चंडीगढ़ अब स्मार्ट सिटी, जानिए क्या होंगे मायने, क्या मिलेगी सुविधा?
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चंडीगढ़ को अब स्मार्ट सिटी कहिए जनाब, क्योंकि शहर का नाम फास्ट ट्रैक स्मार्ट सिटी में शामिल हो गया है। जल्द ही इसका असर भी दिखने लगेगा। जिन चार मॉडल सेक्टरों का चयन किया है उनमें 24 घंटे पानी की सप्लाई इस माह के अंत तक शुरू हो जाएगी साथ ही उनको अबाध बिजली की सप्लाई की जाएगी।
मंगलवार को शहरी विकास मंत्रालय की ओर से जिन 13 फास्ट ट्रैक शहरों का नाम जारी किए गए हैं उसमे चंडीगढ़ का नाम चौथे पायदान पर है। इस बार चंडीगढ़ ने 70 से ज्यादा अंक हासिल करके यह उपलब्धि हासिल की है जबकि पिछली बार उसे 54.3 अंक मिले थे।\
मालूम हो कि फास्ट ट्रैक सिटी के लिए कम से कम 70 अंक लेना जरूरी था। टाप-5 में आने पर प्रशासन और नगर निगम की लाज भी रह गई। नोडल अधिकारी एवं नगर निगम कमिश्नर बी पुरुषार्था का कहना है कि फास्ट ट्रैक सिटी के तहत होने वाले कामों का असर जल्द ही दिखने लग जाएगा। फास्ट ट्रैक सिटी के तहत जिन चार माडल सेक्टरों का चयन किया गया है, उनमें 24 घंटे पानी की सप्लाई इसी माह के अंत तक शुरू हो जाएगी। इन सेक्टरों (17,22,35 और43) में बिजली के कट भी नहीं लगेंगे।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लागू करवाने के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल फार चंडीगढ़ का गठन कर दिया गया है इस कमेटी के सीईओ कमिश्नर बी पुरुषार्था होंगे जबकि इसमे सलाहकार परिमल राय चेयरमैन होंगे जबकि गृह और वित्त सचिव निदेशक होंगे। फास्ट ट्रैक में आने के बाद नगर निगम कमिश्नर बी पुरुषार्था और मेयर अरुण सूद ने नगर निगम में प्रेसवार्ता की। कमिश्नर ने बताया कि स्मार्ट सिटी के प्रपोजल को पूरी तरह से लागू करवाने का खर्चा 6 से साढ़े 6 हजार करोड़ रुपये है लेकिन इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से एक हजार रुपये मिलेंगे, जिनमे से 500 करोड़ का शेयर नगर निगम और 500 का शेयर प्रशासन का होगा।
4 माडल सेक्टर चुने गए हैं उनमे पायलट प्रोजेक्ट के तहत काम होगा
फास्ट ट्रेक सिटी प्रोजेक्ट के तहत दो तरह से शहर में काम होगा पहले जो चार माडल सेक्टर चुने गए है उनमे पायलट प्रोजेक्ट के तहत काम होगा जबकि दूसरा पूरे शहर का पैन सिटी के तहत काम किया जाएगा। जिसके तहत पूरा शहर अंडर सर्विलेंस होगा।
पैन सिटी में पूरे शहर की र्स्माअ आवाजाही पर फोकस रहेगा जिसके तहत पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। शहर पर नजर रखने के लिए स्मार्ट कंट्रोल सेंट्रर बनाया जाएगा जिसे करीब 7 विभागों के साथ जोड़ा जाएगा।
ट्रैफिक जाम पर लगेगा अंकुश
कमिश्नर ने बताया कि इस समय शहर की आवाजाही और जाम का कोई रियल टाइम डाटा नहीं है लेकिन सीसीटीवी लगने और एक पूरी नजर होने पर अगर कहीं पर जाम लगता है तो वहां से ही रूट को डायवर्ट करने का निर्णय लिया जा सकता है। इसके साथ ही हादसे में शिकार होने वालों पर नजर रखकर तुरंत एंबुलेंस भेजी जा सकती है।
उनका कहना है कि हर जगह पर पुलिस तैनात नहीं रह सकती है । इसलिए नए सिस्टम के तहत आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा प्रदूषण को चेक करने केलिए शहर में जगह जगह सेंसर लगाए जाएंगे। चार माडल सेक्टरों में 24 घंटे पानी और बिजली का पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया जाएगा उसके बाद पूरे शहर में इस प्रोजेक्ट को लागू कर दिया जाएगा। इसके अलावा अंडरग्राउंड बिजली की लाइनें डाली जाएगी। एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी।
स्मार्ट सिटी में कन्वेंशन और इनोवेशन सेंटर बनाए जाएंगे
पुरुषार्था ने बताया कि स्मार्ट सिटी में स्टार्ट अप करने वालों का विशेष ध्यान रखा गया है उनके लिए शहर में इनोवेशन सेंटर बनाया जाएगा जिसमे स्टार्ट अप शुरू करने वालों के लिए माहौल तैयार किया जाएगा। इसकेअलावा शहर के सेक्टर-17 और 43 में कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा जहां पर एक साथ हजारों लोग बैठ सकें।
सेक्टर-17 में नए सिरे से बदलाव किए जाएंगे यहां पर ग्रीन एरिया बढ़ाया जाएगा और नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा। इसलिए यहां पर साहिब सिंह और एंपायर स्टोर पार्किंग को बंद किया जाएगा। रोज गार्डन को पैदल सेक्टर-17 प्लाजा के साथ जोड़ा जाएगा। नए फूड कोर्ट का निर्माण किया जाएगा। स्मार्ट सिटी प्रपोजल में चंडीगढ़ के हेरिटेज का पूरी तरह से सरंक्षण किया जाएगा ताकि विदेशी पर्यटक शहर में ज्यादा से ज्यादा आ सकें। कम कार्बन उत्सर्जन करने वाले ट्रांसपोर्ट को प्रमोट किया जाएगा जिसमे मेट्रो से लेकर ई रिक्शा और बैटरी से चलने वाले वाहनों को वरीयता दी जाएगी।
इस तरह से जुटाए जाएंगे छह हजार करोड़ एक हजार करोड़ केंद्र सरकार से आने के साथ प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कई काम पब्लिक पार्टनरशिप प्रोजेक्ट के तहत भी किए जाएंगे। कई काम करवाने केलिए ज्वाइंट वेंचर बनाए जाएंगे। निजी निवेश के साथ साथ लोन भी लिए जाएंगे।
पानी का रेट बढ़ेगे चार माडल सेक्टर में 24 घंटे पानी और बिजली की सप्लाई होगी लेकिन वर्तमान रेट पर यह सप्लाई नहीं हो सकती इसलिए स्मार्ट सिटी के तहत पानी के रेट बढ़ाए जाएंगे। इस समय नगर निगम को शहर में पानी की सप्लाई से हर साल 60 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। एक सीनियर अधिकारी के अनुसार अगर 24 घंटे पानी की सप्लाई बढ़ेगी तो रेट भी बढ़ाने होंगे। जबकि मेयर अरुण सूद ने प्रैसवार्ता में दावा किया कि स्मार्ट सिटी के नाम पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा।