एचपीयू: केंद्र ने शिक्षक भर्ती को दी मंजूरी, एससीए चुनाव पर जारी रहेगी पाबंदी
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में 80 शिक्षकों की भर्ती के लिफाफे 30 मई को कार्यकारी परिषद की बैठक में खुलेंगे। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने शिक्षक भर्ती के लिए प्रदेश विश्वविद्यालय को मंजूरी दे दी है। ईसी की बैठक में लिफाफे खुलने के बाद चयनित शिक्षकों की घोषणा की जाएगी।
शनिवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने बतौर कुलपति पांच साल का कार्यकाल पूरा करने पर शिमला में प्रेस वार्ता करते हुए यह जानकारी दी। बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार ही शिक्षक भर्ती होंगे। अगर जरूरत पड़ी तो कानूनी राय भी ली जाएगी।
कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने बताया कि विश्वविद्यालय में बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी लगाने को लेकर भी 30 मई की बैठक में फैसला लिया जाएगा। कुलपति से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को इसके दायरे में लाया जाएगा। विश्वविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने और कैंपस में उपस्थिति सुनिश्चित बनाने के लिए यह फैसला लिया है।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय के इस साल होने वाले दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को बुलाने की तैयारी है। मौखिक सहमति मिल गई है। ऊना और मंडी में जल्द ही रिजनल सेंटर खोले जाएंगे। दोनों जगहों में 150-150 बीघा भूमि का चयन कर लिया है।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की बालूगंज में स्थित भूमि में जल्द ही दोनों विश्वविद्यालय मिलकर भवन निर्माण करेंगे। यहां वैदिक सेंटर खोलने का विचार है। इस दौरान कुलपति ने अपने पांच साल के कार्यकाल की उपलब्धियां, चुनौतियां और कमियां भी गिनाईं।
न छात्र संघ चुनाव होंगे, न घटेगी फीस
प्रो. एडीएन वाजपेयी ने दो टूक कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय और कालेजों में प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव नहीं होंगे। चुनावों से माहौल खराब होता है। छात्रों की राजनीति की जगह राजनीतिक दलों की राजनीति नहीं होने दी जाएगी। सीपीआईएम और सीटू कैडर बढ़ाने के लिए शिक्षण संस्थानों में दखल देती है। इन्हें छात्र हित से कोई लेना-देना नहीं है। कुलपति ने कहा कि फीस भी हिमाचल में घटाई नहीं जाएगी।
डिग्री मान्यता पर संकट की नहीं आई शिकायत
रूसा की डिग्री मान्यता पर आए संकट को लेकर पूछे सवाल पर प्रो. वाजपेयी ने बताया कि मुझे लिखित में किसी भी छात्र ने शिकायत नहीं की है। अगर शिकायत आएगी तो बाहरी राज्यों में हिमाचल के छात्रों को प्रवेश नहीं देने वाले विश्वविद्यालयों से स्वयं बात करेंगे।
एचपीयू की रैंकिंग सुधारने के प्रयास जारी
कुलपति ने बताया कि प्रदेश विश्वविद्यालय की रैंकिंग पहले 25 विश्वविद्यालयों में होनी चाहिए। जब रैंकिंग के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे तब विवि प्रशासन नैक सहित अन्य कामों में व्यस्त था। रिकार्ड समय से भेजने में हमारी गलती रही। इसे सुधारने के लिए अब प्रयास जारी है। जल्द हमारी रैंकिंग स्पष्ट होगी।