विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: विवियन ली और ‘गॉन विथ द विन्ड’
थ्री-स्ट्रिप टेक्नीकलर में बनी ‘गॉन विथ द विन्ड’ मूल रूप से छ: घंटे की बनी थी, जिसे काट कर करीब चार घंटे का रखा गया। महामंदी के दौर में निर्माता ने 3,9000,000 डॉलर लगाए थे और पूरा पैसा वसूल हुआ। दर्शकों तथा आलोचकों ने इसे सर-आंखों पर बैठाया।
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विस्तार
आपने आठ ऑस्कर से नवाजी 1939 की फ़िल्म ‘गॉन विथ द विन्ड’ देखी है, तो दो डॉयलॉग आप कभी नहीं भुला सकते हैं। डॉयलॉग हैं, ‘फ़्रैन्कली, माई डियर, आई डोन्ट गिव अ डैम’ तथा ‘टुमारो इज़ अनादर डे’। सर्वोत्तम फ़िल्म, सर्वोत्तम निर्देशक (विक्टर फ़्लेमिंग), सर्वोत्तम नायिका (विवियन ली), सर्वोत्तम स्क्रीनप्ले (सिडनी हॉवर्ड), सर्वोत्तम सहायक अभिनेत्री (हेट्टी मैक्डैनियल), सर्वोत्तम सिनेमाटोग्राफ़ी (अर्नेस्ट हालर तथा रे रेनहान), सर्वोत्तम संपादन (केर्न एवं न्यूकार्न), सर्वोत्तम कला निर्देशन (व्हीलर) के अलावा विलियम कैमरॉन मेन्ज़िएस को ऑनरेरी ऑस्कर प्राप्त हुआ।
हॉलीवुड की कला और तकनीकि का एक सर्वोत्तम उदाहरण ‘गॉन विथ द विन्ड’ फ़िल्म के नाम कई प्रथम जुड़े हैं। किसी अफ़्रो-अमेरिकन सिने-कलाकार को मिलने वाला यह पहला ऑस्कर था। मैमी के रूप में अफ़्रो-अमेरिकन हेट्टी मैक्डैनियल ने अपनी भूमिका इस खूबसूरती से निभाई और फ़िल्म को मिले आठ ऑस्कर में से एक उसके नाम रहा।
कलर फ़ोटोग्राफ़ी के लिए ऑस्कर उस साल प्रारंभ होने वाला विशेष पुरस्कार था। अकादमी पुरस्कार पाने वाली विवियन ली पहली ब्रिटिश अभिनेत्री है। विवियन ली उस समय मात्र 26 साल की युवती थी।
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भारत में जन्मीं विवियन ली
बहुत कम लोगों को ज्ञात होगा कि ब्रिटेन से आकर हॉलीवुड में छा जाने वाली इस खूबसूरत अभिनेत्री का जन्म 5 नवम्बर 1913 को भारत के दार्जिलिंग में हुआ था। उसका बचपन भारत में गुजरा था। विवियन के माता-पिता प्रथम विश्वयुद्ध बाद इंग्लैंड लौट सके। विवियन, जिसे इंग्लिश पिता अर्नेस्ट रिचर्ड हार्टले प्यार से विवलिंग (विवियन + डार्लिंग) कहते थे, छ: साल की उम्र में इंग्लैंड गई। माँ गर्ट्रुड मेरी की विरासत फ़्रेंच तथा आइरिश थी।
लेस्ली हॉवर्ड उसका पसंददीदा अभिनेता थे और इसी का नतीजा हुआ कि उसी की शक्लोसूरत के एक इंग्लिश बैरिस्टर हर्बर्ट ली होलमैन से विवियन ने 19 साल की उम्र में 20 दिसम्बर 1932 को शादी कर ली। हालांकि दोनों का 19 फरवरी 1940 को तलाक हो गया पर विवियन जिसने उसके बीच के नाम ‘ली’ को अपना लिया था, अंत तक उसी नाम का प्रयोग करती रही। दोनों की सुजैन नाम की एक बेटी हुई।
विवियन मंच पर सक्रिय थी और लॉरेंस ओलिवियर उस समय का इंग्लैंड के मंच का नामी अभिनेता था। दोनों एक फ़िल्म में साथ काम कर रहे थे और प्यार में पड़ गए। अमेरिका आने से पहले उसने ‘थिंग्स आर लुकिंग अप’, ‘द विलेज स्कॉयर’, ‘लुक अप एंड लाफ़’, ‘जेंटलमैन’स एग्रीमेंट’ नामक कुछ इंग्लिश फ़िल्मों में भूमिकाएं की थीं। ‘वदरिंग हाइट्स’ में हीथक्लिफ़ की भूमिका के लिए लॉरेंस ओलिवियर हॉलीवुड आए तो विवियन्न भी अपने प्रेमी से मिलने अमेरिका पहुंची और उसकी जिंदगी बदल गई।
एक नायिका की खोज पर उस मंदी के जमाने में 100,000 डॉलर खर्च किए थे और करीब 1,400 लड़कियों का साक्षात्कार लिया गया, 30 अभिनेत्रियों को परखा गया। आखिर में सेलज़्निक ने दो को छांटा, पाउलेट गोदार्द और विवियन ली। उसके पब्लिसिटी मैनेजर ने सलाह कि पाउलेट गोदार्द को नहीं लेना है, कारण बताया कि पाउलेट ने चार्ली चैप्लिन से विवाह किया है और इस कारण काफ़ी बदनाम हो गई है।
