विज्ञापन
विज्ञापन

इसलिए भारत के लिए जरूरी था कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाना

Gautam Chaudharyगौतम चौधरी Updated Fri, 20 Sep 2019 09:48 AM IST
एनडीए की सरकार का यह बेहद अहम और दृढ़ इच्छाशक्ति वाला फैसला है।
एनडीए की सरकार का यह बेहद अहम और दृढ़ इच्छाशक्ति वाला फैसला है। - फोटो : बासित जरगर
ख़बर सुनें
केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाकर और राज्य को दो भागों में विभाजित कर केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दे दिया। यकीनन पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में एनडीए की सरकार का यह बेहद अहम और दृढ़ इच्छाशक्ति वाला फैसला है। शुरुआत में इस फैसले को लेकर विपक्ष और अन्य पार्टियां कई तरह से असमंजस  थीं। 
विज्ञापन
सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस के अंदरखाने में ही इसे लेकर अलग-अलग राय थी। लेकिन इसे बावजूद दबे मन से ही सही कई नेताओं ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और इसे कश्मीर समस्या के समाधान की ओर एक कदम माना।

क्यों जरूरी था ये फैसला 
बहरहाल, कश्मीर में घाटी पार से घुसपैठ और आतंकवाद की समस्या दिन व दिन अंतरराष्ट्रीय होती जा रही थी। राज्य आतंकवाद का केन्द्र बनता जा रहा था और ये तमाम गतिविधियां कश्मीर को भारतीय संविधान के द्वारा उसे दिए गए विशेष अधिकार की आड़ में चलाई जा रही थीं।

दरअसल, यह केवल भारत के लिए ही नहीं पूरी दुनिया के लिए खतरनाक था। इस प्रकार के आतंकवाद से चीन और पाकिस्तान दोनों परेशान है और अपने-अपने देश में अभियान भी चला रहा है।

भारत के अधिकार वाला कश्मीर, पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर, अफगानिस्तान का उत्तरी हिस्सा और चीन के शिनजियांग प्रांत में धीरे-धीरे अंतराष्ट्रीय इस्लामिक आतंकवाद, आईएसआईएस का प्रभाव बढ़ने लगा है। चूंकि कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त था इसलिए अंतराष्ट्रीय आतंकवादी इस क्षेत्र को अपना आधार बनाने लगे थे।
 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

Recommended

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Blog

World food day 2019: अन्न बर्बादी और भूख से जूझ रहा है भारत, कब समझेंगे लोग भोजन की कीमत

यही कारण है कि 119 देशों के वैश्विक भुखमरी सूचकांक 2018 में भारत 103वें पायदान पर है। इस सूचकांक में 2017 में भारत 100वें, 2016 में 97वें व 2015 में 80वें नंबर पर था।

16 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

इस किताब में है राम मंदिर का नक्शा, जिसे मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने फाड़ा

उच्चतम न्यायालय में बुधवार को राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद मामले की लगतार 40वें दिन सुनवाई जारी है। इसी बीच कोर्टरूम में ड्रामा देखने को मिला। मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने हिंदू महासभा के वकील द्वारा पेश किए गए नक्शे को फाड़ दिया।

16 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree