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मुझे बाबा बन जाने दो!

Wed, 04 Sep 2013 07:23 PM IST
पूरन सरमा
पूरन सरमा Updated Wed, 04 Sep 2013 07:23 PM IST
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let me be baba!

भगवान के प्रति मेरी आस्था में कोई कमी नहीं है। लेकिन पत्नी व बच्चे मुझे बाबा नहीं बनने दे रहे। जब मैं प्याज-टमाटर नहीं खरीद पा रहा, स्कूटर में पेट्रोल नहीं भरवा पा रहा, तो मुझे बाबा बन ही जाना चाहिए। यह अलग बात है कि बाबा बहत्तर साल में भी फिट हैं और मेरी चालीस में ही हवा निकल गई है।

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बाबा लोग मलीदा खा-खाकर मुस्टंडे हो रहे हैं, जबकि बिना एक्स-रे करवाए ही मेरी सारी पसलियां गिनी जा सकती हैं। इसके बावजूद बाबा बनने के सिवा मेरे पास कोई विकल्प नहीं है।
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मैं सारे जहां से अपील करता हूं कि मुझे बाबा बनने से न रोका जाए। खास तौर पर मेरे परिजनों से मेरा आग्रह है कि वे अब मुझे बाबा बनने से न रोकें।

उनकी दलील है कि कोल्हू का बैल कोल्हू में घूमता हुआ ही भला लगता है। बाबा बन जाओगे, तो किसी जेल में पड़े-पड़े सड़ोगे, इससे अच्छा है कि गृहस्थ बने रहकर जीवन के भरपूर आनंद लो।
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पर जीवन में आनंद बचा कहां है? सरकार ने अपनी गलत नीतियों से मुझे लंगोट में ला दिया है। बाजार और महंगाई ने मुझे जार-जार रोने को मजबूर कर दिया है। वेतन में जो रुपया मैं लाता हूं, वह डॉलर के आगे पानी भर रहा है।

कल ही मैंने अपने बेटे को बुलाकर कहा, बेटा, मुझे विदा करो। कहीं भी आश्रम बनाकर गुजर कर लूंगा। एक बार मौका तो दो, बाद में तो व्यारे-न्यारे करके तुम सबको भी वहीं बुला लूंगा। अब इस जीवन में कुछ नहीं धरा है। बाबा लोग बीएमडब्ल्यू में घूम रहे हैं। मैं जिंदगी भर पैदल चलता रहा, अतः मुझे बाबा बन जाने दो।

बेटा बोला, पापा, अगले महीने तक तो आप वैसे भी बाबा बन जाओगे। आपके उस ऊपर वाले की कृपा से पोता या पोती होने वाला है। इसलिए आप यह जिद छोड़ें। बाबाओं की हालत आप देख नहीं रहे? कितनी विकट स्थितियों से वे जूझ रहे हैं। आप बाबागीरी नहीं कर पाएंगे। इतने दिनों तक आपने क्लर्की की है। सूरत से ही भले लगते हैं। आश्रम के लिए जमीन कब्जाना, महिलाओं को एकांत में बुलाना और लोगों को धमकी देना आपके खून में नहीं।


मैं अपने बेटे से सहमत नहीं हूं। आदमी सीखते-सीखते ही तो सीखता है। बीस साल बहुत होते हैं सफल बाबा बनने के लिए। मैंने ठान लिया है। एक दिन मुहूर्त देखकर निकल लूंगा इन्हें बिना बताए। आज ये मुझ पर हंस रहे हैं। कुछ महीनों या वर्षों बाद जब मेरे स्टेटस का इन्हें पता चलेगा, तो ये दौड़े-दौड़े आएंगे।

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