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कटरा एक्सप्रेस-वे को सीधा दिल्ली में यूईआर-2 से जोड़ने की तैयारी, जमीन अधिग्रहण शुरू
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फोटो-53: बहादुरगढ़ तहसील में रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोग। संवाद
कृष्ण वशिष्ठ
बहादुरगढ़। दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस-वे को सीधे दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(एनएचएआई) की ओर से दिल्ली के सात और बहादुरगढ़ क्षेत्र के छह गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
एनएचएआई की मांग पर उपायुक्त झज्जर वर्षा खनगवाल ने बहादुरगढ़ के प्रभावित गांवों में जमीनों की रजिस्ट्री और सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इन गांवों में प्रस्तावित मार्ग का नक्शा भी वायरल है और लोग अपनी जमीन की स्थिति जानने के लिए पटवारियों के चक्कर काट रहे हैं।
कटरा एक्सप्रेस-वे के विस्तार वाला करीब 20 किलोमीटर लंबा यह नया एक्सप्रेस-वे लिंक बहादुरगढ़ के गांव निलौठी से शुरू होकर केएमपी(कुंडली मानेसर पलवल) एक्सप्रेस-वे के आगे दिल्ली के रानीखेड़ा क्षेत्र में यूईआर-2 से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद कटरा एक्सप्रेस-वे से आने-जाने वाले वाहन सीधे दिल्ली पहुंच सकेंगे।
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इससे दिल्ली के लोगों के लिए कटरा जाना आसान होगा वहीं पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की ओर से आने वाले लोगों को भी बहादुरगढ़ शहर में प्रवेश किए बिना सीधा दिल्ली में एयरपोर्ट के अलावा अन्य स्थान और गुरुग्राम जाना आसान हो जाएगा।
अभी कटरा एक्सप्रेस-वे पर जाने के लिए केएमपी के रास्ते का उपयोग करना पड़ता है। इस दौरान वाहन चालकों को अलग से टोल टैक्स भी देना पड़ता है। नए लिंक के बनने के बाद ट्रैफिक को सीधा यूईआर-2 और आगे आईजीआई एयरपोर्ट व गुरुग्राम की ओर बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
इसे नेशनल एक्सप्रेस वे (एनई)-5 एक्सटेंशन परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी लंबाई करीब 20 किलोमीटर और अनुमानित लागत लगभग 1500 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह मार्ग एनएच-44 का भी एक वैकल्पिक रूट बनेगा।
एनएचएआई की द्वारका स्थित परियोजना इंप्लीमेंटेशन यूनिट इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रही है। परियोजना के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का काम एक एजेंसी को सौंपा गया है। साथ ही भूमि अधिग्रहण के लिए जमीनों का चयन कर अधिसूचना भी जारी कर दी है।
बहादुरगढ़ के नायब तहसीलदार प्रवीण कुमार ने बताया कि जिन गांवों की जमीन कटरा एक्सप्रेस वे के विस्तार की जद में आ रही है उनमें बहादुरगढ़ के निलौठी, खेड़ी जसौर, जसौर खेड़ी, कुलासी, कानौंदा और मुकंदपुर शामिल हैं। प्रशासनिक स्तर पर इन गांवों में जमीनों की खरीद-फरोख्त और सीएलयू प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी गई है ताकि अधिग्रहण प्रक्रिया प्रभावित न हो। वहीं दिल्ली में जौनती, गढ़ी रिंढाला, निजामपुर, लाडपुर, सावदा, कंझावला व रानीखेड़ा के नाम शामिल हैं।
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बहादुरगढ़। दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस-वे को सीधे दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(एनएचएआई) की ओर से दिल्ली के सात और बहादुरगढ़ क्षेत्र के छह गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
एनएचएआई की मांग पर उपायुक्त झज्जर वर्षा खनगवाल ने बहादुरगढ़ के प्रभावित गांवों में जमीनों की रजिस्ट्री और सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इन गांवों में प्रस्तावित मार्ग का नक्शा भी वायरल है और लोग अपनी जमीन की स्थिति जानने के लिए पटवारियों के चक्कर काट रहे हैं।
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कटरा एक्सप्रेस-वे के विस्तार वाला करीब 20 किलोमीटर लंबा यह नया एक्सप्रेस-वे लिंक बहादुरगढ़ के गांव निलौठी से शुरू होकर केएमपी(कुंडली मानेसर पलवल) एक्सप्रेस-वे के आगे दिल्ली के रानीखेड़ा क्षेत्र में यूईआर-2 से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद कटरा एक्सप्रेस-वे से आने-जाने वाले वाहन सीधे दिल्ली पहुंच सकेंगे।
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इससे दिल्ली के लोगों के लिए कटरा जाना आसान होगा वहीं पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की ओर से आने वाले लोगों को भी बहादुरगढ़ शहर में प्रवेश किए बिना सीधा दिल्ली में एयरपोर्ट के अलावा अन्य स्थान और गुरुग्राम जाना आसान हो जाएगा।
अभी कटरा एक्सप्रेस-वे पर जाने के लिए केएमपी के रास्ते का उपयोग करना पड़ता है। इस दौरान वाहन चालकों को अलग से टोल टैक्स भी देना पड़ता है। नए लिंक के बनने के बाद ट्रैफिक को सीधा यूईआर-2 और आगे आईजीआई एयरपोर्ट व गुरुग्राम की ओर बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
इसे नेशनल एक्सप्रेस वे (एनई)-5 एक्सटेंशन परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी लंबाई करीब 20 किलोमीटर और अनुमानित लागत लगभग 1500 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह मार्ग एनएच-44 का भी एक वैकल्पिक रूट बनेगा।
एनएचएआई की द्वारका स्थित परियोजना इंप्लीमेंटेशन यूनिट इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रही है। परियोजना के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का काम एक एजेंसी को सौंपा गया है। साथ ही भूमि अधिग्रहण के लिए जमीनों का चयन कर अधिसूचना भी जारी कर दी है।
बहादुरगढ़ के नायब तहसीलदार प्रवीण कुमार ने बताया कि जिन गांवों की जमीन कटरा एक्सप्रेस वे के विस्तार की जद में आ रही है उनमें बहादुरगढ़ के निलौठी, खेड़ी जसौर, जसौर खेड़ी, कुलासी, कानौंदा और मुकंदपुर शामिल हैं। प्रशासनिक स्तर पर इन गांवों में जमीनों की खरीद-फरोख्त और सीएलयू प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी गई है ताकि अधिग्रहण प्रक्रिया प्रभावित न हो। वहीं दिल्ली में जौनती, गढ़ी रिंढाला, निजामपुर, लाडपुर, सावदा, कंझावला व रानीखेड़ा के नाम शामिल हैं।

फोटो-53: बहादुरगढ़ तहसील में रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोग। संवाद

फोटो-53: बहादुरगढ़ तहसील में रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोग। संवाद