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मैडम पिता मुझे, मां और भाई को पीटते हैं, कुछ करिए...
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धर्मशाला। मैडम, मेरे पिता मुझे, मां और भाई को पीटते हैं। आप कुछ मदद करिए...। यह बात मंगलवार को धर्मशाला स्थित डीसी कार्यालय के सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक 13 वर्षीय बच्ची ने राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी के दरबार में पहुंचकर कही। बच्ची ने कहा कि उनके पिता मानसिक तौर पर परेशान हैं, जिनका इलाज चल रहा है। इस पल को देख महिला आयोग की सदस्य समेत उपस्थित अन्य अधिकारी भावुक हो गए। महिला आयोग की सदस्य ने संबंधित विभाग को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित बच्ची को दुलारते हुए उसे पढ़ाई जारी रखने और अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रोत्साहित किया।
जनसुनवाई के दौरान जिले से 13 वर्ष की बच्चियों से लेकर 63 वर्ष आयु की महिलाएं भी घरेलू उत्पीडऩ मामलों को लेकर आयोग की सदस्य ममता कुमारी के समक्ष पहुंचीं। इस अवसर पर आयोग के समक्ष 30 शिकायतें प्रस्तुत की गईं। इनमें से 25 पंजीकृत शिकायतें एवं पांच नई शिकायत आईं। यौन उत्पीड़न के तीन, घरेलू हिंसा के 12, दहेज मांग के चार, मारपीट के पांच और धमकी का एक मामला आयोग के पास पहुंचा। जनसुनवाई में सबसे अधिक मामले घरेलू हिंसा के पाए गए। वहीं, 63 वर्षीय महिला भी अपने पति से घरेलू हिंसा के मामले लेकर धर्मशाला पहुंचीं। उन्होंने बताया वर्तमान में वह अपने बेटे के पास रहती हैं, इसके बावजूद उनके पति उन्हें परेशान करते हैं। उन्होंने महिला आयोग के समक्ष अपने पति से खर्च के लिए मांग की। इसके अलावा अन्य कई पढ़ी लिखीं एमए, बीटेक कर चुकीं युवतियां भी अपने घरेलू हिंसा के मामले को लेकर जन सुनवाई कार्यक्रम में पहुंची थीं। ममता कुमारी ने संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश देने के अलावा पीड़ित नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनने और नौकरी करने की सलाह दी। इसके अलावा जनसुनवाई में कुछ पुरुष भी महिलाओं की ओर से की जा रही हिंसा के मामलों को लेकर पहुंचे। इस पर ममता कुमारी ने कहा कि कुछ महिलाएं कानून का नाजायज फायदा उठा रही हैं। झूठे आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस पर महिलाओं के डगमगाते विश्वास को लेकर पुलिस विभाग को भी हिदायत दी।
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जनसुनवाई के दौरान जिले से 13 वर्ष की बच्चियों से लेकर 63 वर्ष आयु की महिलाएं भी घरेलू उत्पीडऩ मामलों को लेकर आयोग की सदस्य ममता कुमारी के समक्ष पहुंचीं। इस अवसर पर आयोग के समक्ष 30 शिकायतें प्रस्तुत की गईं। इनमें से 25 पंजीकृत शिकायतें एवं पांच नई शिकायत आईं। यौन उत्पीड़न के तीन, घरेलू हिंसा के 12, दहेज मांग के चार, मारपीट के पांच और धमकी का एक मामला आयोग के पास पहुंचा। जनसुनवाई में सबसे अधिक मामले घरेलू हिंसा के पाए गए। वहीं, 63 वर्षीय महिला भी अपने पति से घरेलू हिंसा के मामले लेकर धर्मशाला पहुंचीं। उन्होंने बताया वर्तमान में वह अपने बेटे के पास रहती हैं, इसके बावजूद उनके पति उन्हें परेशान करते हैं। उन्होंने महिला आयोग के समक्ष अपने पति से खर्च के लिए मांग की। इसके अलावा अन्य कई पढ़ी लिखीं एमए, बीटेक कर चुकीं युवतियां भी अपने घरेलू हिंसा के मामले को लेकर जन सुनवाई कार्यक्रम में पहुंची थीं। ममता कुमारी ने संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश देने के अलावा पीड़ित नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनने और नौकरी करने की सलाह दी। इसके अलावा जनसुनवाई में कुछ पुरुष भी महिलाओं की ओर से की जा रही हिंसा के मामलों को लेकर पहुंचे। इस पर ममता कुमारी ने कहा कि कुछ महिलाएं कानून का नाजायज फायदा उठा रही हैं। झूठे आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस पर महिलाओं के डगमगाते विश्वास को लेकर पुलिस विभाग को भी हिदायत दी।
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