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माँ के बारे में

Thu, 03 Mar 2022 11:51 PM IST
Ravit Y Ravit Y
Updated Thu, 03 Mar 2022 11:51 PM IST
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हम तलाश रहे है
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प्रेम
सिर्फ उसी की आँखों मे
मुड़कर देख क्यों नही लेते
एक बार
अपनी माँ की आँखे।

माँ का हाथ
इस्त्री की तरह होता है
माथे पे आयी सिकनों को
वह हाथ फेर के मिटा देती है।
 
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
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