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सांखोल के मेजर जनरल विकास चौधरी अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित
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फ़ोटो-90: राष्ट्रपति से सम्मान प्राप्त करते विकास चौधरी। स्रोत परिजन
फ़ोटो-90
बहादुरगढ़। गांव सांखोल निवासी मेजर जनरल विकास चौधरी को भारतीय सेना में उत्कृष्ट और विशिष्ट योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) से सम्मानित किया गया है। इस उपलब्धि पर गांव, क्षेत्र और परिवार में हर्ष का माहौल है।
मेजर जनरल चौधरी ने वर्ष 1991 में भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से प्रशिक्षण प्राप्त कर तीसरी राजपूताना राइफल्स में कमीशन प्राप्त किया था। सैन्य कॅरिअर में उन्होंने सिक्किम, पंजाब, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा भारत-चीन सीमा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्तमान में वे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) प्रशिक्षण अकादमी में महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) के पद पर कार्यरत हैं।
उन्हें पूर्व में युद्ध सेवा पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। वे एक सैन्य परिवार से संबंध रखते हैं, जिसमें उनके पिता कर्नल कृष्ण चौधरी, भाई सेवानिवृत्त विंग कमांडर और अन्य परिजन भी देश सेवा में रहे हैं।
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परिजनों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया और इसे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
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बहादुरगढ़। गांव सांखोल निवासी मेजर जनरल विकास चौधरी को भारतीय सेना में उत्कृष्ट और विशिष्ट योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) से सम्मानित किया गया है। इस उपलब्धि पर गांव, क्षेत्र और परिवार में हर्ष का माहौल है।
मेजर जनरल चौधरी ने वर्ष 1991 में भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से प्रशिक्षण प्राप्त कर तीसरी राजपूताना राइफल्स में कमीशन प्राप्त किया था। सैन्य कॅरिअर में उन्होंने सिक्किम, पंजाब, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा भारत-चीन सीमा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्तमान में वे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) प्रशिक्षण अकादमी में महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) के पद पर कार्यरत हैं।
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उन्हें पूर्व में युद्ध सेवा पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। वे एक सैन्य परिवार से संबंध रखते हैं, जिसमें उनके पिता कर्नल कृष्ण चौधरी, भाई सेवानिवृत्त विंग कमांडर और अन्य परिजन भी देश सेवा में रहे हैं।
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परिजनों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया और इसे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।