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सरकार हाजिर है : अभिव्यक्ति की अराजकता के विरुद्ध, देश विरोधी एजेंडा चला रहे यूट्यूब चैनलों पर प्रतिबंध

Fri, 08 Apr 2022 06:34 AM IST
Girish Pankaj गिरीश पंकज
Updated Fri, 08 Apr 2022 06:34 AM IST
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सार
सरकार ने देश विरोधी चैनलों को तो ब्लॉक कर दिया, लेकिन कई ऐसे भारतीय यूट्यूब चैनल हैं, जो अश्लीलता और फूहड़ता परोस रहे हैं, उन पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। अभिव्यक्ति का माध्यम बेशक अभिनय कला के उन्नयन में सहायक हो रहा है, लेकिन अगर यह विकृति की राह दिखाने लगे, तो इन्हें फौरन बंद किया जाना चाहिए।
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Government is present: against the chaos of expression, ban on YouTube channels running anti national agenda
YouTube - फोटो : Pixabay

विस्तार

केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय ने ऐसे बाईस यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक कर दिया है, जो आए दिन देश विरोधी एजेंडे के तहत काम कर रहे थे। इसमें चार चैनल पाकिस्तान के थे। तीन ट्विटर एकाउंट और एक फेसबुक एकाउंट भी था। एक वेबसाइट भी था, जिसे ब्लॉक किया गया। देर से ही सही, लेकिन यह एक उचित कदम था, क्योंकि यूट्यूब जहर उगलने का एक बड़ा माध्यम बना हुआ है। 



जिसके मन में आता है, वह अपना चैनल शुरू करके भड़ास निकालने लगता है। हालांकि इसका सकारात्मक पक्ष भी है कि अनेक बेरोजगारों को इससे कमाई का अवसर मिल रहा है। बहुत से लोग अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए भी यूट्यूब चैनल बना रहे हैं, जो अच्छी बात है। अनेक प्रतिभाओं को यूट्यूब के माध्यम से एक मंच मिला। पर यूट्यूब चैनल के जरिये देश के विरुद्ध विषवमन दुर्भाग्यजनक ही है। 


सूचना मंत्रालय ने जिन यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक किया, वे आए दिन भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर और देश से जुड़े अन्य मामलों के बारे में भ्रामक खबरें प्रसारित कर रहे थे। यहां तक कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी अनर्गल बातें कही जा रही थीं, जिसका नतीजा यह हो सकता था कि रूस या अन्य देशों के साथ हमारे संबंध बिगड़ सकते थे। रूस के साथ शुरू से ही भारत के मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं, इसलिए ऐसे चैनलों को ब्लॉक करना जरूरी हो गया था। 

इन चैनलों की रिकॉर्ड व्यूज संख्या चौंकाने वाली है। लगभग 260 करोड़ व्यूज वाले थे ये चैनल! ऐसे में कल्पना की जा सकती है कि ये चैनल भारत के प्रति कैसा दृष्टिकोण बना रहे थे। इन पर टिप्पणी करने वाले हजारों लोग भारत के विरुद्ध जहर उगल रहे थे। कुछ चैनलों के नाम बड़े रोचक थे, पर उनका काम बहुत खतरनाक था। जैसे एक चैनल का नाम था, सरकारी बाबू। दूसरे का-बोराना समाचार। 

कोई डीजे गुरुकुल, दिन भर की खबरें आदि। ये चैनल न केवल देश का माहौल खराब कर रहे थे, बल्कि देश की छवि भी धूमिल कर रहे थे।  पाकिस्तानी चैनलों का भारत विरोधी एजेंडे के तहत काम करना स्वाभाविक है, क्योंकि वे दुश्मन देश के चैनल हैं। लेकिन भारत का ही कोई यूट्यूबर अगर देश विरोधी बातें करे और निरंतर जहर उगलता रहे, तो यह चिंता की बात है और इसके खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए।

इस तरह की शिकायतें पहले भी होती रही हैं, लेकिन सूचना प्रसारण मंत्रालय ने अब संज्ञान लिया और उन्हें बंद करने का फैसला किया है। निश्चित रूप से यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की अराजकता का मामला है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं कि हम देश के खिलाफ बातें करते रहें। सरकार की नीतियों के विरुद्ध बोलना या उसकी आलोचना करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। 



सरकार ने देश विरोधी चैनलों को तो ब्लॉक कर दिया, लेकिन कई ऐसे भारतीय यूट्यूब चैनल हैं, जो अश्लीलता और फूहड़ता परोस रहे हैं, उन पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। अभिव्यक्ति का माध्यम बेशक अभिनय कला के उन्नयन में सहायक हो रहा है, लेकिन अगर यह विकृति की राह दिखाने लगे, तो इन्हें फौरन बंद किया जाना चाहिए।

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