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एमआई 5
Updated Sun, 26 May 2013 11:35 PM IST
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ब्रिटेन में एक सैनिक की हत्या के बाद वहां की खुफिया एजेंसी एमआई 5 सवालों के घेरे में आ गई है। उसकी इसलिए आलोचना हो रही है कि यदि उसने सावधानी बरती होती, तो हत्या की यह घटना नहीं हुई होती।
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एम आई 5 ब्रिटेन की घरेलू खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसी है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार है। यह गृह सचिव के अधीन काम करती है, लेकिन गृह विभाग का अंग नहीं है।
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इसका प्रमुख ब्रिटिश सिविल सेवा का स्थायी सचिव रैंक का अधिकारी होता है, जिसे महानिदेशक कहा जाता है। फिलहाल इस एजेंसी के महानिदेशक एंड्र्यू पार्कर हैं।
इस एजेंसी को अंतरिम सुरक्षा संगठन, सचिवालय, विधिक परामर्श शाखा एवं सूचना सेवा शाखा का समर्थन हासिल होता है। उप महानिदेशक ऑपरेशन संबंधी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होता है।
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वर्ष 1909 में गठित इस एजेंसी की निगरानी सीधे प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त खुफिया एवं सुरक्षा समिति के सदस्यों द्वारा की जाती है।
संचार आयुक्त एवं खुफिया सेवा आयुक्त द्वारा पाबंदी की स्थिति में इस एजेंसी की न्यायिक निगरानी तहकीकात संबंधी अधिकार रखने वाले ट्रिब्यूनल द्वारा की जाती है।
इसका मुख्यालय लंदन स्थित टेम्स हाउस में है, लेकिन पूरे ब्रिटेन में इसके आठ क्षेत्रीय कार्यालय हैं। इसके अलावा नॉर्दर्न आयरलैंड में भी इसका एक मुख्यालय है।
यह सेवा सात शाखाओं में बंटी है, जिसमें से हरेक का विशिष्ट कार्य है, जिसके तहत आतंकवाद, जासूसी, जनसंहारक हथियारों के प्रसार संबंधी खतरे शामिल हैं।
इस सुरक्षा सेवा में फिलहाल करीब 3,800 लोग काम करते हैं, जिनमें से 41 फीसदी महिलाएं हैं, 56 फीसदी 40 वर्ष से कम उम्र के हैं, आठ फीसदी अश्वेत एवं तीन फीसदी निःशक्त पृष्ठभूमि के हैं।