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फार्मासिस्टों की हड़ताल से जिले में चिकित्सीय सेवाएं ठप
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Tue, 20 Sep 2016 11:08 PM IST
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फार्मासिस्टों की हड़ताल के कारण लोहिया अस्पताल में मायूस खड़े इंजेक्शन लगवाने आए लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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संयुक्त राज्य कर्मचारी संघ डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल के चलते मंगलवार को लोहिया अस्पताल में ओपीडी पूरी तरह से बाधित रही। दवा लेने पहुंचे रोगियों को परामर्श तो मिला लेकिन औषधि कक्ष में ताला बंदी होने के कारण उन्हें बिना दवा लिए वापस लौटना पड़ा। अनिश्चितकालीन
हड़ताल के पहले दिन ही स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से धराशायी हो गईं।हड़ताल के चलते लोहिया समेत सभी अस्पतालों में दवा वितरण काउंटर, इंजेक्शन रूम में ताला लटकता रहा। चिकित्सालयों में पैथालॉजी लैब, नेत्र परीक्षण, फिजियोथेरेपी के काम पूरी तरह से बंद रहे। इन विभागों में पूरे दिन
ताले लटकते रहे। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने घूम-घूमकर नारेबाजी करते हुए चिकित्सालयों का निरीक्षण किया। कायमगंज, कमालगंज, शमसाबाद, नवाबगंज, राजेपुर, मोहम्मदाबाद और बरौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से बाधित रही। इसके बाद कर्मचारियों ने
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लोहिया अस्पताल में एक सभा का आयोजन किया, जिसमें सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने सहयोग देने का आश्वासन दिया। कहा गया कि सरकार की उदासीनता एवं अधिकारियों के रवैये पर कर्मचारियों में आक्रोश है। कहा गया कि लैब टेक्नीशियन संघ के मंत्री सतीश सागर ने सरकार को चेतावनी दी है
कि मांगों पर समझौता न किया गया तो आंदोलन उग्र किया जाएगा। अनिल कुमार विद्यार्थी ने कहा कि जिले के सभी आल्ट्रोमेट्रिस्ट हड़ताल पर हैं, जिनमें नेत्र परीक्षण का कार्य पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सभा का संचालन मंत्री जितेंद्र सिंह और अध्यक्षता चक्र सिंह यादव ने की। इस अवसर पर
शिवकुमार, सुरेशचंद्र, सुधाकांत मिश्र, संजीव चौधरी, मंजू शाक्या, हरिश्याम सिंह, अरविंद राजपूत, अरविंद प्रजापति, केके अस्थाना, बीबी कटियार, विनीत सचान, अभिषेक कुमार, रीता मिश्रा, अपर्णा यादव और ब्रजेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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हड़ताल के पहले दिन ही स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से धराशायी हो गईं।हड़ताल के चलते लोहिया समेत सभी अस्पतालों में दवा वितरण काउंटर, इंजेक्शन रूम में ताला लटकता रहा। चिकित्सालयों में पैथालॉजी लैब, नेत्र परीक्षण, फिजियोथेरेपी के काम पूरी तरह से बंद रहे। इन विभागों में पूरे दिन
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ताले लटकते रहे। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने घूम-घूमकर नारेबाजी करते हुए चिकित्सालयों का निरीक्षण किया। कायमगंज, कमालगंज, शमसाबाद, नवाबगंज, राजेपुर, मोहम्मदाबाद और बरौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से बाधित रही। इसके बाद कर्मचारियों ने
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लोहिया अस्पताल में एक सभा का आयोजन किया, जिसमें सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने सहयोग देने का आश्वासन दिया। कहा गया कि सरकार की उदासीनता एवं अधिकारियों के रवैये पर कर्मचारियों में आक्रोश है। कहा गया कि लैब टेक्नीशियन संघ के मंत्री सतीश सागर ने सरकार को चेतावनी दी है
कि मांगों पर समझौता न किया गया तो आंदोलन उग्र किया जाएगा। अनिल कुमार विद्यार्थी ने कहा कि जिले के सभी आल्ट्रोमेट्रिस्ट हड़ताल पर हैं, जिनमें नेत्र परीक्षण का कार्य पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सभा का संचालन मंत्री जितेंद्र सिंह और अध्यक्षता चक्र सिंह यादव ने की। इस अवसर पर
शिवकुमार, सुरेशचंद्र, सुधाकांत मिश्र, संजीव चौधरी, मंजू शाक्या, हरिश्याम सिंह, अरविंद राजपूत, अरविंद प्रजापति, केके अस्थाना, बीबी कटियार, विनीत सचान, अभिषेक कुमार, रीता मिश्रा, अपर्णा यादव और ब्रजेश कुमार आदि मौजूद रहे।