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बैरिकेड्स हटाकर लघु सचिवालय पहुंचे प्रदर्शनकारी, की नारेबाजी
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17jjrp05- टोकन केंद्र के बाहर इंतजार करते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर सोमवार को जिला मुख्यालय पर विभिन्न विभागों के श्रमिकों और कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों श्रमिकों और कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय पार्क में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। यह प्रदर्शन भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले आयोजित किया गया था।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स लगाकर रोकने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स हटाकर लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर पहुंच गए। उन्होंने डीसी से ज्ञापन लेने के लिए नीचे आने की मांग की। डीसी कार्यालय से बुलावे का निमंत्रण भेजे जाने पर प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि डीसी को नीचे आकर ही ज्ञापन लेना होगा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने डीसी के खिलाफ नारेबाजी भी की। कुछ देर बाद डीसी वर्षा खांगवाल खुद ज्ञापन लेने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं। किसी प्रदर्शन के दौरान डीसी का कर्मचारियों का ज्ञापन लेने पहुंचना यह पहली बार था। कर्मचारियों ने उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। डीसी ने उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
विरोध प्रदर्शन के चलते सरल केंद्र पर दोपहर के भोजन तक कोई काम नहीं हुआ। रजिस्ट्री, इंतकाल, ड्राइविंग लाइसेंस सहित विभिन्न प्रमाण पत्र बनवाने आए लोगों को परेशानी हुई। कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ के आह्वान पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन में भाग लिया था। इस कारण सरल केंद्र में प्रतीक पर्चियां भी नहीं काटी गईं। प्रतीक पर्ची केंद्र के गेट पर ताला लटका रहा और लोग कर्मचारियों का इंतजार करते रहे। दोपहर के भोजन के बाद ही केंद्र में काम शुरू हो सका।
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इंसेट
प्रदर्शन का नेतृत्व और प्रमुख वक्ता
जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय मजदूर संघ हरियाणा की प्रदेश उपाध्यक्ष छोटा गहलावत ने किया। मंच का संचालन भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री धीरज जाखड़ ने किया। छोटा गहलावत ने श्रमिकों को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनकी जायज मांगों की अनदेखी स्वीकार नहीं होगी। धीरज जाखड़ ने इस प्रदर्शन को श्रमिकों की एकजुटता का प्रतीक बताया। इस अवसर पर शमशेर सिंह, संदीप रोहिल्ला, सुमित राठी, नीरज पांडे, पंकज गुलिया, प्रमोद, सुरेंद्र भारद्वाज, प्रवीण कुमार, समे सिंह, संदीप राठी, जितेंद्र कादियान, अजीत और विनोद सहित कई लोग मौजूद थे।
इंसेट
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में ईएसआई न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह करना शामिल था। उन्होंने ईएसआई की वेतन सीमा 42 हजार रुपये और ईपीएफओ की वेतन सीमा 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। योजना कर्मचारियों के मानदेय में पर्याप्त वृद्धि और ग्रेच्युटी की सीमा 40 लाख रुपये करने की मांग भी उठाई गई। बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, बोनस की सीमा बढ़ाने और पात्रता शर्तों को उदार बनाने की मांग की गई। न्यूनतम पेंशन 75 हजार रुपये प्रतिमाह, महंगाई भत्ते और चिकित्सा सुविधा के साथ लागू करने की बात कही गई। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करने, समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने और ठेका तथा आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी।
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झज्जर। भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर सोमवार को जिला मुख्यालय पर विभिन्न विभागों के श्रमिकों और कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों श्रमिकों और कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय पार्क में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। यह प्रदर्शन भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले आयोजित किया गया था।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स लगाकर रोकने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स हटाकर लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर पहुंच गए। उन्होंने डीसी से ज्ञापन लेने के लिए नीचे आने की मांग की। डीसी कार्यालय से बुलावे का निमंत्रण भेजे जाने पर प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि डीसी को नीचे आकर ही ज्ञापन लेना होगा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने डीसी के खिलाफ नारेबाजी भी की। कुछ देर बाद डीसी वर्षा खांगवाल खुद ज्ञापन लेने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं। किसी प्रदर्शन के दौरान डीसी का कर्मचारियों का ज्ञापन लेने पहुंचना यह पहली बार था। कर्मचारियों ने उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। डीसी ने उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
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विरोध प्रदर्शन के चलते सरल केंद्र पर दोपहर के भोजन तक कोई काम नहीं हुआ। रजिस्ट्री, इंतकाल, ड्राइविंग लाइसेंस सहित विभिन्न प्रमाण पत्र बनवाने आए लोगों को परेशानी हुई। कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ के आह्वान पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन में भाग लिया था। इस कारण सरल केंद्र में प्रतीक पर्चियां भी नहीं काटी गईं। प्रतीक पर्ची केंद्र के गेट पर ताला लटका रहा और लोग कर्मचारियों का इंतजार करते रहे। दोपहर के भोजन के बाद ही केंद्र में काम शुरू हो सका।
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प्रदर्शन का नेतृत्व और प्रमुख वक्ता
जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय मजदूर संघ हरियाणा की प्रदेश उपाध्यक्ष छोटा गहलावत ने किया। मंच का संचालन भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री धीरज जाखड़ ने किया। छोटा गहलावत ने श्रमिकों को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनकी जायज मांगों की अनदेखी स्वीकार नहीं होगी। धीरज जाखड़ ने इस प्रदर्शन को श्रमिकों की एकजुटता का प्रतीक बताया। इस अवसर पर शमशेर सिंह, संदीप रोहिल्ला, सुमित राठी, नीरज पांडे, पंकज गुलिया, प्रमोद, सुरेंद्र भारद्वाज, प्रवीण कुमार, समे सिंह, संदीप राठी, जितेंद्र कादियान, अजीत और विनोद सहित कई लोग मौजूद थे।
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प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में ईएसआई न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह करना शामिल था। उन्होंने ईएसआई की वेतन सीमा 42 हजार रुपये और ईपीएफओ की वेतन सीमा 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। योजना कर्मचारियों के मानदेय में पर्याप्त वृद्धि और ग्रेच्युटी की सीमा 40 लाख रुपये करने की मांग भी उठाई गई। बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, बोनस की सीमा बढ़ाने और पात्रता शर्तों को उदार बनाने की मांग की गई। न्यूनतम पेंशन 75 हजार रुपये प्रतिमाह, महंगाई भत्ते और चिकित्सा सुविधा के साथ लागू करने की बात कही गई। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करने, समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने और ठेका तथा आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी।

17jjrp05- टोकन केंद्र के बाहर इंतजार करते लोग। संवाद