आयोग ने मानी गलती, फेल अभ्यर्थी को दी नौकरी
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प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने गलती मानकर फेल किए अभ्यर्थी को करीब नौ महीने बाद नौकरी दे ही दी। बीते 28 अप्रैल को पीड़ित अभ्यर्थी का साक्षात्कार लेकर उपायुक्त कार्यालय किन्नौर में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) के पद पर ज्वाइन कराया गया है। अमर उजाला ने बीते 21 मार्च के अंक में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
लिखित परीक्षा और टाइपिंग टेस्ट को उत्तीर्ण करने के बावजूद इस अभ्यर्थी को आयोग ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। टाइपिंग स्पीड 40 होने के बावजूद आयोग ने 20 की स्पीड बताकर फेल किया था। खबर छपने के बाद हरकत में आए आयोग ने इस मामले की जांच करवाई।
विभागीय जांच में मूल्यांकन स्तर पर लापरवाही सामने आई, जिसके बाद आयोग की बैठक में इस मामले को उठाया गया। आयोग ने पीड़ित अभ्यर्थी को साक्षात्कार के लिए बुलाने का निर्णय लिया और लंबी लड़ाई के बाद अब नियुक्ति पत्र जारी किया है।
आयोग के चेयरमैन ब्रिगेडियर सतीश कुमार शर्मा ने कहा कि आयोग ने पोस्ट कोड 447 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के तहत किन्नौर के एक अभ्यर्थी को ज्वाइनिंग पत्र जारी कर दिया है। आयोग ने अप्रैल माह में साक्षात्कार लिया था। किसी कारणवश सामने आई त्रुटि को दूर करते हुए इस मामले को प्राथमिकता के साथ निपटाकर पीड़ित अभ्यर्थी को न्याय दिया गया है।
यह है मामला
प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने विभिन्न विभागों में पोस्ट कोड 447 के तहत जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 1400 पदों को भरने के लिए वर्ष 2015 में आवेदन मांगे थे। अप्रैल 2016 में लिखित एवं छंटनी परीक्षा हुई। लिखित परीक्षा में मेरिट हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के लिए नवंबर 2016 में साक्षात्कार लिए गए।
सितंबर 2017 में आयोग ने फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस दौरान किन्नौर के धर्म सिंह को टाइपिंग टेस्ट में 20 अंक देकर फेल कर दिया था। धर्म सिंह ने आरटीआई से सूचना के लिए आवेदन किया। पड़ताल शुरू हुई तो अंग्रेजी में 40 शब्द प्रति मिनट टाइपिंग स्पीड निकली।