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भारत में नई क्रांति लाते इलेक्ट्रिक व्हीकल्स

Wed, 18 May 2022 11:01 AM IST
Vinod Patahk विनोद पाठक
Updated Wed, 18 May 2022 11:01 AM IST
सार

भारत में बजाज ऑटो, टाटा मोटर्स, ओला, हीरो, महिंद्रा, एथर जैसी देसी कंपनियों के अलावा हुंडई, एमजी, हीरो होंडा, ओकिनावा जैसे विदेशी ब्रांड ईवी बाजार में उतार चुके हैं। देश में सबसे ज्यादा कारें बेचने वाली मारूति सुजुकी और महिंद्रा जल्द ईवी बाजार में उतरने जा रहे हैं। बिजनेस टाइकून एलन मस्क की टेक्ला भी भारत में अपना प्लांट लगाने जा रही है।

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Electric Vehicle is bringing revolution in auto sector in india
टाटा मोटर्स ईवी कारों की ब्रिकी के नए रिकॉर्ड बना रही है। - फोटो : Pixabay

विस्तार

जयपुर के एक बिल्डर ने विज्ञापन दिया, हम फ्लैट ऑनर्स को इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग सुविधा देंगे। महंगे होते पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के बीच इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) देश में नई क्रांति ला रहे हैं। ईवी का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है। छोटे-बड़े शहरों के अलावा ग्रामीण इलाकों में इलेक्ट्रिक  व्हीकल आसानी से देखे जा सकते हैं। शहरों में टू-थ्री व्हीलर के अलावा ईवी कारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। धुआं न छोड़ने वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल इनवायरमेंट फ्रेंडली तो हैं ही, हमारी पॉकिट को भी राहत देते हैं। चूंकि, यह सेक्टर अभी बेहद नया है, इसलिए कुछ चैलेंज भी देखने को मिल रहे हैं।

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भारत में बजाज ऑटो, टाटा मोटर्स, ओला, हीरो, महिंद्रा, एथर जैसी देसी कंपनियों के अलावा हुंडई, एमजी, हीरो होंडा, ओकिनावा जैसे विदेशी ब्रांड ईवी बाजार में उतार चुके हैं। देश में सबसे ज्यादा कारें बेचने वाली मारूति सुजुकी और महिंद्रा जल्द ईवी बाजार में उतरने जा रहे हैं। बिजनेस टाइकून एलन मस्क की टेक्ला भी भारत में अपना प्लांट लगाने जा रही है।

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इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की हो रही बिक्री

देश में ईवी बाजार की बात करें तो सबसे अधिक इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बिक रहे हैं। पिछले साल कंपनियों ने 1.43 लाख ईवी टू व्हीलर्स बेचे, जो वर्ष 2020 से 425 प्रतिशत अधिक थे। ईवी कारों की बात करें तो टाटा नेक्सॉन, टाटा टिगॉर, एमजी जेडएस, हुंडई कोना, वोल्वो एक्ससी जैसी कारें बाजार में उपलब्ध हैं। टाटा मोटर्स ईवी कारों की ब्रिकी के नए रिकॉर्ड बना रही है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में टाटा मोटर्स ने 19,106 ईवी कारें बेचीं, जो वित्तीय वर्ष 2020-21 से 353 प्रतिशत अधिक थीं। टाटा नेक्सॉन ईवी और टिगॉर ईवी देश में सबसे अधिक बिकने वाली कारें हैं। पिछले सप्ताह टाटा नेक्सॉन एक्स लॉन्च हुई, जिसकी सिंगल चार्ज में 400 किलोमीटर की रेंज है।

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इतनी होती है कीमत

कीमत की बात करें तो टू व्हीलर ईवी 60,000 से 1,40,000 लाख रुपए के बीच आते हैं और यह पेट्रोल वेरिएंट के बराबर ही हैं, लेकिन ईवी कारें पेट्रोल-डीजल वेरिएंट से 4-5 लाख रुपए तक महंगी हैं। भारत में उपलब्ध ईवी कारों की कीमत 10 लाख से 1 करोड़ रुपए के बीच है। हालांकि, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में बयान दिया था कि अगले दो साल में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पेट्रोल-डीजल वेरिएंट की कीमत पर मिलेंगे। इसके लिए सरकार लगातार कंपनियों से बातचीत कर रही है।

