फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Opinion ›   Do you buy onion

क्या आप प्याज खरीद रहे हैं

Wed, 25 Sep 2013 07:53 PM IST
योगेंद्र शर्मा
योगेंद्र शर्मा Updated Wed, 25 Sep 2013 07:53 PM IST
विज्ञापन
Do you buy onion

वे दिन हवा हुए, जब सिर पर ताज होने के कारण बैगन को लोग सब्जियों का राजा कहते थे। अब तो परत दर परत उघाड़ देने वाले प्याज का जमाना है। पिछले एक-डेढ़ दशक में इस सब्जी ने पहलवानों तक को रुलाया है और सरकारों की कुर्सियां हिला दी है। अब तो इस पर सट्टे लग रहे हैं कि प्याज अस्सी पर अटका रहेगा या शतक लगाएगा, और वैसी स्थिति में सरकार रहेगी या जाएगी। कभी गरीब-गुरबा बेचारा, किस्मत का मारा प्याज की एक गांठ पर मुट्ठी मार मोटी-मोटी रोटियां खैंच लेता था, साथ में चुंगी के नल से पानी पी लेता था, ताकि खाया-पीया नीचे सरक जाए। लेकिन इस जमाने में यह भी मुंगेरी लाल का हसीन सपना हो गया है।

विज्ञापन


आज प्याज है सब्जियों का सरदार। उसकी महिमा है अपरंपार। इस कलिकाल में चमत्कार को नमस्कार है। हर बड़ा आदमी, हर रहनुमा, प्याज जैसे व्यक्तित्व का किरदार है। भैया, पर्त दर पर्त उघाड़ते जाइए, अंसुवन धार बहाते जाइए। किसी सफल व्यक्ति का मुखौटा उघाड़िए, तो दूसरा मिलेगा, फिर तीसरा मिलेगा, और अंत में ठेंगा, अर्थात महाशू्न्य। यानी परम ब्रह्म। आज प्याज की पतंग इतनी ऊंची उड़ रही है कि यह कहीं अदृश्य ही न हो जाए, इस भय से आप दो किलो प्याज खरीदने की हिम्मत कर जाते हैं। लेकिन सावधान, सरकारी दुकान की लाइन में आप प्याज खरीदने के लिए तीन घंटे से खड़े हैं, तो बॉस आपसे आधे दिन के आकस्मिक अवकाश का आवेदन मांग लेगा। ऐसे में, भलाई इसी में है कि आप बॉस के लिए भी तीन किलो प्याज खरीद लें।
विज्ञापन


परंतु ध्यान रहे कि इस दौर-ए-महंगाई में एकमुश्त पांच किलो प्याज खरीदने वाला आयकर वालों की चपेट में आ सकता है। कई उधार मंगतू दोस्त मोटे उधार की प्रार्थना कर सकते हैं। अगर अपनी बिटिया के रिश्ते के लिए जाएं, और यह खबर जंगल की आग-सी वहां भी पहुंच गई हो, तो आपके भावी संबंधी कहेंगे, श्रीमान, कन्या के विवाह हेतु अपना संकल्प स्पष्ट करें। यदि आप प्रत्युत्तर में रिरियाए, तो वह ऐंठ जाएंगे, इस भरी महंगाई में पांच-पांच किलो प्याज खरीदते हैं और गरीबी रेखा के नीचे होने का ढोंग करते हैं! पांच किलो प्याज का खरीदार खुद एक खबर है। क्या पता, कल को पेज थ्री में ऐसे ही धनवान लोगों की तस्वीरें छपनी शुरू हो जाए। यही स्थिति रही, तो भविष्य में समझदार माता-पिता अपने पुत्र का नाम प्याज कुमार और पुत्री का कुमारी प्याजी रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed