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प्रिय राहुल, गर्व से कहो तुम यह हो- गोत्र के सवाल पर एक चिट्ठी

Wed, 28 Nov 2018 04:10 PM IST
Updated Wed, 28 Nov 2018 04:10 PM IST
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rahul gandhi's caste and gotra kaul-brahmin-and-dattatreya-gotra pushkar temple congress
पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर में राहुल गांधी - फोटो : Twitter Congress @INCIndia

प्रिय राहुल,

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तुम्हारे कौल ब्राह्मण होने और दत्तात्रय गोत्र की चर्चा है। क्या गोत्र और ब्राह्मण होना इतना मायने रखता है कि तुम अपने पिता के नाना का गोत्र उधार ले लोगे। मेरा पूरा विश्वास है कि तुम शुद्ध भारतीय हो और तुम्हें पता होगा कि हमारे यहां पिता से संतान का कुल और गोत्र निर्धारित होता है। तुम्हारे पिता पारसी थे क्योंकि तुम्हारे दादा पारसी थे। जाहिर सी बात है तुम भी पारसी होगे। तुम्हारी दादी का शादी से पहले दत्तात्रय गोत्र हो सकता है, पर यह गोत्र तुम्हारा नहीं है। 

जैसे तुम्हारी बहन प्रियंका का गोत्र वाड्रा लोगों का जो भी गोत्र होगा वह हो गया है और उनके बच्चों का भी। यह तो हुई तुम्हें समझाने वाली बात। क्या तुम अपने पारसी होने पर गर्व नहीं करते? तुम गर्व से क्यों नहीं कहते कि तुम पारसी हो। क्या पारसी होना बुरा है। मुझे नहीं पता पारसियों में गोत्र होता है क्या। यदि होता है तो तुम वह गोत्र बताओ। और किसी के दबाव में बताओ भी क्यों। जैसा वो चाहते हैं यदि तुम वैसा ही कर रहे हो तो यह तुम्हारी हार है, जीत नहीं। तुम युवा हो और चाहते तो राजनीति की दशा पलट सकते थे। 

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सचिन पायलट, राहुल गांधी पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर में - फोटो : Twitter Congress @INCIndia

क्या तुमने कभी नौशेरवान टाटा, फली नरीमन, आर्देशिर गोदरेज, साइरस पालोन जी मिस्त्री, होमी भाभा, सैम मानेकशॉ, भीकाजी कामा, दादाभाई नैरोजी का नाम नहीं सुना। ये सभी पारसी थे। अगर तुम गूगल करोगे तो हर फील्ड में नाम कमाने वाले पारसियों के नाम आ जाएंगे। तुम हिम्मत तो करो ये कहने की कि तुम पारसी हो।

प्रिय राहुल बेमतलब त्रिपुंड लगाकर, धोती-जनेऊ पहन कर क्यों अपनी भद्द पिटवा रहे हो? जब तुमने कभी ये सब नहीं किया तो वोट के खातिर क्यों? वोट के लिए पराक्रम करो, पुरुषार्थ करो। जब एक चायवाला देश की राजनीति में बड़े-बड़े दिग्गजों को घुटनों पर ले आया है तो तुम तो राजनैतिक परिवार के हो, जिस परिवार में तीन प्रधानमंत्री दिए हैं।

गोत्र-गोत्र न खेलो भैया अपनी अक्ल लगाओ, दिखावे पर न जाओ।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : यह लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है. आप भी अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं. लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें.

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