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दूसरा पहलू: फरवरी में प्राचीन सेल्टिक उत्सव; दुनिया का सबसे प्राचीन वसंत-स्वागत पर्व है इम्बोल्क
Tue, 10 Feb 2026 07:40 AM IST
पवन पांडेय
संजय पांडे
संजय पांडे
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 10 Feb 2026 07:40 AM IST
सार
फरवरी के पहले सप्ताह में मनाया जाने वाला इम्बोल्क दुनिया के सबसे प्राचीन वसंत-स्वागत उत्सवों में से एक है। इम्बोल्क याद दिलाता है कि लंबी सर्दी के बाद जीवन फिर से करवट लेता है और हर साल की तरह, वसंत की उम्मीद लौट आती है। इम्बोल्क शीत अयनांत (यूल) और वसंत विषुव (ओस्टारा) के बीच पड़ता है। यह वह कालखंड है, जब ठंड की पकड़ ढीली होने लगती है और धरती में जीवन के पहले संकेत उभरते हैं।
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इम्बोल्क- दुनिया का सबसे प्राचीन वसंत-स्वागत पर्व
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जैसे-जैसे दिन लंबे होने लगते हैं और अंधेरी सर्द रातें पीछे छूटती हैं, आयरलैंड और स्कॉटलैंड में हजारों लोग प्रकाश की वापसी का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा होते हैं। फरवरी के पहले सप्ताह में मनाया जाने वाला इम्बोल्क दुनिया के सबसे प्राचीन वसंत-स्वागत उत्सवों में से एक है। यह सेल्टिक परंपरा नवीकरण, जन्म और प्रकृति के पुनर्जागरण का प्रतीक माना जाता है, जिसमें आग और रोशनी को शुद्धिकरण, उर्वरता और नई शुरुआत के संकेत के रूप में देखा जाता है।
इम्बोल्क शीत अयनांत (यूल) और वसंत विषुव (ओस्टारा) के बीच पड़ता है। यह वह कालखंड है, जब ठंड की पकड़ ढीली होने लगती है और धरती में जीवन के पहले संकेत उभरते हैं। इम्बोल्क का सबसे पुराना उल्लेख आयरिश साहित्य में मिलता है, जिसे आठवीं से ग्यारहवीं शताब्दी के बीच लिखित रूप दिया गया माना जाता है। यह मूलतः मौखिक कथाओं का संकलन था, जिन्हें मध्ययुगीन लिपिकों ने दर्ज किया। इन कथाओं में इम्बोल्क को वसंत के आरंभ और पशुपालन से जुड़े संकेतों, जैसे भेड़ों के दूध देने से जोड़ा गया है। नियो-पैगन कैलेंडर के व्हील ऑफ द ईयर में कुल आठ पर्व होते हैं। इनमें चार ऋतु परिवर्तन से जुड़े हैं और चार क्रॉस-क्वार्टर या अग्नि उत्सव इम्बोल्क, बेल्टेन, लुगनसाध और सैम्हेन हैं। ये हर अयनांत और विषुव के बीच के मध्य बिंदु को चिह्नित करते हैं।
इम्बोल्क इन्हीं में से पहला अग्नि उत्सव है, जो वसंत की दस्तक का संकेत है। इम्बोल्क का केंद्र देवी ब्रिजिड हैं। देवताओं के प्रमुख डाग्डा की पुत्री। उन्हें ट्रिपल गॉडेस के रूप में जाना जाता है। समय के साथ देवी ब्रिजिड का रूपांतरण सेंट ब्रिजिड के रूप में हुआ, जो सेंट पैट्रिक और सेंट कोलंबा के साथ आयरलैंड के संरक्षक संतों में गिने जाते हैं। सेंट ब्रिजिड्स डे भी फरवरी के पहले सप्ताह में ही मनाया जाता है। आज आयरलैंड में इम्बोल्क और सेंट ब्रिजिड्स डे के कई आयोजन आपस में घुल-मिल गए हैं। आयरलैंड और स्कॉटलैंड के बाहर भी इम्बोल्क विक्कन, ड्रुइड और अन्य आध्यात्मिक समुदायों में मनाया जाता है।
