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खाद-बीज और पानी बिन चौपट हो रही खेती

Sat, 19 Nov 2016 02:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 19 Nov 2016 02:06 AM IST
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Seeds and fertilizers and water without getting destroyed farming
नाोटबंदी
बैंकों से रुपये न मिलने से जहां किसानों की गृहस्थी डगमगाने लगी है, वहीं खेती चौपट होने का डर भी सता रहा है। खेत बुवाई के लिए तैयार हैं लेकिन सहकारी साधन समितियों से खाद-बीज न मिलने से किसानों का धैर्य टूटने लगा है। शुक्रवार को हरहुआ में बीज देने से इन्कार करने पर किसानों ने हंगामा कर दिया। दानगंज और आराजीलाइन क्षेत्र की गोदामों में भी किसान खाद-बीज न मिलने से मायूस दिखे।
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राजकीय बीज गोदामों और सहकारी साधन समितियों में 500 और 1000 के नोट नहीं स्वीकार करने से किसान परेशान हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि बड़े नोट लेने के लिए रिजर्व बैंक से उन्हें कोई दिशा निर्देश नहीं मिला। शुक्रवार को हरहुआ के आयर गांव स्थित सहकारी साधन समिति  में किसानों ने खाद-बीज न मिलने पर पूर्व ग्राम प्रधान जगमोहन के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन किया।
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कहा, जब पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी और अस्पतालों में 1000 और 500 के नोट लिए जा रहे हैं तो साधन समितियों में क्यों नहीं। रवींद्र, लालमन, भज्जन यादव, संतोष, लाल बहादुर, भैयालाल, रवींद्र प्रसाद, दिनेश प्रसाद प्रजापति आदि किसानों ने बताया कि बुवाई का समय निकलता जा रहा है। रुपये के लिए बैंकों से चक्कर काटकर निराश हो चुके हैं तो यहां खाद-बीज के लिए परेशान किया जा रहा है।
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इसी तरह दानगंज के नियारडीह स्थित सहकारी समिति में बड़े नोट लेकर खाद लेने पहुंचे किसानों को वापस कर दिया गया। देवरिया के यतींद्र सिंह, हरदासीपुर के करिया यादव समेत अन्य किसान निराश लौट गए। आराजीलाइन के राजकीय बीज गोदाम में भी किसानों को बड़े नोट देने पर खाद-बीज नहीं मिल रहा। 
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