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उड़ते मुनीर: भारत को पाकिस्तानी मिसाइलों और परमाणु हमले की धमकी देना हास्यास्पद, अमेरिका की चुप्पी खतरनाक
Tue, 12 Aug 2025 05:49 AM IST
ज्योति भास्कर
अमर उजाला, नई दिल्ली।
अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 12 Aug 2025 05:49 AM IST
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पाकिस्तानी सेना के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल)
- फोटो :
एएनआई
विस्तार
ऑपरेशन सिंदूर में मुंह की खाने के बाद अब अगर पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर अमेरिका की धरती से भारत को धमकी दे रहे हैं, तो इसे हास्यास्पद नहीं, तो क्या कहा जाए? यह सही है कि काफी अरसे के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान की ओर बांहें पसारी हैं, लेकिन इसका यह अर्थ तो नहीं कि मुनीर आसमान में उड़ने लगें।
फ्लोरिडा में पाकिस्तानी प्रवासियों को संबोधित करते हुए कथित तौर पर जब वह कहते हैं कि अगर भारत ने सिंधु नदी पर बांध बनाया, तो पाकिस्तान उसे मिसाइलों से उड़ा देगा, या फिर यह कि अगर पाकिस्तान को लगेगा कि वह डूब रहा है, तो वह आधी दुनिया को अपने साथ ले जाएगा, तो इसका क्या अर्थ निकाला जाए! दरअसल, मुनीर ने एक बार फिर वही काम किया है, जिसमें वह माहिर हैं।
वह एक विफल इस्लामी गणराज्य के सर्वोच्च सैन्य अधिकारी के रूप में अपनी स्थिति को सुरक्षित करने के लिए भारत के प्रति घृणा से भरे बयानों का सहारा ले रहे हैं। मजे की बात तो यह है कि ऐसा करते हुए वह खुद भारत की तुलना मर्सिडीज बेंज से और पाकिस्तान की तुलना कचरे के ट्रक से करके परोक्ष रूप से भारत की तारीफ ही कर रहे हैं।
गीदड़भभकियां देना वैसे तो पाकिस्तान की फितरत है, लेकिन दो महीने में अपनी दूसरी अमेरिकी यात्रा पर अमेरिका की धरती से मुनीर की धमकियों के निहितार्थ स्पष्ट हैं। खासकर तब, जब अमेरिका-पाकिस्तान के बीच संबंध मधुर हो रहे हैं, वाशिंगटन इस्लामाबाद को एक ‘अभूतपूर्व साझेदार’ बता रहा है और ट्रंप सरकार पाकिस्तान के नगण्य ऊर्जा भंडार का दोहन करने पर विचार कर रही है।
वह भारत को साफ संदेश देना चाहते हैं कि अब अमेरिका का हाथ उनके सिर पर है। एक गैर-जिम्मेदार राष्ट्र के सैन्य प्रमुख होने के नाते उनका यह भूलना चौंकाता नहीं कि उनकी यह धमकी उस दिन आई, जब दुनिया 1945 में नागासाकी पर अमेरिका द्वारा परमाणु बम गिराए जाने की 80वीं वर्षगांठ मना रही थी। ऐसे में, पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए भारत की यह चिंता निर्मूल नहीं है कि वहां मानवता का नाश करने वाले इन हथियारों के आतंकियों तक पहुंचने की पूरी आशंका है।
हालांकि पाकिस्तान को दिए गए मुंहतोड़ जवाब में भारत ने अमेरिका को मित्र देश ही कहा है, इसके बावजूद पिछले कुछ महीनों से अमेरिका ने जिस तरह का दोहरा रवैया दिखाया है, उससे उसके आतंकवाद के खिलाफ रुख की विश्वसनीयता पर तो आघात लगा ही है, पाकिस्तान में आतंकवाद के नए सिरे से उभरने की आशंका भी पैदा हुई है।