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विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: स्क्रीनप्ले राइटर अंजलि मेनन

Sat, 20 Apr 2024 09:17 PM IST
Dr. Vijay Sharma डॉ. विजय शर्मा
Updated Sat, 20 Apr 2024 09:17 PM IST
सार

22 पुरस्कारों के साथ ये स्क्रीनप्ले राइटर सिने-निर्देशक भी हैं। इन्होंने जिन फिल्मों का स्क्रीनप्ले लिखा उनमें से कई का निर्देशन भी किया। ये स्क्रीनप्ले राइटर अपने ही देश की हैं, केरल से आती हैं और इनका नाम है- अंजलि मेनन।

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history of world cinema Anjali Menon Indian filmmaker and screenwriter in hindi
सिनेमा का इतिहास - फोटो : Freepik

विस्तार

अक्सर लोग कहानी-उपन्यास और फिल्म को लेकर गलतफहमी रखते हैं। वे इन्हें एक मान बैठते हैं। ये अभिव्यक्ति के अलग-अलग तरीके हैं। चूंकि ये अलग हैं, अत: उनकी भाषा, उनका व्याकारण और उनके मुहावरे भी भिन्न होते हैं। कहानी-उपन्यास और स्क्रीनप्ले में खासा अंतर होता है। कहानी-उपन्यास कला के समाप्त या यूं कहें पूर्ण उत्पाद्य हैं, जबकि स्क्रीनप्ले मात्र ब्लूप्रिंट होता है। इसमें घट-बढ़ की गुंजाइश होती है। माना जाता है कि एक पहला स्क्रीनप्ले, जिसे सिनेरियो कहा गया वह जॉर्ज मेलिस ने अपनी फिल्म ‘ए ट्रिप टू द मून’ (1902) के लिए लिखा था। उस समय सिनेमा मूक था।

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जब सिनेमा में आवाज आ गई (जिसके आधार पर इसे टॉकी कहा जाने लगा) तो संवाद भी स्क्रीनप्ले में जुड़ने लगे। स्क्रीनप्ले से पता चलता है, शूटिंग कहां होगी, दिन या रात के किस समय होगी, अभिनेता क्या करेगा, क्या कहेगा, प्रोप्स क्या होंगे, ट्रांजिशन कैसे होगा, तैयार फिल्म कैसी दीखेगी, खर्च कितना आएगा आदि, आदि। सब कुछ वर्तमान काल में लिखा जाता है। मतलब बनाने वालों को स्क्रीनप्ले पूरी फिल्म की जानकारी देता है। 

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स्क्रीनप्ले राइटर- अंजलि मेनन

स्क्रीनप्ले के विस्तार में न जाते हुए आज बात करती हूं, एक स्क्रीनप्ले राइटर की। 22 पुरस्कारों के साथ ये स्क्रीनप्ले राइटर सिने-निर्देशक भी हैं। इन्होंने जिन फिल्मों का स्क्रीनप्ले लिखा उनमें से कई का निर्देशन भी किया। ये स्क्रीनप्ले राइटर अपने ही देश की हैं, केरल से आती हैं और इनका नाम है, अंजलि मेनन।

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अंजलि मेनन एक जानी-मानी स्क्रीनप्ले राइटर हैं। अंजलि ने ‘मंजाडिकुरु’ (लकी रेड सीड्स, हिन्दी में भाग्यशाली रत्ती), ‘उस्ताद होटल’, ‘बैंग्लोर डेज’, ‘कूडे’, ‘वंडर वीमेन’ जैसी फिल्मों का स्क्रीनप्ले लिखा है और इनमें से कई को निर्देशित किया है।

अंजलि मेनन ने लंदन फिल्म स्कूल से अपना पोस्ट-ग्रेजुएशन किया है। इन्होंने एडिटिंग, प्रड्यूसिंग तथा डॉयरेक्शन में ऑनर्स पाया है। इनकी प्रशिक्षण काल की फिल्म का नाम ‘ब्लैक नोर’ है, जिसका प्रिमियर पाम स्प्रिंग्स इंटनेशनल फिल्म समारोह में हुआ था और जिसने बीएफआई का सर्वोत्तम लघु फिल्म का पुरस्कार पाया था।

उनकी पहली फीचर फिल्म ‘मंजाडिकुरु’ है, फिल्म का काल 1979 है और यह सवा दो घंटे लंबाई की फिल्म है। यह फिल्म 10 साल के बच्चे की कहानी है, बच्चा विकी (मास्टर सिद्धार्थ तथा पृथ्वीराज सुकुमारन) अपने ग्रैंडफादर के अंतिम संस्कार के लिए केरल के सुदूर गांव आया है। बिखरा हुआ परिवार इकट्ठा हुआ है। इन सोलह दिनों में बच्चा विकी अपने बारे में बहुत कुछ जानता-समझता है। उसे पहली बार अपने होने का भान होता है।

इस फिल्म को सर्वोत्तम डेब्यू फिल्म तथा सर्वोत्तम मलयालम फिल्म का एफआईपीआरएससी आई (FIPRESCI) का पुरस्कार मिला था। इन्हें पहली बार सबसे अधिक ख्याति ‘उस्ताद होटल’ (2012) से मिली। इस सरल फिल्म ने बॉक्स ऑफिस में भी झंड़े गाड़े। ढ़ाई घंटे की फिल्म ‘उस्ताद होटल’ को सर्वोत्तम स्क्रीनप्ले (संवाद) का राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड मिला। इसके अलावा 6 अन्य पुरस्कार मिले।

history of world cinema Anjali Menon Indian filmmaker and screenwriter in hindi
Cinema, camera - फोटो : istock

