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दीवार के पार

Sat, 04 Oct 2014 08:33 PM IST
रामकुमार आत्रेय
रामकुमार आत्रेय Updated Sat, 04 Oct 2014 08:33 PM IST
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deewar ke par kavita
ईंट-पत्थर की जिस दीवार को
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गिराने के लिए  
एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हो
इस दीवार के पार
एक और बहुत मजबूत दीवार है
जिसे देखा नहीं जा सकता
सिर्फ महसूस किया जा सकता है
उस दीवार को यदि तुम गिरा दोगे
यह दीवार तो अपने आप गिर जाएगी
जी हां

हर दीवार के पार
एक और दीवार होती है
जो कहीं अधिक खतरनाक होती है।
---

आश्चर्य की बात

मेरे सामने
एक बहुत मजबूत दरवाजा था
दरवाजे के आर-पार लोग
आ-जा रहे थे
हंसते-बतियाते हुए
आश्चर्य की बात तो यह थी
कि दरवाजा बिल्कुल बंद था
और लोगों के चेहरों पर दरवाजे के बंद होने का
जरा-सा भी
अहसास नहीं था।
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