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परिणीति चोपड़ा का ब्लॉगः खुद को चुनौती देते रहना ही विकसित होना है

Fri, 20 Dec 2019 12:06 PM IST
Parineeti chopra परिणीति चोपड़ा
Updated Fri, 20 Dec 2019 12:06 PM IST
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bollywood actress parineeti chopra about her life and goals
हर कलाकार के लिए उसके चाहने वाले ही उसकी सबसे बड़ी नेमत होते हैं। - फोटो : अमर उजाला

मेरी दिल की डायरी के तमाम पन्ने ऐसे हैं जिन पर मेरे चाहने वालों का प्यार दर्ज है। हर कलाकार के लिए उसके चाहने वाले ही उसकी सबसे बड़ी नेमत होते हैं। मेरे जैसी कलाकार तो सिर्फ और सिर्फ उन्हीं के लिए काम करते हैं। क्या होता है कि आपकी हर फिल्म हिट हो जरूरी नहीं है। लेकिन, दो-तीन फ्लॉप फिल्मों के बाद भी अगर दर्शक मुझे लगातार प्यार देते रहते हैं तो मेरी जिम्मेदारी बढ़ती जाती है।

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मैं मानती हूं कि खुद में बदलाव लाते रहना ही जीवन का असली फलसफा होना चाहिए। मैं हिट फिल्म देने के बाद उस पर ज्यादा सोच-विचार नहीं करती क्योंकि वह मुझे कुछ नया नहीं सिखा पाएगी। लेकिन, फिल्म फ्लॉप होती है तो मैं घर पर बैठकर उसके बारे में सोचती हूं। पता करने की कोशिश करती हूं कि गलती कहां हुई, फिल्म भी दोबारा देखती हूं। अपनी गलतियों से सबक सीखने से ही एक इंसान जीवन में आगे बढ़ सकता है।
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bollywood actress parineeti chopra about her life and goals
जिस तरह की मैं इंसान हूं, मैं दो मिनट में दोस्त बना लेती हूं। - फोटो : फाइल फोटो

जीवन में खुलापन होना भी बहुत जरूरी है। अनजान लोगों से मिलकर उनसे परिचय करके हम अलग अलग नजरिए से खुद को और दुनिया को दोनों को देख सकते हैं। जिस तरह की मैं इंसान हूं, मैं दो मिनट में दोस्त बना लेती हूं। अनजान लोगों के साथ घुलने मिलने में मुझे बहुत वक्त भी नहीं लगता। लेकिन, अगर कोई साथी कलाकार पहले से परिचित हैं तो उसके साथ दोबारा काम करना थोड़ा आसान हो जाता है।

उदाहरण के लिए जैसे मैं और सिद्धार्थ मल्होत्रा हैं। हम दोनों हंसी तो फंसी में काम कर चुके हैं। अब जबरिया जोड़ी में काम कर रहे हैं। दोनों फिल्मों का भूगोल अलग है। भाषा अलग है। लेकिन, हम दोनों की टीम अच्छी है। किसी भी काम में अगर और लोग भी शामिल हैं तो मेरा मानना है कि हमें खुद को उस टीम में समाहित करना आना चाहिए। व्यक्तिगत आकांक्षाएं सबकी होती हैं, लेकिन इनके ऊपर भी हमें टीम की प्राथमिकताओं को नहीं भूलना चाहिए।

एक और बात जो मेरी दिल की डायरी में हाल ही में दर्ज हुई, वह है खुद को हमेशा चुनौती देते रहना। पहले मेरे पास जो भी फिल्म आती थी अगर उसकी पटकथा थोड़ी भी ठीक-ठाक हुई तो मैं वह फिल्म कर लेती थी। लेकिन अब कोई मुझे कहता है कि आप इस फिल्म के लिए बिल्कुल फिट हो तो वह फिल्म मैं नहीं करती। जैसे मैंने एक फिल्म साइन की, द गर्ल ऑन द ट्रेन। मुझे कुछ नहीं पता कि मैं इस फिल्म में कैसे काम करुंगी, इसक तैयारी मैं कर रही हूं लेकिन खुद को किसी भी चुनौती के लिए खुला रखना भी मैंने सीख लिया है।

 

bollywood actress parineeti chopra about her life and goals
मैं अब ऐसे काम करना चाहती हूं जो जीवन में पहले मैंने कभी नहीं किए। - फोटो : फाइल फोटो

एक और फिल्म के जरिए मैं अपनी बात समझाना चाहती हूं। यह फिल्म सायना नेहवाल की बायोपिक है। मैं जानबूझकर अब तक सायना से नहीं मिली हूं। मैं पहले खुद को इतना तो तैयार करना चाहती हूं कि मैं उनके जैसा तो नहीं लेकिन उसके आसपास खेलना सीख सकूं। मैंने जीवन में कोई खेल नहीं खेला। फिटनेस पर मेहनत तो खूब की, लेकिन प्रोफेशनल खिलाड़ी की तरह पहली बार खेलना सीख रही हूं।

यहां तक कि अपनी अगली फिल्म की शूटिंग के लिए मैं इस फिल्म के कोच को साथ ले जा रही हूं। मेरा मानना यह है कि किसी भी काम को शुरू करने से पहले उसके लिए खुद को तैयार करना बहुत जरूरी है। मौके तो जीवन में आते ही रहते हैं, जरूरी बात ये है कि जब ये मौका मिला तो आप कितनी अच्छी तरह से इस मौके को भुनाने के लिए तैयार थे। मैं अब ऐसे काम करना चाहती हूं जो जीवन में पहले मैंने कभी नहीं किए।

अमर उजाला के पाठकों के लिए मैं अपनी एक और बात साझा करना चाहती हूं। और वह ये कि जीवन में अनुशासन और व्यवस्था बहुत जरूरी है। जब भी आप काम पर जाते हैं, घर पर रहते हैं तो हर जगह के अनुशासन को मानना बहुत जरूरी है। जैसे मैं अपने घर की बात बताती हूं। मेरे घर में आपको हर चीज व्यवस्थित मिलेगी। मैं कोई एक चीज कहीं रख दूं तो मुझे दो महीने बाद भी पता रहेगा कि वह चीज कहां रखी है। इस तरह की व्यवस्था बनाए रखने से हमारी दिनचर्या सुगम होती है। खुद को अनुशासन में रखना और अपने आसपास के माहौल को व्यवस्थित रखना दूसरों के लिए भी सुगमता लाता है।

(अमर उजाला से हुई बातचीत पर आधारित)
 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।            

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