मलयालम फिल्म को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाली फिल्म ‘उस्ताद होटल’ का निर्देशन अनवर रशीद ने किया है, स्क्रीनप्ले अंजलि मेनन का है। फिल्म में दुल्कर सलमान, तिलकन, सिद्दीक, नित्या मेनन जैसे मंजे अभिनेताओं ने भूमिकाएं की हैं। दुल्कर सलमान की यह पहली फिल्म है। अति कुशल अभिनेता तिलकन की कुछ दिन पूर्व मृत्यु हुई है। यह प्यारी कॉमेडी-ड्रामा फिल्म बाबा-पोता के बीच खूब मजबूत रिश्ता दिखाती है।

गोपी सुंदर के अति उत्तम संगीत से सजी फिल्म में फैजी (दुल्कर) इंग्लैंड जाकर प्रोफेशनल सेफ बनना चाहता है, मगर परिस्थितियां उसे अपने बाबा करीम (तिलकन) की सहायता करने के लिए कोजीकोड के एक छोटे-से होटल में रोक लेती हैं। बाबा के संग-साथ और उनके होटल में काम करते हुए फैजी का जीवन के प्रति नजरिया सदा के लिए बदल जाता है।

अंजलि मेनन 2014 में 3 घंटे की फिल्म ‘बैंगलोर डेज’ लेकर आती हैं और एक बार फिर 20 पुरस्कार ले जाती हैं। यह फिल्म मस्ती, उदासी, प्राप्ति की कहानी है। तीन चचेरे-ममेरे भाई-बहन अपने सपने लिए बैंगलोर पहुंचते हैं, उनका जीवन तेजी से आगे बढ़ता है और लौट-लौट कर वे अतीत याद करते हैं। अतीत में उनके जीवन में बहुत कुछ घटा है, जिसे संवेदनशीलता के साथ निर्देशक ने प्रदर्शित किया है। इस बार अंजलि स्क्रीनप्ले राइटर के साथ-साथ सिने-निर्देशक की कुर्सी भी संभाल रही हैं।

कुछ अभिनेताओं के साथ इन्होंने बार-बार काम किया है। यहां अर्जुन (दुल्कर सलमान), दिव्या (नजरिया), कृष्णन (नवीन पौली), शिवदास (फहद फासिल), सारा (पार्वती) सबका अभिनय एक-से-बढ़कर-एक है। हास्य, रोमांस, जिंदगी की नाइंसाफी के प्रति गुस्सा, संघर्ष से भरी इस जीवंत फिल्म में सब पात्र अपने जीवन से बहुत कुछ सीखते हैं और प्रौढ़ता की ओर बढ़ते हैं।

अंजलि 1918 में ढ़ाई घंटे की फिल्म ‘कूडे’ लेकर आती हैं, इस बार उन्होंने स्क्रीनप्ले सचिन कुंडालकर के साथ मिल कर तैयार किया है। हां, निर्देशन उन्होंने स्वयं संभाला है। इस बार फिल्म को केवल तीन पुरस्कार मिले। पार्वती के अलावा इस फिल्म में अभिनेता अलग हैं। जोसुआ थॉमस (पृथ्वीराज सुकुमारन), जेनिफर मारिया थॉमस (नजरिया) भाई-बहन मिल कर नीलगिरि घूमने आए हैं, पहाड़ों में शांति और सुकून है।

असल में जेनिफर मर चुकी है, अब वह केवल अपने भाई को दीखती है। हां, यहां सोफ़ी (पार्वती), कृष्ण, (रोशन मैथ्यु), अशरफ़ (अतुल कुलकर्णी), एलीना (दर्शना राजेंद्रन) भी यहां हैं। यहां खाड़ी देश में प्रवास है, बहन की प्यारी-सी आत्मा है, जो भाई को प्रेम और उसका कर्तव्य सिखाती है। बहन का प्रेमी है। और भी बहुत कुछ है, जो आप खुद देखें तो अधिक अच्छा होगा।

2022 की ‘वंडर वीमेन’ का स्क्रीनप्ले

पहले से बिल्कुल हट कर एक काम अंजलि मेनन ने किया है। 2022 की ‘वंडर वीमेन’ का स्क्रीनप्ले अंजलि मेनन ने लिखा है और उसका निर्देशन भी उन्होंने किया है। इसे आप प्रयोगात्मक फिल्म कह सकते हैं। अब संयुक्त परिवार का जमाना नहीं है, अत: गर्भावस्था के नौ महीने में होने वाले तमाम परिवर्तन और जरूरतों को संभालना कठिन है। इसीलिए अंजलि 6 गर्भवती स्त्रियों को एक स्थान पर लाती हैं और उन्हें वर्तमान तथा भविष्य के जीवन, गर्भावस्था, प्रसव आदि का प्रशिक्षण देने के लिए एक केंद्र का निर्माण करती हैं।

अभिनय के लिए नित्या मेनन, पद्मप्रिया, पार्वती, नादिया जैसे कुशल कलाकार इस फिल्म में विभिन पात्र की भूमिका में हैं। और हां, केवल स्त्री पात्र नहीं हैं, उनके साथ, उनके मित्र, सहायक के रूप में पुरुष पात्र भी हैं। फिल्म का संगीत गोविंद वसंत ने दिया है, कैमरा मनेश माधवन ने संभाला है।

2022 में अंजलि मेनन ने एक म्युजिक वीडियो की स्क्रिप्ट राइटिंग की है। इस वीडियो में भी नित्या मेनन, पद्मप्रिया, पार्वती आदि हैं। भविष्य में अंजलि मेनन से दर्शकों को कई खूबसूरत स्क्रीनप्ले राइटिंग की आशा और प्रतीक्षा है। 


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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकताु, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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