स्वास्थ्य: उजाला हेल्थकेयर का 150 बेड वाला सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल श्रीनगर में शुरू, LG ने किया उद्घाटन
श्रीनगर में उजाला सिग्नस कश्मीर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन हुआ। उजाला ग्रुप ने अपना 18वां हॉस्पिटल श्रीनगर में स्थापित किया है। यह हॉस्पिटल 150 बेड वाला सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल है।
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इस अवसर पर उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रोबल घोसाल, फाउंडर और डायरेक्टर डॉ. शुचिन बजाज और डॉ दिनेश बत्रा, उजाला सिग्नस कश्मीर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. परवेज सोफी भी उपलब्ध रहे। कंपनी प्रबंधक ने बताया कि उजाला ग्रुप ने अपना 18वां हॉस्पिटल श्रीनगर में स्थापित किया है। यह हॉस्पिटल 150 बेड वाला सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल है। श्रीनगर के अलावा राजौरी, लद्दाख, लेह अनंतनाग, बांदीपुर, बारामूला, बडगाम, कुपवाड़ा, पुलवामा, शोपियां, किश्तवाड़, पंच, रामबन, कठुआ के लोग इस हॉस्पिटल से लाभांवित होंगे।
श्रीनगर के इस नए हॉस्पिटल में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक और जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, गायनोकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटोलॉजी, इंटरनल मेडिसिन, यूरोलॉजी, रुमेटोलॉजी, ऑन्कोसर्जरी, ऑप्थल्मोलॉजी, पल्मोनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, चौबीस घंटे ट्रॉमा और क्रिटिकल केयर, ईएनटी, प्लास्टिक और वैस्कुलर सर्जरी में शानदार सेकेंडरी और टेरिटयरी केयर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अस्पताल प्रबंधक ने बताया कि हॉस्पिटल में अत्याधुनिक रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट, चौबीसों घंटे फार्मेसी, लैब और एम्बुलेंस सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। इसमें 24X7 टोल-फ्री मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन सुविधा भी है।
इस दौरान उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रोबल घोसाल ने कहा, 'हॉस्पिटल को यहां पर स्थापित करने का उद्देश्य अपने देश के सबसे दूरदराज के हिस्सों तक पहुंचना और कश्मीर घाटी के दूर-दराज के इलाकों मे भी चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है। सभी हॉस्पिटल आपातकालीन और वैकल्पिक दोनों सुविधाएं प्रदान करते हैं। सभी हॉस्पिटल ज्वाइंट रिप्लेसमेंट, ट्रॉमा सर्जरी, न्यूरोलॉजिकल और स्पाइनल सर्जरी, यूरोलॉजी, ऑप्थल्मोलॉजी, इनफर्टिलिटी और ईएनटी जैसी सर्जरी में माहिर हैं। इस यूनिट लांच से हम टियर II और टियर III शहरों में वैल्यू बेस्ड इंक्लूसिव हेल्थकेयर ब्रांड बना रहे हैं ताकि लोगों को सस्ती कीमतों मे गुणवत्तापूर्ण देखभाल मिल सके।'
इस हॉस्पिटल के लांच होने से सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने की सरकार की पहल को मजबूती मिलेगी। गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं प्रदान करने और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित करने की सोच डॉ. दिनेश बत्रा की रही है। वह पिछले 30 सालों से भी ज्यादा समय से स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधारों के प्रमुख अगुआ रहे हैं। डॉ. दिनेश ने प्राइमस ग्रुप के लिए अस्पतालों को स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्राइमस ग्रुप अंबूजा और नाइजीरिया में अपने अस्पताल स्थापित कर चुका है।
उजाला सिगनस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के डायरेक्टर और फाउंडर डॉ दिनेश बत्रा ने कहा, 'टियर II और टियर III शहरों में स्वास्थ्य सुविधाएं हर किसी तक पहुंचना बहुत जरूरी है। हमारा प्रयास है कि वंचित क्षेत्रों और वंचित लोगों तक सभी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचे।'
स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाली सरकार की प्रमुख योजना 'आयुष्मान भारत' में हेल्थकेयर में क्रांति लाने की क्षमता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा हेल्थकेयर प्लेटफार्म है। उजाला सिग्नस ने कश्मीर के श्रीनगर और अन्य राज्यों मे स्थापत्य सभी 17 अस्पतालों में भी इस योजना के तहत चिकित्सा सेवाएं देने का बीड़ा उठाया है।
उजाला सिग्नस कश्मीर सुपर- स्पेशलिटी हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. परवेज सोफी ने कहा कि लंबे समय से जम्मू और कश्मीर में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं और ट्रॉमा फैसिलिटी का अभाव रहा है। उजाला सिग्नस कश्मीर द्वारा 24×7 महत्वपूर्ण देखभाल प्रदान करके इस कमी को पूरा किया जायेगा।
उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के फाउंडर और डायरेक्टर डॉ. शुचिन बजाज ने कहा, 'एडवांस डायग्नोसिस और लेटेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी की मदद से हम कश्मीर राज्य के हेल्थकेयर सेक्टर सेनारियो को बदलना चाहते हैं। यहां पर हम अपनी हेल्थकेयर एक्सपार्टिज लाएंगे और जम्मू-कश्मीर और इसके आसपास के क्षेत्रों की बड़ी आबादी को उच्च गुणवत्ता वाली सेकेंडरी और टेरटियरी केयर सुविधाएं प्रदान करेंगे। इस हॉस्पिटल के स्थापित होने से न केवल गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिल सकेगा। पिछले एक दशक में हमारा ध्यान देश की कम सेवा वाली आबादी के बीच छोटे शहरों और शहरों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर रहा है। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हमारे अस्पतालों ने इन क्षेत्रों में टेरटियरी केयर की कमी को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।'