{"_id":"0c7bf39a9c08e3320efd85455fbf26cc","slug":"i-do-not-know-i-examine-the-issue-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुझे नहीं पता, जांच करवाता हूं","category":{"title":"Opinion","title_hn":"नज़रिया ","slug":"opinion"}}
मुझे नहीं पता, जांच करवाता हूं
प्रकाश पुरोहित
Updated Thu, 09 Jul 2015 08:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शोले में गब्बर सिंह रिवॉल्वर की ट्रिगर दबाने से पहले कहता है, हमें कुछ नहीं पता, गोली कहां है! ठीक वैसे ही हमारे सरकारी अफसर और नेता को कुछ पता नहीं होता है। अफसर की मासूमियत पर तो कभी-कभी लाड़ आने लगता है कि ऐसे अबोध को नौकरी पर भेज कौन देता है! किसी सरकार ने किसी अफसर को इसलिए नहीं निकाला कि उसे कुछ पता नहीं था।
विज्ञापन
मेरे शहर में एकाएक आधी रात से पहले ही बाजार बंद होने लगे। कहा गया कि अपराध बढ़ते हैं, अगर सड़कों पर रौनक रहे तो! जब लोगों ने विरोध किया, तो अफसर का जवाब था, अब आप बता रहे हैं कि बाजार बंद करवाए जा रहे हैं, तो मैं जांच करवाता हूं। हमने तो ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है।
विज्ञापन
इस तरह का सफेद-झूठ बोलने के लिए साहस की जरूरत होती है। वह सड़क पर से रोज गुजरता है और यदि कोई पूछ ले कि आठ मंजिला बिल्डिंग अवैध बन रही है, तो उसका जवाब होगा, मैं दिखवाता हूं। वह खुद यह जानने की कोशिश नहीं करता कि तीन दिन में आठ मंजिल कैसे खड़ी हो सकती है!
विज्ञापन
इसमें अफसर का दोष नहीं। वह भला आदमी है, इसलिए मानकर चलता है कि सब कुछ ठीक ही चल रहा होगा। वह हमेशा अच्छा देखने निकलता है, इसीलिए उसके अचानक दौरे की खबर भी पूरे शहर को दो दिन पहले मालूम हो जाती है। जब वह 'अचानक' पहुंचता है, तो सब ठीक हो जाता है। यही तो उसका काम है कि सब कुछ ठीक हो जाए!
लगता है, मसूरी में अफसरों को यही रटाया जाता है, मुझे नहीं पता, जांच करवाता हूं, अर्जी दे दीजिए। मैंने एक अफसर से पूछा, आप ऐसा कैसे कर लेते हैं कि देख रहे हैं और कह देते हैं, मुझे नहीं मालूम।
हमें अपनी आंखों से कुछ नजर नहीं आता। या तो सरकार जो दिखाती है, वह हमें दिखता है, या फाइल जो कहती है, वही हमें सुनाई देता है। अपनी तरफ से कुछ करने से जमीर के जाग उठने का खतरा रहता है। और तुम तो जानते ही हो कि एक बार जमीर जाग गया, तो अफसर किसी सरकार के काम का नहीं रहता। एक साल में तीस तबादले हो जाते हैं।