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आधुनिक परंपराओं में आत्म-चिंतन, नवीकरण और वर्ष के लिए संकल्प तय करना केंद्रीय विषय हैं। लोग यूल पर तय किए गए इरादों के प्रतीक रूप में बीज बोते हैं और पौधे की वृद्धि के साथ अपने संकल्पों को संजोने का संकल्प लेते हैं। इम्बोल्क से जुड़ा सबसे बड़ा उत्सव आयरलैंड के काउंटी किल्डेयर में होता है, जहां सेंट ब्रिजिड ने अपनी नगरी स्थापित की थी। आग, प्रकाश और प्रकृति के संकेतों से बुना इम्बोल्क आज भी याद दिलाता है कि लंबी सर्दी के बाद जीवन फिर से करवट लेता है और हर साल की तरह, वसंत की उम्मीद लौट आती है।
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इम्बोल्क शीत अयनांत (यूल) और वसंत विषुव (ओस्टारा) के बीच पड़ता है। यह वह कालखंड है, जब ठंड की पकड़ ढीली होने लगती है और धरती में जीवन के पहले संकेत उभरते हैं। इम्बोल्क का सबसे पुराना उल्लेख आयरिश साहित्य में मिलता है, जिसे आठवीं से ग्यारहवीं शताब्दी के बीच लिखित रूप दिया गया माना जाता है। यह मूलतः मौखिक कथाओं का संकलन था, जिन्हें मध्ययुगीन लिपिकों ने दर्ज किया। इन कथाओं में इम्बोल्क को वसंत के आरंभ और पशुपालन से जुड़े संकेतों, जैसे भेड़ों के दूध देने से जोड़ा गया है। नियो-पैगन कैलेंडर के व्हील ऑफ द ईयर में कुल आठ पर्व होते हैं। इनमें चार ऋतु परिवर्तन से जुड़े हैं और चार क्रॉस-क्वार्टर या अग्नि उत्सव इम्बोल्क, बेल्टेन, लुगनसाध और सैम्हेन हैं। ये हर अयनांत और विषुव के बीच के मध्य बिंदु को चिह्नित करते हैं।
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इम्बोल्क इन्हीं में से पहला अग्नि उत्सव है, जो वसंत की दस्तक का संकेत है। इम्बोल्क का केंद्र देवी ब्रिजिड हैं। देवताओं के प्रमुख डाग्डा की पुत्री। उन्हें ट्रिपल गॉडेस के रूप में जाना जाता है। समय के साथ देवी ब्रिजिड का रूपांतरण सेंट ब्रिजिड के रूप में हुआ, जो सेंट पैट्रिक और सेंट कोलंबा के साथ आयरलैंड के संरक्षक संतों में गिने जाते हैं। सेंट ब्रिजिड्स डे भी फरवरी के पहले सप्ताह में ही मनाया जाता है। आज आयरलैंड में इम्बोल्क और सेंट ब्रिजिड्स डे के कई आयोजन आपस में घुल-मिल गए हैं। आयरलैंड और स्कॉटलैंड के बाहर भी इम्बोल्क विक्कन, ड्रुइड और अन्य आध्यात्मिक समुदायों में मनाया जाता है।
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आधुनिक परंपराओं में आत्म-चिंतन, नवीकरण और वर्ष के लिए संकल्प तय करना केंद्रीय विषय हैं। लोग यूल पर तय किए गए इरादों के प्रतीक रूप में बीज बोते हैं और पौधे की वृद्धि के साथ अपने संकल्पों को संजोने का संकल्प लेते हैं। इम्बोल्क से जुड़ा सबसे बड़ा उत्सव आयरलैंड के काउंटी किल्डेयर में होता है, जहां सेंट ब्रिजिड ने अपनी नगरी स्थापित की थी। आग, प्रकाश और प्रकृति के संकेतों से बुना इम्बोल्क आज भी याद दिलाता है कि लंबी सर्दी के बाद जीवन फिर से करवट लेता है और हर साल की तरह, वसंत की उम्मीद लौट आती है।