बंगाल में कोरोना वायरस: कितनी तैयार हैं ममता बनर्जी?
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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कोरोना के पहले मरीज की पुष्टि के साथ ही महानगर में आतंक का आलम है। हालांकि ममता बनर्जी सरकार पहले से ही इस मामले में बेहद सतर्कता बरत रही है। इस संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने महामारी अधिनियम लागू करते हुए सरकार ने स्वास्थ्य का आधारभूत ढांचा मजबूत करने के लिए दो सौ करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। स्कूलों-कालेजों की छुट्टियां 15 अप्रैल तक बढ़ा दी गई हैं।
सिनेमा और सीरियलों की शूटिंग रोक दी गई है और सिनेमाहाल व आडिटोरियम 31 मार्च तक बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं। सरकार ने दो लाख एन-95 मास्क और 10 हजार थर्मल गन खरीदने का आर्डर दिया है। स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों को पांच लाख का अतिरिक्त बीमा कवर दिया। विधानसभा का बजट अधिवेशन भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। रोजाना होने वाली बैठक में हालात की समीक्षा की जा रही है।
मंगलवार की रात को इंग्लैंड से लौटे 18 साल के एक युवक में कोरोना की पुष्टि होते ही महानगर की सड़कें और बाजार और सूने हो गए हैं। लोग आतंक के मारे जरूरी चीजों की खरीददारी में जुट गए हैं। कोरोना के आतंक की वजह से खासकर राजधानी कोलकाता में तो कर्फ्यू जैसा माहौल है। सड़कों पर भीड़ अचानक कम हो गई है। यही स्थिति मेट्रो रेलवे की है। इसके औसतन दैनिक यात्रियों में डेढ़ लाख की गिरावट आई है।
अगले महीने कोलकाता नगर निगम समेत राज्य की सौ से ज्यादा नगरपालिकाओं के लिए चुनाव होना था। लेकिन राज्य चुनाव आयोग ने इस सप्ताह एक सर्वदलीय बैठक में चुनाव की तारीख पर फैसला 15 दिनों के लिए टाल दिया। राज्य चुनाव आयुक्त सौरभ कुमार दास ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोरोना के प्रकोप के चलते निकाय चुनावों को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया गया है। 15 दिनों बाद इस मामले पर बैठक में कोई पैसला किया जाएगा। जो काम असंभव था वह कोरोना ने कर दिया।
राज्य में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच मतभेदों की खाई इतनी चौड़ी है कि उनके करीब आने की कल्पना तक नहीं की जा सकती। लेकिन कोरोना ने इन दोनों धुर विरोधियों को भी कम से कम एक मुद्दे पर साथ ला दिया है। यह दोनों दल अगले महीने होने वाले निकाय चुनावों को टालने की मांग कर रहे थे।
कोरोना की वजह से कोलकाता के सोनागाछी स्थित एशिया में देह व्यापार की सबसे बड़ी मंडी में सन्नाटे का आलम है। यहां बीते दो सप्ताह के दौरान ग्राहकों की दादाद में दो-तिहाई गिरावट आई है। कोरोना वायरस की अफवाह की आड़ में कई लोग अपनी रोटियां सेंकने में भी जुट गए हैं। पुलिस ने यहां मंगलवार को ऐसे ही एक शख्स को गिरफ्तार किया है जो गोबर और गोमूत्र को पांच सौ रुपए में बेच रहा था। माबूद अली नामक उस दूध विक्रेता का दावा था कि गोमूत्र का पान करने और शरीर पर गोबर लगाने से कोरोना के संक्रमण से बचा जा सकता है। अली का कहना था कि उनको यह विचार दिल्ली में हिंदू महासभा द्वारा आयोजित गोमूत्र पार्टी से मिला था।
बंगाल सरकार ने एहतियात के तौर पर बांग्लादेश से लगी सीमा सील कर दी है। इसी तरह सिक्किम ने भी विदेशी पर्यटकों के आने पर पाबंदी लगा दी है। नतीजतन पर्यटन उद्योग चरमराने लगा है। लेकिन सरकार कोई खतरा उठाने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कहती हैं कि अब तक 3।24 लाख लोगों की जांच की गई है और उनमें से पांच हजार पर निगाह रखी जा रही है। कोलकाता स्थित संक्रामक बीमारियों के अस्पताल में कोरोना के लक्षण वाले छह संदिग्ध मरीजों को दाखिल किया गया है।
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