेरे यह मित्र भी हैं। इन्होंने भी घर में संपत्ति इकट्ठा होने के लिए पहले बाहर से अंदर का बहाव बनाए रखने वाला वाल्व खोलकर रखा। अब घर में धन-दौलत का पानी नाक से ऊपर चढ़ता दिखा, तो तुरंत संत कबीर की याद कर माल बाहर उलीचने वाला वाल्व खोल दिया। पैसे उड़ाने की सुविधा के लिए उन्होंने एक-एक काम के लिए कई-कई नौकर रखे हैं और प्रेम से तनख्वाहें बांटते हैं। ड्राइवर को ही लीजिए। लक्जरी कारें उनके पास चार हैं और ड्राइवर पांच हैं। मैंने पूछा पांचवां क्या करेगा, तो वह बोले, गरीब आदमी है। पड़ा रहेगा, तनख्वाह लेता रहेगा। अभी फुटपाथ पर सोता है, सिर पर छत और जेब में पैसे होने का भरोसा मिल जाए, तो क्या पता, कब और किस काम आ जाए!
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed