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घर में आग, पिता-पुत्री की मौत
ब्यूरो,अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Thu, 10 Mar 2016 12:49 AM IST
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घर में आग, पिता-पुत्री की मौत
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बीड़र गांव का ऑरेंज (28) दुद्धी बाजार में काम करता था। मंगलवार की रात करीब आठ बजे ऑरेंज, उसकी पत्नी राजकुमारी (24) ने अपने बच्चों आरुषि (2) और आयुषी (5) के साथ खाना खाया और फिर सो गए। इस दौरान राजकुमारी ने चारपाई के बगल में लालटेन जलाकर छोड़ दिया था। संभवत: लालटेन गिरने से घर में आग लग गई।
आग की लपट तेज हुई तो पति-पत्नी की नींद खुली, लेकिन वे बाहर नहीं निकल पाए। हवा तेज होने के कारण कच्चा मकान आग से पूरी तरह घिर गया। ग्रामीणों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
ग्रामीणों ने दीवार खोदकर चारों को बाहर निकाला। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा था, लेकिन ऑरेंज ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
अस्पताल में चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी पत्नी और बच्चों का उपचार शुरू हुआ, लेकिन हालत में सुधार न होने पर तीनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बुधवार की भोर करीब चार बजे आयुषी ने भी दम तोड़ दिया। मंगलवार की रात आग लगने की सूचना के दो घंटे बाद भी फायर ब्रिगेड न पहुंचने पर लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने किसी तरह आग बुझाई। आग बुझने के बाद फायर ब्रिगेड का वाहन वहां पहुंचा।
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आग की लपट तेज हुई तो पति-पत्नी की नींद खुली, लेकिन वे बाहर नहीं निकल पाए। हवा तेज होने के कारण कच्चा मकान आग से पूरी तरह घिर गया। ग्रामीणों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
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ग्रामीणों ने दीवार खोदकर चारों को बाहर निकाला। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा था, लेकिन ऑरेंज ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
अस्पताल में चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी पत्नी और बच्चों का उपचार शुरू हुआ, लेकिन हालत में सुधार न होने पर तीनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बुधवार की भोर करीब चार बजे आयुषी ने भी दम तोड़ दिया। मंगलवार की रात आग लगने की सूचना के दो घंटे बाद भी फायर ब्रिगेड न पहुंचने पर लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने किसी तरह आग बुझाई। आग बुझने के बाद फायर ब्रिगेड का वाहन वहां पहुंचा।
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