कुछ संयोग ही था कि बची केवल विवियन ली। कैथरीन हैबर्न, मिरियम होप्किन, सूसन हेवार्ड, लाना टर्नर, जीन ऑर्थर, नोर्मा सीरेर, लुसिल बॉल और न जाने किस-किस ने ऑडिशन दिया, मगर बाजी मारी ले गई विवियन ली। वैसे उस समय विवियन ली का भी लॉरेंस ओलिवियर के साथ चक्कर चल रहा था। दोनों के वैवाहिक साथियों ने तलाक देने से इंकार कर दिया था मगर ये दोनों संग रह रहे थे और सुर्खियों में थे।
‘गॉन विथ द विन्ड’ की लोकप्रियता
थ्री-स्ट्रिप टेक्नीकलर में बनी ‘गॉन विथ द विन्ड’ मूल रूप से छ: घंटे की बनी थी, जिसे काट कर करीब चार घंटे का रखा गया। महामंदी के दौर में निर्माता ने 3,9000,000 डॉलर लगाए थे और पूरा पैसा वसूल हुआ। दर्शकों तथा आलोचकों ने इसे सर-आंखों पर बैठाया। 2,400 एक्स्ट्रा थे जिनमें से 50 के हिस्से में बोलना शामिल था। 1998 में फ़िल्म की साठवीं वर्षगांठ पर इसे रिस्टोरेशन के साथ रिलीज किया गया, इसके पहले इसे चार बार (1954, 1961, 1967 एवं 1989) और रिलीज किया गया, हर संस्करण लाजवाब है।
जब यह फ़िल्म तहलका मचा रही थी, तभी लॉरेंस तथा विवियन ने 1940 में शादी कर ली। इसी साल विवियन ने दो और फिल्में, ‘वाटर्लू ब्रिज’ तथा 21 डेज टूगेदर’ की। मगर कोई ‘गॉन विथ द विन्ड’ को न छू सकी। अगले साल 1941 में विवियन और लॉरेंस दोनों ‘दैट हेमिल्टन वूमन’ में साथ थे। विवियन ने ‘आना केरेनीना’, ‘सीजर एंड क्लिओपेट्रा, ‘स्ट्रॉम इन टीकप’ आदि फ़िल्मों में काम किया। मगर वह इनसे अधिक जानी जाती है, फ़िल्म ‘ए स्ट्रीटकार नेम्ड डिजायर’ (1951) के लिए। इस बार क्लार्क गैबल नहीं उसके सह- अभिनेता थे मार्लोन ब्रान्डो।
इस फ़िल्म ने उसे उसका दूसरा ऑस्कर दिलाया। जब ऑस्कार समारोह में पुरस्कार दिया जा रहा था तो कैमरा उसके चेहरे पर केंद्रित था। डिजिटल का आगमन हो चुका था, उसके कमाल से कैमरा बार-बार 26 साल के चेहरे पर 38 साल के चेहरे को इम्पोज कर रहा था और दोनों की खूबसूरती दर्शकों को चकाचौंध कर रही थी। इसके लिए उसे बाफ़्टा भी मिला। इसके बाद उसने बहुत कम फिल्में कीं।
कम फ़िल्में करने का एक कारण निजी जीवन की उथल-पुथल थी। भयंकर धूम्रपान करने वाली (एक दिन में चार पैकेट सिगरेट) विवियन इकलौती संतान होने के कारण बचपन में बहुत अकेली थी। स्कूल में उसकी केवल एक सहेली थी, दूसरी सहेली एक बिल्ली थी। दो बार उसका गर्भपात हुआ।
‘गॉन विथ द विन्ड से पहले उसे टीबी हो चुकी थी, इसके बावजूद उसने बेहतरीन अभिनय किया और ऑस्कर पाया। बहुत पहले से वह मैनिक डिप्रेसिव थी। जल्द ही लॉरेन्स का किसी और से अफ़ेयर शुरू हो गया था। विवियन पर फ़िर आती हूं। अभी थोड़ा-सा ‘गॉन विथ द विन्ड’ देख लिया जाए।
फिल्म के अविस्मरणीय दृश्य
इस फ़िल्म के कुछ दृश्य अविस्मरणीय हैं। सबसे अधिक प्रभावित करता है जलता हुआ अटलांट, सड़क पर मरते लोग, और अपने घर, अपनी जमीन तारा की ओर घोड़ा गाड़ी में पलायन करती स्कारलेट। स्कारलेट से दूर जाता कैमरा पूरे परदे को भग्न लोकेल में बदल देता है, जहां तक नजर जाती है, बस उजाड़-ही-उजाड़ नजर आता है।
इसी तरह फ़िल्म की भव्यता के लिए एक शुरुआती दृश्य लिया जा सकता है जहां स्कारलेट (विवियन ली) और उसका पिता जमीन देख रहे हैं, कैमरा पीछे हटता जाता है और अंत में परदे पर केवल दो छायाएं और एक पेड़ और उनके पीछे बस जमीन-ही-जमीन नजर आती है।
एक और इसी तरह का दृश्य है, अटलांटा को खाली कराने वाले दृश्य में ढ़ेरों एक्स्ट्रा के बीच कैमरा घूमता है, लेकिन एक पल को भी उसकी आंख स्कारलेट ओ’हरा (विवियन ली) पर से नहीं हटती है। सारे समय मैक्स स्टेनर का संगीत विजुअल्स से तालमेल बैठाए हुए है।
ब्रिटिश नागरिक विवियन ली की अंतिम फ़िल्म ‘शिप ऑफ़ फ़ूल्स’ थी। क्लासिकल हॉलीवुड सिनेमा की 16वीं महान स्टार 8 जुलाई 1967 को टीबी के कारण जिंदगी की जंग हार गई।
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