फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Opinion ›   god in every creature

सभी जीवों में ईश्वर को देखें

Tue, 15 Oct 2013 06:09 PM IST
शिवकुमार गोयल
शिवकुमार गोयल Updated Tue, 15 Oct 2013 06:09 PM IST
विज्ञापन
god in every creature

स्वामी रामकृष्ण परमहंस निश्छल हृदय के साधक संत थे। वह सभी संप्रदायों के अवतारों और देवी-देवताओं को एक ही भगवान का रूप मानते थे।

विज्ञापन


एक दिन वह कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में बैठे हुए थे। किसी व्यक्ति ने दरिद्र से दिखने वाले एक युवक को पास आते देखकर झिड़क दिया। स्वामी रामकृष्ण ने खड़े होकर उस व्यक्ति को प्रणाम किया और झिड़कने वाले से बोले, अरे, किसी के प्रति अपशब्द कहना अधर्म है। यह भोला व्यक्ति गया की फल्गु नदी के समान है। ऊपर से तो फल्गु नदी के तट पर बालू ही दिखाई पड़ता है, पर नीचे पवित्र जल की धारा बहती रहती है। इस भोले, निश्छल और दरिद्र व्यक्ति के हृदय में मेरे इष्टदेव साक्षात विराजमान हैं।

एक व्यक्ति रामकृष्ण परमहंस के सत्संग के लिए आया। उसने पूछा, बाबा, मैं कई वर्षों से पूजा-उपासना करता आ रहा हूं, लेकिन ईश्वर की प्राप्ति नहीं हो पाई। क्या गृहस्थी छोड़ साधु बन जाऊं?
विज्ञापन


स्वामी जी ने कहा, कलियुग में लोगों के लिए भक्ति और प्रेम का पथ ही सुगम है। गृहस्थी में रहते हुए भी शुद्ध अंतःकरण के लिए भगवन्नाम का जप तो करना चाहिए, प्रतिदिन अपंग, बीमार और दरिद्र की सेवा भी करनी चाहिए। प्रत्येक प्राणी में भगवान के दर्शन करने का अभ्यास करो, तुम अनंत सुख की अनुभूति करने लगोगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिज्ञासु की समस्या का समाधान हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed