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चेतेश्वर पुजारा: मुश्किलों भरा रहा है सफर, मां ने किश्तों पर लिया था 1500 रुपये का बल्ला

Thu, 15 Dec 2022 04:12 PM IST
Vinod Patahk विनोद पाठक
Updated Thu, 15 Dec 2022 04:12 PM IST
सार

चेतेश्वर एक बेहतरीन टेस्ट खिलाड़ी हैं तो उसके पीछे उनके पिता अरविंद पुजारा और मां रानी पुजारा का बहुत बड़ा त्याग और समर्पण शामिल है। मां राजकोट की स्पोर्ट्स शॉप से किश्तों पर 1500 रुपये का बल्ला खरीद कर लाई थी। नब्बे के दशक में 1500 रुपये काफी अधिक माने जाते थे।

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For Cheteshwar Pujara his took a bat worth Rs 1500 on installments, journey of pujara
भारतीय क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा - फोटो : Twitter

विस्तार

जब भी भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट टीम का चयन होता है तो एक नाम पहले से तय माना जाता है, वह नाम है-चेतेश्वर पुजारा का। चेतेश्वर पुजारा पिछले 12 वर्ष से भारतीय टेस्ट टीम का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बने हुए हैं। 14 दिसंबर को बांग्लादेश के खिलाफ चट्टोग्राम में पहले टेस्ट मैच में भारतीय पारी लड़खड़ा गई। केएल राहुल, शुभमन गिल और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ी मात्र 48 रन पर पैवेलियन लौट गए तो चेतेश्वर पुजारा ने एक छोर संभाल के रखा।

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हालांकि, पहले दिन चेतेश्वर पुजारा शतक से चूक गए और 90 रनों की पारी खेलकर पैवेलियन लौटे। उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों की 203 गेंदो का सामना किया। आगामी 25 जनवरी को 35 साल के होने जा रहे चेतेश्वर पुजारा के क्रिकेट की कहानी संघर्ष, त्याग और समर्पण से भरी हुई है।

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कामयाबी के पीछे माता-पिता का त्याग

चेतेश्वर एक बेहतरीन टेस्ट खिलाड़ी हैं तो उसके पीछे उनके पिता अरविंद पुजारा और मां रानी पुजारा का बहुत बड़ा त्याग और समर्पण शामिल है। बेहद सामान्य परिवार से आने वाले चेतेश्वर के पिता अरविंद पुजारा रेलवे में क्लर्क थे और मां ग्रहणी। पिता ने गली में बेटे को क्रिकेट खेलते हुए देखा और उनकी प्रतिभा को पहचाना।

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महज 4-5 साल की उम्र में पिता ने चेतेश्वर के हाथ में बल्ला पकड़ा दिया। आठ साल की उम्र में पिता ने टेनिस बॉल से क्रिकेट छुड़वाकर बेटे को लेदर बॉल से खिलाना शुरू किया।


किश्त पर लिया बल्ला

गुजरात के रहने वाले चेतेश्वर के पिता ने उन्हें डांडिया भी नहीं खेलने दिया, क्योंकि देर रात डांडिया खेलने से चेतेश्वर की सुबह की प्रेक्टिस में खलल पड़ता था। बेटा अच्छे बल्ले से क्रिकेट खेल सके, इसके लिए मां राजकोट की स्पोर्ट्स शॉप से किश्तों पर 1500 रुपये का बल्ला खरीद कर लाई। नब्बे के दशक में 1500 रुपए काफी अधिक माने जाते थे।

मां ने 100-100 रुपये हर महीने देकर बल्ले की किश्तें चुकाईं। 8 साल के चेतेश्वर के लिए पैड्स भी मां ने खुद ही घर पर सिले, क्योंकि उस वक्त बाजार में बच्चों के पैड्स आसानी से नहीं मिला करते थे।

इतना ही नहीं, चेतेश्वर के पिता ने अपने गृह शहर राजकोट में क्रिकेट एकेडमी तक बनाई, जिसमें कई ट्रक काली मिट्टी ग्राउंड और पिच तैयार करने के लिए लाई गई। हालांकि, यह एकेडमी बहुत प्रसिद्धी नहीं पा सकी है, लेकिन चेतेश्वर बिना फीस के बच्चों को ट्रेनिंग देते हैं।

जब चेतेश्वर 22 वर्ष के थे, तब उनके इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत हुई।
 

अक्तूबर 2010 में बेंगलुरु में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला टेस्ट खेला। पहली पारी में 4 रन और दूसरी में 72 रन बनाकर अपनी प्रतिभा को जाहिर कर दिया। तब से अब तक चेतेश्वर 96 मैचों की 164 चार पारियों में 6792 रन बना चुके हैं। उनका अधिकतम स्कोर नाबाद 206 रन है। 43.81 की औसत से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 18 शतक और 33 अर्द्धशतक लगाए हैं। इसमें तीन दोहरे शतक भी शामिल हैं।


हालांकि, वनडे क्रिकेट चेतेश्वर को रास नहीं आया और उनका इंटरनेशनल वनडे करियर बेहद छोटा है। उन्होंने मात्र पांच वनडे खेले हैं। चेतेश्वर ने अपना पहला वनडे जिंबाब्वे के खिलाफ अगस्त 2013 में खेला और आखिरी बांग्लादेश के खिलाफ जून 2014 में खेला। इन पांच मैचों में उन्होंने मात्र 51 रन ही बनाए।


व्हाइट बॉल क्रिकेट नहीं आया रास

टी-20 क्रिकेट भी चेतेश्वर पुजारा को रास नहीं आया। आईपीएल में भी उन्हें बहुत अधिक मौका नहीं मिल सका। उन्होंने मात्र 71 टी-20 मैच ही खेले और 1556 रन बनाए। टी-20 में शतक लगाने वाले खिलाड़ियों में चेतेश्वर का नाम शामिल है। वह एक शतक और 9 अर्द्धशतक टी-20 क्रिकेट में लगा चुके हैं। हालांकि, एक भी इंटरनेशनल टी-20 मैच उन्होंने नहीं खेला है, लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में चेतेश्वर का कोई सानी नहीं है।

237 फर्स्ट क्लास मैचों में 55 शतक और 72 अर्द्धशतक लगा चुके हैं। उनका अधिकतम स्कोर 352 रन है। 51.92 के औसत से वो 18,175 रन बना चुके हैं। इस रिकॉर्ड से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि चेतेश्वर पुजारा किस किस्म के खिलाड़ी हैं।




डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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