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13.25 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

Thu, 10 Mar 2016 03:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 10 Mar 2016 03:51 PM IST
सार

  • समाज कल्याण विभाग के पास सामान्य और अनुसूचित जाति व जनजाति के सभी छात्रों को वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए बजट है।
  • लेकिन पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के पास सीमित बजट ही उपलब्ध है।
  • कक्षा-11 व 12, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) कोर्सेज व पॉलीटेक्निक डिप्लोमा के विद्यार्थियों को पहले छात्रवृत्ति के साथ शुल्क की भरपाई की जाएगी।

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स्टूडेंट्स - फोटो : google

विस्तार

15 मार्च तक धनराशि भेजने का फैसला

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पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशालय ने इन पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं को तरजीह देने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने 15 मार्च तक सभी पात्र छात्रों के खातों में धनराशि भेजने का फैसला किया है।

दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत चालू सत्र में 13.25 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाना है।

समाज कल्याण विभाग के पास तो सामान्य और अनुसूचित जाति व जनजाति के सभी छात्रों को वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए बजट है, लेकिन पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के पास सीमित बजट ही उपलब्ध है।
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फ्रेश कैटेगरी (विभिन्न पाठ्यक्रमों के पहली साल में दाखिला लेने वाले) के काफी विद्यार्थियों को योजना के लाभ से वंचित रह जाने की संभावना है। अलबत्ता नवीनीकरण श्रेणी के सभी विद्यार्थियों को भुगतान हो सकेगा।

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गरीब परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता

इसे देखते हुए पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशालय ने समूह-4 के पाठ्यक्रमों के छात्रों को तरजीह देने के निर्देश दिए हैं।

यानी, कक्षा-11 व 12, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) कोर्सेज व पॉलीटेक्निक डिप्लोमा के विद्यार्थियों को पहले छात्रवृत्ति के साथ शुल्क की भरपाई की जाएगी।

उसके बाद अन्य पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों का नंबर आएगा। विभाग की निदेशक पुष्पा सिंह ने बताया कि आईटीआई और पॉलीटेक्निक सरीखे पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले अधिकतर बच्चे गरीब परिवारों से होते हैं। इसलिए इन्हें प्राथमिकता देने का निर्णय किया गया है।

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