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डिजिटल संसार: खुद को बदल रहा गूगल, एक बड़े फैसले से साफ है संदेश

मुकुल श्रीवास्तव मुकुल श्रीवास्तव
Updated Wed, 17 Jan 2024 06:39 AM IST
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सार
गूगल द्वारा थर्ड पार्टी कुकीज को समाप्त करने का निर्णय अरबों डॉलर के ऑनलाइन विज्ञापन उद्योग के इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव होगा।
 
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Google decision to block third-party cookies in Chrome big change in online advertising industry History
google chrome - फोटो : GettyImages

विस्तार

गूगल वेब पर अपने उपयोगकर्ताओं को कैसे ट्रैक करता है, इसमें वह कई बड़े बदलाव कर रहा है। इसी कड़ी में गूगल ने एक सीमित परीक्षण शुरू किया है, जिसमें वह अपने क्रोम ब्राउजर का उपयोग करने वाले एक फीसदी लोगों के लिए थर्ड पार्टी कुकीज को प्रतिबंधित करेगा। उल्लेखनीय है कि क्रोम दुनिया भर में सबसे ज्यादा लोकप्रिय ब्राउजर है। इस वर्ष के अंत तक गूगल का इरादा है कि वह सभी क्रोम उपयोगकर्ताओं के लिए थर्ड पार्टी कुकीज को समाप्त कर देगा। विश्व के 600 अरब डॉलर वार्षिक ऑनलाइन विज्ञापन उद्योग के इतिहास में यह सबसे बड़े बदलावों में से एक होगा।



नब्बे के दशक में कंप्यूटर इंटरनेट की दुनिया में एक छोटी-सी पहल ने लोगों के वेबसाइट इस्तेमाल के अनुभव को उल्लेखनीय तरीके से बदल दिया और इसका श्रेय जाता है नेटवर्क इंजीनियर लू मोंटुल्ली को, जिन्होंने एचटीटीपी कुकी का आविष्कार किया। इस कुकी द्वारा ही हमारा वेबसाइट अनुभव नियंत्रित्र होता है। कुकीज को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है,  जैसे अति आवश्यक कुकीज, वर्किंग कुकीज, फर्स्ट पार्टी कुकीज, सेकेंड पार्टी कुकीज तथा थर्ड पार्टी कुकीज आदि। वर्तमान में गूगल द्वारा थर्ड पार्टी कुकीज का सपोर्ट बंद किया जा रहा है, जिससे ऑनलाइन विज्ञापन के बाजार में बड़ी हलचल मची हुई है। सामान्य तौर पर कुकीज ऑनलाइन वेबसाइट पर हमारी गतिविधियां ट्रैक करती हैं और उन गतिविधियों  से कुकीज देने वाली वेबसाइट को अवगत कराती हैं। मान लीजिए, मुझे हिंदी में वेबसाइट देखनी है, और मैंने भाषा हिंदी चुनी, तो यह गतिविधि वेबसाइट प्रदाता कंपनी को कुकीज के माध्यम से पता चल जाती है और अगली बार जब हम उस वेबसाइट पर जाते हैं, तो हमें भाषा का चुनाव नहीं करना पड़ता।


महत्वपूर्ण है कि ऑनलाइन विज्ञापन का बड़ा बाजार इसी बात पर टिका है कि उपभोक्ता क्या चाहता है और यहीं से उपभोक्ता का ब्राउजिंग डाटा महत्वपूर्ण हो जाता है। सवाल उठता है कि फिर थर्ड पार्टी कुकीज बंद होने पर इतना हंगामा क्यों हो रहा है, तो उसका कारण यह है कि थर्ड पार्टी कुकीज प्रायः वेबसाइट सेवा प्रदाता के अनुबंध के कारण किसी अन्य सेवा प्रदाता द्वारा प्रदान की जाती है, जो हमारे अनुभव से इतर यह रिकॉर्ड करती है कि हम वेबसाइट या ऑनलाइन क्या कर रहे हैं। अगर इसे ऐसे समझें कि हमने गूगल पर जूते सर्च किए और उसके बाद हम किसी अन्य वेबसाइट पर जाते हैं, तो वहां भी हमें जूते के विज्ञापन दिखने लगते हैं, जो थर्ड पार्टी कुकीज द्वारा दी गई सूचना के कारण होता है।

अब लोग अपनी निजता के प्रति बहुत जागरूक हुए हैं और उपभोक्ताओं की मांग का सम्मान करते हुए गूगल ने थर्ड पार्टी कुकीज का प्रयोग चरणबद्ध तरीके से बंद करना शुरू कर दिया है। हालांकि गूगल का यह प्रयास पहले केवल क्रोम उपयोगकर्ताओं के एक हिस्से  को प्रभावित करेगा, पर अंततः इसका नतीजा यह हो सकता है कि अरबों इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को कम विज्ञापन दिखाई देंगे, जो उनकी ऑनलाइन ब्राउजिंग आदतों से काफी मेल खाते हैं। पिछले दशक के अंत में मोजिला के फायरफॉक्स और एप्पल के सफारी ब्राउजर ने लोगों की निजता और गोपनीयता चिंताओं के कारण कुकीज को ट्रैक करने पर सीमाएं लगानी शुरू कर दी थीं।

गूगल ने 2020 में उन्हें क्रोम से हटाने की योजना बनाई, पर विज्ञापन उद्योग और गोपनीयता के समर्थकों की चिंताएं दूर करने के लिए इस प्रक्रिया में कई बार देरी हुई। और गेट ऐप की एक रिपोर्ट के अनुसार, 41 प्रतिशत सेवा प्रदाताओं की सबसे बड़ी चुनौती सही डाटा को ट्रैक करना होगा, वहीं 44 फीसदी  सेवा प्रदाताओं को लगता है कि उन्हें अपना व्यावसायिक लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अपनी लागत को पांच प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक बढ़ाना पड़ सकता है। हालांकि उपभोक्ताओं की निजता के लिए यह कोई बहुत बड़ी राहत नहीं है, क्योंकि अधिकतर सेवा प्रदाता अब ऐप का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं, जिससे उन्हें ज्यादा सटीक और ज्यादा व्यक्तिगत सूचनाएं प्राप्त होंगी।

दुनिया भर के देश गोपनीयता कानून अब कुकी प्रयोग और उस पर सहमति संबंधी प्रावधान जोड़ रहे हैं, ताकि बिना सहमति के सूचनाएं साझा न हो और गोपनीयता बरकरार रहे। गूगल का ये प्रयास निजी सूचना आधारित व्यवसायों पर न केवल दूरगामी प्रभाव डालेगा, बल्कि ऑनलाइन विज्ञापन के नए-नए तरीके भी ईजाद करेगा।

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