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दूसरा पहलू: पृथ्वी का भविष्य तय करेंगे अगले पांच वर्ष, मानवीय प्रयास के बाद स्थिति चिंताजनक

Mon, 01 Jun 2026 08:09 AM IST
Pavan एंड्रयू किंग
एंड्रयू किंग Published by: Pavan Updated Mon, 01 Jun 2026 08:09 AM IST
सार

कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मानवीय प्रयास कुछ हद तक सफल रहे हैं और इसकी रफ्तार धीमी भी हुई है। फिर भी स्थिति चिंताजनक है। चरम गर्मी, समुद्र स्तर में वृद्धि जैसी घटनाएं आम हो रही हैं। भविष्य तय नहीं है। वैज्ञानिक कई संभावित जलवायु परिदृश्य तैयार कर रहे हैं। ‘आरसीपी 8.5’ को हटाना प्रगति का संकेत है। हमने सबसे खराब संभावित स्थिति से बचाव तो कर लिया है, लेकिन सबसे अच्छे भविष्य को अब तक हासिल नहीं कर पाए हैं।

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Next five years will determine the future of the Earth; the situation is worrying after human efforts
अमर उजाला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

जलवायु परिवर्तन से जुड़े नए परिदृश्य जब भी जारी किए जाते हैं, तो उनमें हमेशा एक गहरी दिलचस्पी होती है। ये परिदृश्य बताते हैं कि भविष्य में मौसम कैसा होगा। यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम उत्सर्जन कम करने के लिए कितनी तेजी से कदम उठाते हैं। हाल ही में, घोषित सात नए परिदृश्यों में एक उच्च उत्सर्जन वाला परिदृश्य ‘आरसीपी 8.5’ व उसका उत्तराधिकारी ‘एसएसपी 5-8.5’, अब हटा दिया गया है।
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इन परिदृश्यों में माना गया था कि वर्ष 2100 तक पृथ्वी का तापमान औद्योगिक काल से पहले की तुलना में लगभग 4.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता था। वैज्ञानिकों ने इस परिदृश्य को इसलिए हटाया, क्योंकि दुनिया में जलवायु कार्रवाई का असर दिखने लगा है। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, विद्युत वाहन व बैटरी तकनीक के विस्तार ने उत्सर्जन वृद्धि की रफ्तार को धीमा किया है। इसका अर्थ यह नहीं कि वैज्ञानिक भविष्यवाणियां गलत थीं, बल्कि मानव प्रयास कुछ हद तक सफल रहे हैं।
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फिर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वैश्विक उत्सर्जन अब भी रिकॉर्ड स्तर पर है। लगभग 1.4 डिग्री सेल्सियस तापमान वृद्धि के बाद ही जलवायु परिवर्तन के प्रभाव स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं। चरम गर्मी, बाढ़, सूखा व समुद्र स्तर में वृद्धि जैसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। भविष्य तय नहीं है। इसलिए, वैज्ञानिक कई संभावित जलवायु परिदृश्य तैयार करते हैं। ये परिदृश्य ऊर्जा उपयोग व वैश्विक नीतियों में संभावित बदलावों के आधार पर बनाए जाते हैं। वैज्ञानिक इनका अध्ययन अलग-अलग जलवायु मॉडलों के माध्यम से करते हैं, ताकि भविष्य के प्रभावों का ज्यादा सटीक अनुमान लगाया जा सके।
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पहले यह उम्मीद थी कि वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित किया जा सकता है, लेकिन अब सबसे बेहतर संभावना में भी तापमान लगभग 1.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वर्तमान नीतियों के आधार पर दुनिया लगभग 2.6 डिग्री सेल्सियस तापमान वृद्धि की दिशा में बढ़ रही है। ‘आरसीपी 8.5’ को हटाना प्रगति का संकेत है कि हमने सबसे खराब संभावित स्थिति से बचाव कर लिया है। लेकिन सबसे अच्छे भविष्य को हासिल नहीं कर पाए हैं। अगले पांच वर्ष बेहतर या बदतर जलवायु भविष्य की ओर ले जा सकते हैं। इसलिए हमें ऐसे कदमों को और तेज करना होगा, जो सबसे बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर सकें। - (द कन्वर्सेशन)
 
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