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किशोरों में तनाव व यौन संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए चिकित्सक नियुक्त
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13-पीजीआई पीजीआई ओपीडी में क्लीनिक के बाहर उपस्थित कुलपति ङॉ. एचके अग्रवाल, निदेशक डॉ. एसके सि
- फोटो : संस्थान
रोहतक। पीजीआई की ओपीडी में अब किशोर और अधिक उम्र के युवा खुलकर तनाव व यौन संबंधी समस्या को बता सकेंगे। इसके लिए ओपीडी में स्पेशल क्लीनिक की स्थापना की गई है। हर मंगलवार को लगने वाले इस क्लीनिक में अलग से चिकित्सक भी नियुक्त किए गए हैं। मनोवैज्ञानिक और परामर्शदाता युवाओं को इन समस्याओं को लेकर परामर्श देंगे।
स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि ओपीडी में 14 वर्ष तक के बच्चों को शिशु रोग विभाग में उपचार मिल जाता है। 14 से 19 वर्ष की उम्र में किशोर तनाव व यौन संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं।
कोई विशेष चिकित्सक नहीं होने के कारण वे झोलाछाप व इंटरनेट पर इलाज ढूंढने केे प्रयास में खुद को नुकसान पहुंचा लेते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. कुंदन मित्तल ने स्पेशल क्लीनिक खोलने की मांग की थी। उन्हीं की मांग पर क्लीनिक खोला गया है।
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इस दौरान उपस्थित निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने कहा कि क्लीनिक विश्वविद्यालय की उपलब्धि है। यह किशोरों और बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा। इस अवसर पर डीन छात्र कल्याण डॉ. सविता सिंघल, डाॅ. एनडी वासवानी, डॉ. आलोक, डाॅ. अल्का, डाॅ. अंजली व अन्य उपस्थित रहे।
हर किशोर और युवा को अच्छा स्वास्थ्य उपलब्ध हो। यहां वे अपनी समस्या को आसानी से खुलकर बता सकें। इसी को ध्यान में रखकर यह पहल शुरू की गई है। विशेषज्ञ युवाओं को सेक्स संबंधी समस्याओं के बारे में जानकारी और परामर्श देंगे। क्लीनिक मेें अवसाद, व्यवहार संबंधी विकार, आत्महत्या के विचार और मादक पदार्थों का सेवन संबंधी काउंसलिंग भी की जाएगी।
- डॉ. कुंदन मित्तल, चिकित्सा अधीक्षक व शिशु रोग विभााग
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स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि ओपीडी में 14 वर्ष तक के बच्चों को शिशु रोग विभाग में उपचार मिल जाता है। 14 से 19 वर्ष की उम्र में किशोर तनाव व यौन संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं।
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कोई विशेष चिकित्सक नहीं होने के कारण वे झोलाछाप व इंटरनेट पर इलाज ढूंढने केे प्रयास में खुद को नुकसान पहुंचा लेते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. कुंदन मित्तल ने स्पेशल क्लीनिक खोलने की मांग की थी। उन्हीं की मांग पर क्लीनिक खोला गया है।
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इस दौरान उपस्थित निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने कहा कि क्लीनिक विश्वविद्यालय की उपलब्धि है। यह किशोरों और बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा। इस अवसर पर डीन छात्र कल्याण डॉ. सविता सिंघल, डाॅ. एनडी वासवानी, डॉ. आलोक, डाॅ. अल्का, डाॅ. अंजली व अन्य उपस्थित रहे।
हर किशोर और युवा को अच्छा स्वास्थ्य उपलब्ध हो। यहां वे अपनी समस्या को आसानी से खुलकर बता सकें। इसी को ध्यान में रखकर यह पहल शुरू की गई है। विशेषज्ञ युवाओं को सेक्स संबंधी समस्याओं के बारे में जानकारी और परामर्श देंगे। क्लीनिक मेें अवसाद, व्यवहार संबंधी विकार, आत्महत्या के विचार और मादक पदार्थों का सेवन संबंधी काउंसलिंग भी की जाएगी।
- डॉ. कुंदन मित्तल, चिकित्सा अधीक्षक व शिशु रोग विभााग