बॉलीवुड में छाया बंगभूमि की दिलकश आवाज का जादू
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जिंदगी में कभी-कभी आपकी लाख कोशिश भी मुकाम नहीं दिला पाती। लेकिन कभी मंजिल आराम से मिल जाती है। उसके लिए कोई अतिरक्त प्रयास भी नहीं करने पड़ते। हर इंसान की कामयाबी के पीछे एक भगवान छुपा होता है। वह चाहे इंसान के रुप में ही क्यों न हो। इसलिए जिंदगी में रियाज और प्रयास को कभी अलबिदा मत कहिए। पश्चिम बंगाल के रानाघाट की रानू मंडल आज गूगल और इंटरनेट दुनिया की स्टार बन गई हैं।
फिल्मी दुनिया में उसका जादू संगीतकारों के सिर चढ़ बोल रहा है। गुमनान-सी जिंदगी जिने वाली रानू विकिपीडिया में बतौर भारतीय संगीतकार दर्ज हो गई हैं। एक बेहद गरीब परिवार की महिला अपनी आवाज की बुलंदियों की बदौलत सिनेमाई दुनिया में तहलका मचा दिया है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि बॉलीवुड का हर नामचीन संगीतकार उसके साथ अपनी आवाज देना चाहता है। स्वर कोकिला लता मंगेशकर के गाए गीत 'एक प्यार का नगमा है' से रानू बुलंदियों पर पहुंची।
कभी वह यही गीत गाकर रानाघाट रेलवे स्टेश पर दो वक्त के लिए रोजी-रोटी तलाशती थीं। कहते हैं वक्त बदलते देर नहीं लगती। जिंदगी बदलने में सबसे बड़ा हाथ ईश्वर का है। लेकिन असली भाग्य विधाता तो धरती का भगवान साफ्टवेयर इंजीनियर यतींद्र चक्रवर्ती है जिसने उसका वीडियो वायरल कर सिनेमाई जगत के नामचीन हस्ताक्षर हिमेश रेशमिया तक पहुंचाया दिया।
हिमेश रेशमिया बॉलीवुड की नामचीन हस्तियों में शुमार हैं। हिंदी फिल्मों में आज उनके गीत और संगीत का जलवा है। सोशल मीडिया पर रानू मंडल का वायरल हुआ वीडियो हिमेश को इतना भाया कि उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म हैप्पी हार्डी और हीर के लिए दो गाने भी रानू की आवाज में गवाए। जिसकी वजह से उसकी ख्याति और बढ़ गई। हिमेश की तरफ से लांच किए जाने के बाद अब पूरा बॉलीवुड उसे हाथों-हाथ लेना चाहता है।
संगीतकार ए रहमान और सोनू निगम भी उसके साथ गाना चाहते हैं। इसी को कहते हैं तकदीर। उसकी जिंदगी पर मुझे मशहूर शायर वशीर बद्र जी का वह शेर याद आता है-' कभी मैं अपने हाथों की लकीरों से नहीं उलझा। मुझे मालूम है किस्मत का लिखा भी बदलता है।' जो रानू की जिंदगी पर फिट बैठता है। हाथ की सारी लकीरें कभी मिटने के बाद उग आती हैं। शायद रानू मंडल के साथ भी यही हुआ। हालांकि बॉलीवुड की दुनिया में उसका कैरियार बहुत लंबा नहीं है क्योंकि रानू जिंदगी के 60 वें मोड़ पर पहुंच चुकी है।
