यादों में के.के.: तुम्हारी आवाज़ का मखमल हर टीनएजर के सपनों का हिस्सा रहेगा
बहुत कम कलाकार ऐसे होते हैं जो अपनी आवाज़ के साथ सीधे आत्मा तक उतरने की खूबी रखते हैं। केके उनमें से ही एक थे। उनकी आवाज़ में जो मखमली, रेशमी, मुलायम सी छुअन थी, वो आने वाले कई सालों तक इश्क के बुखार में जकड़े टीनएजर्स के मासूम लव एट फर्स्ट साइट को बरकरार रखेगी। जब जब उनके गाने सुने जाएंगे, लोगों के दिलों में केके मुस्कुराएँगे।
बहुत कम कलाकार ऐसे होते हैं जो अपनी आवाज़ के साथ सीधे आत्मा तक उतरने की खूबी रखते हैं। केके उनमें से ही एक थे। उनकी आवाज़ में जो मखमली, रेशमी, मुलायम सी छुअन थी, वो आने वाले कई सालों तक इश्क के बुखार में जकड़े टीनएजर्स के मासूम लव एट फर्स्ट साइट को बरकरार रखेगी। जब जब उनके गाने सुने जाएंगे, लोगों के दिलों में केके मुस्कुराएँगे।
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वो ठंड के दिन थे। नए साल की आहट धीरे-धीरे करीब आ रही थी। सुबह की हवाएं अपनी छुअन से रोमांचित करतीं और गुलाबी शामें गालों पर अबीर बिखेर देती थीं। ऐसी ही एक शाम मैं एक ऑडियो कैसेट भरवाने एक दुकान पर पहुंची। ये वो दौर था जब मनोरंजन के लिए हम टीनएजर्स के पास एक बड़ा जरिया थे ऑडियो कैसेट्स।
दरअसल, उस समय 10 या 20 रुपये में एक कैसेट आता था और उसमें हम अपनी पसन्द के गाने भरवाकर तब तक चलाते थे, जब तक कैसेट घिस न जाए। ये ओरिजनल कैसेट से थोड़ा सस्ता मामला था और सबसे बड़ी बात यह थी कि एक ही कैसेट में आप अपनी पसन्द के अलग-अलग गाने भरवा सकते थे।
गानों की मेरी फेहरिस्त में एक गाना था 'हेलो डॉक्टर दिल की चोरी हो गई।' साउथ की एक हिंदी रीमेक इस फ़िल्म को तो हमने नहीं देखा था लेकिन ब्रायन एडम्स के 'समर ऑफ 69' की ही तरह ये गाना भी जुबान पर ऐसा चढ़ा कि क्लासेस के बीच टेबल्स को ड्रम बना हम क्लासमेट्स शुरू हो जाते।
गाने के बोल तो याद हो गए थे लेकिन तब तक इसके सिंगर कृष्ण कुमार कुन्न्थ यानी केके से हमारा परिचय नहीं था। और ये परिचय हुआ 'रॉकफोर्ड' फ़िल्म के गाने 'यारों दोस्ती, बड़ी ही हसीन है।' और चेहरे पर कई रंग बिखेरते, रंग-बिरंगे सिल्क शर्ट्स के साथ इस एलबम में मुस्कुराते केके अपनी आवाज़ सहित दिल मे उतर गए।
उम्र के सोलहवें-सत्रहवें दौर में इस गाने को शायद ही किसी ने न गुनगुनाया होगा। इसके बाद तो मेरा पहला पहला प्यार, इश्क ने तेरे इश्क़ ने जैसे गानों के साथ केके इश्क़ करने वालों के ऑफिशियल मैस्कॉट बन गए। अपनी खूबसूरत आवाज़ के साथ ही हमेशा कायम रहने वाली मुस्कान से उन्होंने सबके दिलों में स्थाई जगह बना डाली।
ये वो दौर था जब भारत में भी रॉक और पॉप को लेकर नए प्रयोग किए जा रहे थे और केके ने इसको नया अंदाज दिया। उनकी आवाज़ की सबसे बड़ी खासियत थी हाई नोट्स पर भी मुलायम बने रहने की। किशोर कुमार को अपना आदर्श मानने वाले इस गायक ने भी संगीत के लिए कोई विधिवत शिक्षा नहीं पाई थी। ये उनकी प्रकृति प्रदत्त आवाज़ का ही असर था जिसने उनके गाए गानों को अमर कर दिया। दिल इबादत कर रहा, तड़प तड़प के इस दिल से, तू ही मेरी शब है, जैसे अनगिनत गाने हैं जो सदियों तक प्रेम का प्रतीक बनकर लोगों को लुभाते रहेंगे।
खासकर युवाओं में बेहद प्रसिद्धि, और कम समय मे इतनी ऊंचाई पर पहुंचने के बावजूद केके बेहद विनम्र रहे। उन्होंने अपने समकक्ष गायकों से लेकर अपने बाद में आने वाली पीढ़ियों तक हर गायक की खुलकर प्रशंसा की। यही बड़प्पन असली कलाकार की पहचान होता है। केके अचानक ही, कम उम्र में सफर अधूरा छोड़कर चल दिये। उनके पीछे गुलाब की पंखुड़ियों की तरह महकते बिखरे रहेंगे उनके गाने और उनकी आवाज़ गूंजकर कहती रहेगी-
हम रहें या न रहें कल,
कल याद आएंगे ये पल।
पल ये हैं प्यार के पल,
चल आ मेरे संग चल।
चल सोचे क्या, छोटी सी है ज़िन्दगी।
कल मिल जाएं, तो होगी खुशनसीबी।