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मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह बोले- नशा तस्करों को फांसी की सजा का प्रस्ताव तैयार है, केंद्र को भेज दिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 Jul 2018 10:06 AM IST
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मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह
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पंजाब सरकार नशे के सौदागरों को सजा-ए-मौत देने के लिए केंद्रीय कानून चाहती है। सोमवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में प्रस्ताव पास कर इस संबंध में केंद्र सरकार को सिफारिश भेजने का फैसला किया गया। पिछले कई दिनों से सूबे में नशे के ओवरडोज से हो रही मौतों से विपक्ष के तीखे हमले झेल रहे सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिर्फ नशे के मुद्दे पर ही कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। इसमें नशा तस्करों को मौत की सजा देने की सिफारिश केंद्र को भेजने का फैसला किया गया।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि अब जल्द ही यह सिफारिश केंद्र को भेजी जाएगी। इस दौरान सीएम की अगुवाई में एक कैबिनेट सब-कमेटी गठित की गई। इसमें सेहत और सामाजिक सुरक्षा मंत्री को शामिल किया गया है। यह कमेटी नशे के सौदागरों पर कार्रवाई की साप्ताहिक समीक्षा करेगी। यह हर हफ्ते मीटिंग कर नशों के खिलाफ मुहिम का जायजा लेगी। कैबिनेट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) एनएस कलसी की अगुवाई में एक विशेष कार्य समूह के गठन का भी फैसला किया। यह नशे की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों की नियमित तौर पर निगरानी और समीक्षा करेगा।
यह ग्रुप सरकारी कार्रवाई का जायजा लेकर रणनीति तैयार करेगा। ग्रुप सीधे कैबिनेट सब-कमेटी को रिपोर्ट करेगा। इस ग्रुप में अतिरिक्त मुख्य सचिव (सेहत) सतीश चंद्रा, डीजीपी इंटेलिजेंस दिनकर गुप्ता, एडीजीपी (कानून व्यवस्था) ईश्वर सिंह और एडीजीपी एसटीएफ एचएस सिद्धू शामिल होंगे। मीटिंग की शुरुआत से पहले सभी ने अफगानिस्तान में आतंकी हमले में मारे गए सिखों, नशों के ओवर डोज से मरने वाले नौजवानों और आत्महत्या करने वाले किसानों की याद में एक मिनट का मौन रखा।
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सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि अब जल्द ही यह सिफारिश केंद्र को भेजी जाएगी। इस दौरान सीएम की अगुवाई में एक कैबिनेट सब-कमेटी गठित की गई। इसमें सेहत और सामाजिक सुरक्षा मंत्री को शामिल किया गया है। यह कमेटी नशे के सौदागरों पर कार्रवाई की साप्ताहिक समीक्षा करेगी। यह हर हफ्ते मीटिंग कर नशों के खिलाफ मुहिम का जायजा लेगी। कैबिनेट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) एनएस कलसी की अगुवाई में एक विशेष कार्य समूह के गठन का भी फैसला किया। यह नशे की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों की नियमित तौर पर निगरानी और समीक्षा करेगा।
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यह ग्रुप सरकारी कार्रवाई का जायजा लेकर रणनीति तैयार करेगा। ग्रुप सीधे कैबिनेट सब-कमेटी को रिपोर्ट करेगा। इस ग्रुप में अतिरिक्त मुख्य सचिव (सेहत) सतीश चंद्रा, डीजीपी इंटेलिजेंस दिनकर गुप्ता, एडीजीपी (कानून व्यवस्था) ईश्वर सिंह और एडीजीपी एसटीएफ एचएस सिद्धू शामिल होंगे। मीटिंग की शुरुआत से पहले सभी ने अफगानिस्तान में आतंकी हमले में मारे गए सिखों, नशों के ओवर डोज से मरने वाले नौजवानों और आत्महत्या करने वाले किसानों की याद में एक मिनट का मौन रखा।
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सीएम ने डीजीपी से कहा- नशे के खिलाफ कार्रवाई तेज करें
अमरिंदर सिंह
- फोटो : SELF
