फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Opinion ›   diwali gift for aam aadmi

'मैंगो मैन' को दीपावली का गिफ्ट

Mon, 05 Nov 2012 10:57 AM IST
अशोक सण्ड
अशोक सण्ड Updated Mon, 05 Nov 2012 10:57 AM IST
विज्ञापन
diwali gift for aam aadmi

आते ही उन्होंने पूछा, इस दीपावली पर क्या दिला रहे हैं भाभी जी को? मुझ गरीब की जोरू को अपनी भौजाई बनाने वाले देवर से मैंने भी पूछ लिया, 'आप क्या दिला रहे हैं?'

विज्ञापन


वाइफ कार के लिए दबाव डाल रही हैं, लेकिन डिसाइड नहीं किया है। गर्व मिश्रित कुटिल मुस्कान के साथ उन्होंने जवाब दिया। साथ ही यह सूचित भी किया कि जिस गाड़ी को वह पसंद कर रहे हैं, उसका एवरेज कम है और जिसका एवरेज अधिक है, वह उनकी आर्थिक क्षमता को आंदोलित कर रही है। पिछली दीपावली पर दीवाल में लगाने वाला महंगा सपाट टीवी लिया था उन्होंने।
विज्ञापन


दीपावली सिर पर है, हर शख्स चादर से बाहर पांव पसारेगा। बुजुर्ग फरमा गए हैं कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है। दिमाग इन दिनों अपना भी खाली है। सब सुख लहै तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू को डरना के जाप-वश अभी तक किसी शैतान ने इस खाली स्पेस में डेरा नहीं जमाया। दिमाग के साथ जेब भी खाली। रुपये की नैया डूबनी ही है। डिस्काउंट और सेल के वेष में विचरते स्वर्ण-मृगों को पकड़ने की फरमाइश से ‘धन-हरण’अवश्यंभावी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लक्ष्मी के स्वागत के लिए सभी अपनी औकात से ज्यादा खर्च कर दिवांध बनने की चेष्टा में हैं। कभी इसी पर्व पर एक उद्योगपति ने अपनी वाइफ को करोड़ों का जहाज गिफ्ट किया था। (केजरीवाल जी याद करें) प्राथमिक आवश्यकताओं से निपटते गृहलक्ष्मी के साथ यह छत्तीसवीं दीवाली होगी, एक सेकंड हैंड कार गिफ्ट करने लायक तक लक्ष्मी टिक नहीं सकी बंदे के पास। बाप दादा के जमाने में तीज-त्यौहार आपसी चर्चा में ही निपट जाते। अतिशयता और आडंबर घर की चहारदीवारी या मोहल्ले तक ही सिमटे रहते।

पत्रों और पंचांगों में स्थिर रहने वाले त्यौहार अब अखबार और टीवी में हुल्लड़ मचाते रहते हैं। पड़ोसी भी जान लेते हैं हैसियत। खाली दिमाग सोच रहा है कि लक्ष्मी फिर कब धार्मिकता के साथ पूजी जाएगी ? नव-कुबेर कब तक पटाखों पर पैसे फूंकते रहेंगे? डिफरेंट वैरायटियों के गिफ्ट सहेजने में समरथ टाइप के लोगों के घर छोटे पड़ जाते है दीपावली पर। नसीब अपना-अपना!


एनी वे, दो वक्त की रोटी के जुगाड़ में सातवां सिलिंडर अफोर्ड करने वालों के साथ ही बत्तीस रुपये में बसर करने वाले ‘मैंगो-मैन’ को भी एडवांस में हैप्पी दीपावली। ‘शुभ’ सरकार का और सरकार को ही ‘लाभ'।  

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed