विज्ञापन

राष्ट्रीय युवा दिवस 2020ः जब युवा नरेंद्र पहुंचे राजस्थान और लौटे स्वामी विवेकानंद बनकर

Devendra Sutharदेवेंद्र सुथार Updated Sun, 12 Jan 2020 08:35 AM IST
स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी,1863 को कलकत्ता में हुआ था।
स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी,1863 को कलकत्ता में हुआ था। - फोटो : फाइल फोटो
ख़बर सुनें
युगपुरुष, वेदांत दर्शन के पुरोधा, मातृभूमि के उपासक, विरले कर्मयोगी, दरिद्र नारायण मानव सेवक, तूफानी हिन्दू साधु, करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्त्रोत व प्रेरणापुंज स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी,1863 को कलकत्ता आधुनिक नाम कोलकता में पिता विश्वनाथ दत्त और माता भुवनेश्वरी देवी के घर हुआ था।
विज्ञापन


उस समय जबकि यूरोपीय देशों में भारतीयों व हिन्दू धर्म के लोगों को हीन भावना से देखा जा रहा था व समस्त समाज दिशाहीन हो चुका था। भारतीयों पर अंग्रेजियत हावी हो रही थी। ऐसे समय में स्वामी विवेकानंद ने जन्म लेकर न केवल हिन्दू धर्म को अपना गौरव लौटाया अपितु विश्व फलक पर भारतीय संस्कृति व सभ्यता का परचम भी लहराया। नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद बनने का सफर उनके हृदय में उठते सृष्टि व ईश्वर को लेकर सवाल व अपार जिज्ञासाओं का साझा परिणाम था।

राजस्थान में नरेंद्र नाथ बन गए विवेकानंद 
समय के साथ ही नरेन्द्र के मन में अंकुरित होता धर्म और समाज परिवर्तन का बीज वटवृक्ष में तब्दील होने लगा। स्वामी विवेकानंद ने देश के कोने-कोने में जाकर गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस के आशीर्वाद से धर्म, वेदांत और संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया।

इसी बीच स्वामी विवेकानंद का राजस्थान भी आना हुआ। यहीं झुंझुनूं जिले के खेतड़ी के महाराजा अजीत सिंह ने उन्हें 'विवेकानंद' नाम दिया और सिर पर स्वाभिमान की केसरिया पगड़ी पहनाकर व जहाज का टिकट करवाकर अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म परिषद में हिन्दू धर्म व भारतीय संस्कृति का शंखनाद करने के लिए भेजा।

स्वामी विवेकानंद को विश्व धर्म परिषद में पर्याप्त समय नहीं दिया गया। किसी प्रोफेसर की पहचान से अल्प समय के लिए स्वामी विवेकानंद को शून्य पर बोलने के लिए कहा गया। अपने भाषण के प्रारंभ में जब स्वामी विवेकानंद ने 'अमेरिकी भाइयों और बहनों' कहा तो सभा के लोगों के द्वारा करतल ध्वनि से पूरा सदन गूंज उठा। उनका भाषण सुनकर विद्वान चकित हो गए। इस सब से अभिभूत होकर अमेरिकी मीडिया ने उन्हें 'साइक्लॉनिक हिन्दू' का नाम दिया।
आगे पढ़ें

विज्ञापन

Recommended

त्योहारों के मौसम में ऐसे बढ़ाएं रिश्तों में मिठास
Dholpur Fresh (Advertorial)

त्योहारों के मौसम में ऐसे बढ़ाएं रिश्तों में मिठास

मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020
Astrology Services

मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020

विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Opinion

असम का दर्द समझिए

अगर किसी भी कारण एनआरसी और एनपीआर की कवायद को रोका गया, तो भविष्य में अवैध प्रवास के मुद्दे का कोई समाधान नहीं होगा।

17 जनवरी 2020

विज्ञापन

निर्भया की मां आशा देवी ने कहा- ‘चुनाव लड़ने की ख़बरें गलत’

निर्भया की मां आशा देवी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने की खबरों को गलत बताया। उन्होंने कहा की मेरा राजनीति से कोई नाता नहीं है।

17 जनवरी 2020

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election
  • Downloads

Follow Us