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लखनऊ यूनिवर्सिटीः इंजीनियरिंग की स्पॉट काउंसलिंग रद्द, अब चहेतों को दिया जा रहा दाखिला

Wed, 16 Aug 2017 04:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 16 Aug 2017 04:13 PM IST
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 engineering spot counselling cancelled in lucknow university
डेमो - फोटो : डेमो
राज्य प्रवेश परीक्षा में 1156 रैंक लाने वाले अभ्यर्थी गौतम पोद्दानी किसी कारण से मुख्य काउंसलिंग में सीट लॉक नहीं कर सके। लखनऊ विवि द्वारा इंजीनियरिंग की सीटों पर सीधे दाखिले के लिए आवेदन मांगने पर उसने भी आवेदन फॉर्म भर दिया। अच्छी रैंक होने की वजह से उन्हेें उम्मीद थी कि  मनचाही ब्रांच में उसे दाखिला मिल जाएगा। पर, लविवि ने आठ अगस्त को प्रस्तावित स्पॉट काउंसलिंग रद्द कर दी।
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ऐसे में मजबूरी में पोद्दानी ने राजधानी के ही एक निजी संस्थान में जाकर दाखिला लिया। अब उससे खराब रैंक वाले अभ्यर्थियों को दाखिला दिया जा रहा है। पोद्दानी ही नहीं लविवि की स्पॉट काउंसलिंग में दाखिला पाने की आस लगाने वाले तीन सौ से ज्यादा अभ्यर्थियों का यही हाल है।
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इंजीनियरिंग में अच्छे संस्थान में दाखिले के लिए जहां एक ओर मारामारी मचती है वहीं दूसरी तरफ खराब संस्थानों की तरफ कोई मुंह उठाकर भी नहीं देखता है। राज्य प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग में पहली बार शामिल होने के बावजूद लविवि को स्टूडेंट्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। कांउसलिंग में सभी सीटें आवंटित हो गईं। लेकिन दो अगस्त तक हुई रिपोर्टिंग के बाद खाली सीटों पर स्थिति साफ हो गई।
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इसके बावजूद विवि ने सीट खाली न होने की बात कहते हुए स्पॉट काउंसलिंग रद्द कर दी। ऐसे में अभ्यर्थी ने दूसरे संस्थान में दाखिला ले लिया। निजी संस्थान किसी सूरत में फीस वापस नहीं करते हैं। ऐसे में चाहकर भी वे लविवि में दाखिला नहीं ले सकते। लविवि प्रशासन इसका फायदा उठा रहा है। स्पॉट काउंसलिंग रद्द करके अब अपने चहेतों को दाखिला दिया जा रहा है।

छात्र संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी

 engineering spot counselling cancelled in lucknow university
डेमो - फोटो : demo pic
विवि सभी दाखिले और सूचना ऑनलाइन जार करने का दावा करता है, लेकिन जहां मनमानी करनी है वहां ये नियम लागू नहीं। प्रशासन ने काउंसलिंग रद्द करने की सूचना ऑनलाइन जारी की। इसके बाद दावा किया जा रहा है कि जितने आवेदन आए उनकी मेरिट तैयार की गई है उसी के हिसाब से अभ्यर्थियों को दाखिले की सूचना दी जा रही है।

यह सब कुछ मौखिक ही किया जा रहा है। वेबसाइट या कार्यालय में सूचना जारी ही नहीं हुई। प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि काउंसलिंग से सभी सीटें भरी थीं। रिपोर्टिंग के वक्त पता होता तो स्पॉट काउंस‌लिंग कैंसिल न की जाती। इसलिए मेरिट पर दाखिले किए हैं।

मनमानी के खिलाफ छात्र संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। समाजवादी छात्र सभा के टीडी सिंह और अनिल मास्टर के साथ ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री सत्यभान भदौरिया ने विवि प्रशासन की मनमानी पर आक्रोश जताया है। संगठनों ने बताया कि  जरूरत पड़ी तो मामला अदालत में ले जाया जाएगा।

लविवि ने इस साल से शुरू हुए इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में एसईई के अलावा सीधे आवेदन फॉर्म भी मांगे थे। सीधे दाखिले के लिए 350 से ज्यादा आवेदन फॉर्म आए थे। एसईई की मेरिट के आधार पर इनके दाखिले के लिए आठ अगस्त को स्पॉट काउंसलिंग प्रस्तावित थी। विवि प्रशासन ने पांच अगस्त को सभी सीट भरने की बात कहते हुए स्पॉट काउंसलिंग रद्द कर दी। जबकि  एसईई के माध्यम से लविवि में कुल 300 में से सिर्फ 289 दाखिले ही हुए हैं। 

लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद विवि प्रशासन खाली बची सीटों का ब्यौरा जारी नहीं कर रहा है। विवि द्वारा खाली बची सीटों का ब्यौरा जारी न करने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जिन कोर्स मेें सीट खाली बची हैं या फिर दाखिला कैंसिल करवाने की वजह से जो रिक्ति हुई है उसका ब्यौरा सार्वजनिक कर देना चाहिए। ब्यौरा सार्वजनिक न होने पर इंजीनियरिंग की तरह इसमें भी चोरी-छिपे दाखिले होने की आशंका है।

 
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