वह 1960 में पैदा हुई। उसने कहा भी है कि उसकी जिंदगी में इतने मोड़ हैं जिस पर पूरी फिल्म बन सकती है। रानू जब छह माह की थीं तभी उसका साथ माता-पिता से छूट गया। दादी ने किसी तरफ पालन पोषण किया। बाद में उसने अपनी शादी बॉलीवुड स्टार फिरोज खान के रसोइये बाबू मंडल से कर लिया। जिसके बाद वह मुंबई चली आयी। लेकिन इस शादी के बाद से रानू के जीवन का संघर्ष शुरु हो गया। परिवार में दरार बढ़ने लगी। बाद में पति की मौत हो गई और जिंदगी चलाने के लिए उसने रानाघाट रेलवे स्टेशन को नया ठिकाना बना लिया। स्टेशन पर रफी साहब के गीत जिसे लता मंगेशकर ने स्वर दिया था। फिल्मी दुनिया का सदाबहार गीत एक प्यार नगमा है को गाकर आजीतिका चलाने लगी। उसी नगमें ने उसे नगमा बना दिया।
रानू मंडल की आवाज में गजब की कशिश है। जिस आवाज को अब तक कोई नहीं पढ़ पाया था। उसे यतींद्र चक्रवर्ती ने पढ़ा और वीडियो शूट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिस पर हिमेश रेशमिया के साथ कई नामचीन हस्तियों की निगाह पड़ी। लेकिन कहते हैं हीरे की पहचान जौहरी ही करता है। आखिर हिमेश सबसे पहले बाजी मार ले गए। हिमेश के साथ गाए रानू के वीडियो इतने वायरल हुए कि वह वालीवुड की स्टार संगीतकार बन गई।
जबकि उसका भाग्य विधाता यतींद्र चक्रवर्ती अब रानू का मैनेजर है। रानू के पास एक बेटी भी है, लेकिन मां के दिन जब गर्दिश में थे तो उसने भी किनारा कर लिया था। अब तो उसकी जिंदगी और तकदीर की तस्वीर बदल गई है। अब रानू के लाखों चाहने वाले हो गए हैं। जबकि अभी तक उसे कोई पहचानता तक नहीं था। आज उसकी आवाज की कीमत करोड़ों में हो गई है।
पूरा बॉलीवुड उसे हाथों पर लिए फिर रहा है। हालांकि रानू की उम्र और पढ़ाई-लिखाई भी कामकाज में बांधा बन सकती है। लेकिन यतींद्र सबकुछ संभाल लेगा। क्योंकि रानू के साथ अब उसका भी भविष्य जुड़ गया है। फिल्मी दुनिया में रानू की सफलता का रास्ता हिमेश ने खोल दिया है। आइडियल सीजन-10 के विजेता सलमान अली ने भी उसके साथ एक गीत गाया है। वह भी सोशल मीडिया में खूब धमाल मचा रहा है।
अब तक उसे करोड़ों लोग देख चुके हैं। टीवी शो सुपर स्टार सिंगर के जजों से मिलने के बाद उसका गाया गीत भी तेजी से वायरल हो रहा है। दुनिया भर में उसकी पहचान एक भारतीय संगीतकार के रुप में हो गई है। लोग दिन-रात उसे इंटरनेट पर खोज रहे हैं। युवाओं की वह पहली पसंद बन गई है। वह हर आम और खास के बीच चर्चा का मसला बन गयी है। उसकी आवाज में गजब कि खनक और कशिश है।
यू-ट्यूब पर जो भी व्यक्ति उसकी आवाज एक बार सुन रहा है वह रानू का मुरीद हो जा रहा है। जिसकी वजह से दुनिया भर में इंटरनेट पर उसके फॉलोवर बढ़ते जा रहे हैं। वह मुंबई में अपना एक घर चाहती है। उसकी कामयाबी का राज इसी से पता चल सकता है कि बॉलीबुड के साथ दक्षिण भारतीय और बंग्ला फिल्म उद्योग में उसकी मांग बढ़ने लगी है। रानू मंडल की इस सफलता में भारतीय रेल का भी बड़ा हाथ हैं। अगर उसे रेल की शरण न मिली होती तो शायद यह कामयाबी नहीं मिल पाती। उसकी सफलता की दूसरी सबसे बड़ी वजह सोशल मीडिया है।
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