पेट्रोल-डीजल के मुकाबले इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को चलाना बेहद सस्ता है। 3-4 यूनिट में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर चार्ज हो जाता है और 90 किलोमीटर तक माइलेज देता है, जबकि ईवी कार 20-30 यूनिट में फुल चार्ज हो जाती है और 150-450 किलोमीटर तक माइलेज देती है। टू व्हीलर हो या कार, ईवी का खर्च मात्र 50-70 पैसे प्रति किलोमीटर आता है। अच्छी बात यह है कि मोबाइल की तरह यह घर पर भी चार्जिंग हो जाते हैं।

Electric Vehicle is bringing revolution in auto sector in india
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्तर पर अच्छे प्रयास हो रहे हैं - फोटो : Euler Motors

हालांकि, घर पर फुल चार्जिंग में 7-8 घंटे लगते हैं, लेकिन फार्स्ट चार्जिंग प्वाइंट पर मात्र 55 मिनट में ईवी कार चार्ज हो जाती है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का रख-रखाव भी बेहद सस्ता है। पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की तरह इन्हें कुछ-कुछ दिनों में सर्विसिंग की जरूरत नहीं पड़ती। बैटरी की लाइफ 4-5 साल होती है।

ईवी टू व्हीलर्स में आग लगने की घटनाएं

हालांकि, इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स में एक अचड़न पिछले दिनों देखने को मिली। देश के कई शहरों में ईवी टू व्हीलर्स में आग लगने की घटनाएं हुईं। कंपनियों के अलावा सरकार ने भी इन्हें गंभीरता से लिया। जांच में तापमान, बैटरी में खामी, ज्यादा स्पीड जैसे कारण सामने आए हैं। चूंकि, अभी इलेक्ट्रिक वाहनों को बाजार में आए अधिक समय नहीं हुआ है। इसलिए शुरुआती खामियां देखने को मिल रही हैं। पेट्रोल-डीजल, सीएनजी वाहनों का भी जब अविष्कार हुआ था, तब कुछ मुश्किलें आई थीं।
 

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के चार्जिंग प्वाइंट्स को लेकर भी लोग आशंकित रहते हैं। विशेषकर ईवी कारों को लंबे रूट पर ले जाने से डरते हैं। इनवेस्टमेंट इनफॉर्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ऑफ इंडिया (आईसीआरए) ने भी माना है कि भारत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स चार्जिंग प्वाइंट्स लगाने में दुनिया के कई देशों से पीछे है, लेकिन इस क्षेत्र में अपार संभावनाओं को देखते हुए अब कई निजी कंपनियां आगे आ रही हैं। 


भारत में 48,000 से ज्यादा चार्जिंग प्वाइंट्स

आईसीआरए का अनुमान है कि अगले 3-4 वर्षों में भारत में 48,000 से ज्यादा चार्जिंग प्वाइंट्स होंगे। इस सेक्टर में 14,000 करोड़ रुपए का निवेश होने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री गडकरी कह चुके हैं कि सरकार देश के प्रमुख राजमार्गों पर अगले वर्ष तक 600 ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगाने की दिशा में बढ़ रही है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्तर पर अच्छे प्रयास हो रहे हैं। दिल्ली, राजस्थान समेत कई राज्य सरकारें सब्सिडी दे रही हैं। कई जगह रोड टैक्स माफ है तो इंश्योरेंस में छूट है। उत्साहित करने वाली खबर यह है कि आईसीआरए के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिकने वाले टू व्हीलर्स में 13-15 प्रतिशत इलेक्ट्रिक होंगे, जबकि थ्री व्हीलर में यह 30 प्रतिशत और बसों में 8-10 प्रतिशत रह सकता है। सरकार सब्सिडी के साथ प्रोत्साहन योजनाएं जारी रखे तो महंगाई के इस दौरान में आम आदमी के लिए बड़ी राहत होगी। उम्मीद यही है कि एक दिन इलेक्ट्रिक व्हीकल दिल्ली जैसे शहरों को प्रदूषण से भी मुक्ति दिलाएंगे।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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