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वन श्रमिकों को सात माह से नहीं मिला वेतन
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा
Updated Mon, 18 Jul 2016 12:16 AM IST
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डीएफओ कार्यालय परिसर में रविवार को हुई कुमाऊं वन श्रमिक संघ की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वन श्रमिकों को सात माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने वन श्रमिकों के नियमितीकरण न होने पर रोष जताया।
वन श्रमिकों ने कहा कि बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ में वन श्रमिकों को सात माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों ने अपने चहेतों को वन रक्षकों के पदों पर नियमित नियुक्त दे दी है, जबकि कई सालों से विभाग में काम कर रहे वन श्रमिकों को नियमित नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लगातार तीन साल काम कर चुके वन श्रमिकों को शीघ्र नियमित किया जाए। आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर वन श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वन श्रमिकों को न्यूनतम नौ हजार रुपये मानदेय दिया जाए। बैठक में वन श्रमिकों को फायर सीजन में वर्दी, जूता, फायर सामग्री देने की मांग की। अध्यक्षता गोपाल दत्त तिवारी, संचालन त्रिलोचन भट्ट ने किया। बैठक में कैलाश चंद्र जोशी, महेश तिवारी, रणजीत सिंह, गोपाल तिवारी, चंद्रमोहन जोशी आदि थे।
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वन श्रमिकों ने कहा कि बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ में वन श्रमिकों को सात माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों ने अपने चहेतों को वन रक्षकों के पदों पर नियमित नियुक्त दे दी है, जबकि कई सालों से विभाग में काम कर रहे वन श्रमिकों को नियमित नहीं किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि लगातार तीन साल काम कर चुके वन श्रमिकों को शीघ्र नियमित किया जाए। आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर वन श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वन श्रमिकों को न्यूनतम नौ हजार रुपये मानदेय दिया जाए। बैठक में वन श्रमिकों को फायर सीजन में वर्दी, जूता, फायर सामग्री देने की मांग की। अध्यक्षता गोपाल दत्त तिवारी, संचालन त्रिलोचन भट्ट ने किया। बैठक में कैलाश चंद्र जोशी, महेश तिवारी, रणजीत सिंह, गोपाल तिवारी, चंद्रमोहन जोशी आदि थे।
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