कैबिनेट मीटिंग के बाद अनौपचारिक मीटिंग हुई, जिसमें प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ भी शामिल हुए। बैठक में सीएम ने डीजीपी सुरेश अरोड़ा को नशों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तेज करने को कहा। उन्होंने डीजीपी को नशों के सौदागरों केखिलाफ सख्ती से डट जाने की हिदायत देते हुए स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर कोई ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसटीएफ प्रमुख एचएस सिद्धू ने ड्रग के ओवरडोज से मौतों पर चिंता जताई।
उन्होंने ऐसे मामलों के रजिस्ट्रेशन का सुझाव दिया ताकि नशीले पदार्थ में मिलावट जैसे कारणों की शिनाख्त की जा सके और जोखिम घटाया जा सके। उन्होंने इस मामले की विस्तृत जांच करवाने को कहा और सीएम को उनकी टीम की तरफ से नशे के खिलाफ किए जा रहे प्रयास और तेज करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि नशे के आदियों को सामाजिक कलंक की परिस्थितियों से बाहर निकालने में मदद देने को डीएपीओ को ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।
एनएस कलसी ने इच्छाजनक नतीजे प्राप्त करने को एनफोर्समेंट विंग, नशा मुक्ति व पुनर्वास केंद्रों की भागीदारी से पूरी रणनीति बनाने पर जोर दिया। उन्होंने राज्य भर में पखवाड़े के आधार पर एसएसपीज के साथ मिल कर नशे का जायजा लेने केलिए डीजीपी को कहा। साथ ही कहा कि जो एसएसपी उम्मीद के मुताबिक कारगुजारी नहीं दिखाते हैं, उनकी एसीआर में दर्ज किया जाए।
उन्होंने ऐसे मामलों के रजिस्ट्रेशन का सुझाव दिया ताकि नशीले पदार्थ में मिलावट जैसे कारणों की शिनाख्त की जा सके और जोखिम घटाया जा सके। उन्होंने इस मामले की विस्तृत जांच करवाने को कहा और सीएम को उनकी टीम की तरफ से नशे के खिलाफ किए जा रहे प्रयास और तेज करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि नशे के आदियों को सामाजिक कलंक की परिस्थितियों से बाहर निकालने में मदद देने को डीएपीओ को ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।
एनएस कलसी ने इच्छाजनक नतीजे प्राप्त करने को एनफोर्समेंट विंग, नशा मुक्ति व पुनर्वास केंद्रों की भागीदारी से पूरी रणनीति बनाने पर जोर दिया। उन्होंने राज्य भर में पखवाड़े के आधार पर एसएसपीज के साथ मिल कर नशे का जायजा लेने केलिए डीजीपी को कहा। साथ ही कहा कि जो एसएसपी उम्मीद के मुताबिक कारगुजारी नहीं दिखाते हैं, उनकी एसीआर में दर्ज किया जाए।
बैठक में किसने क्या कहा
कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : File Photo
अनौपचारिक बैठक में डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने सरहद के पार निगरानी रखने वाली प्रौद्योगिकी और अन्य बुनियादी ढांचे का स्तर ऊंचा उठाने पर बल दिया। अरोड़ा ने कहा कि संभव है कि ड्रग्स की कमी के कारण नशेड़ी जाली ड्रग्स का सेवन करने को मजबूर हो, यह मौतों का कारण हो सकता है। इसका पता रसायनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही लगाया जा सकता है।
सेहतमंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने बताया कि राज्य में 81 ओपिऑयड असिस्टेंट ट्रीटमेंट सेंटर चल रहे हैं, जहां आठ हजार नौजवानों का इलाज किया गया है। सामाजिक बदनामी से बचाने को नशेड़ियों और उनके माता-पिता की जानकारी गुप्त रखी गई है। वाटर सप्लाई एंड सैनिटेशन मिनिस्टर रजिया सुल्तान ने कहा कि ऐसे नौजवानों के इलाज के लिए अभिभावकों को भरोसे में लिया जाए।
शहरी विकास मंत्री तृप्त रजिंदर बाजवा ने नशे के आदी नौजवानों को बचाने की महत्ता पर बल दिया। साथ ही नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज के लिए प्रेरित करने को कहा। निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू ने इस बात पर चिंता जताई कि लोगों को यह महसूस हो रहा है कि सरकार नशे खत्म करने में सफल नहीं हो रही। उन्होंने इसमें शामिल पुलिस मुलाजिमों पर कार्रवाई करने को कहा।
सीएम के सीनियर सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल की राय थी कि नशे के मुद्दे पर नौजवानों को संवेदनशील बनाने में गार्जियंस ऑफ गवर्नेंस अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने नशे के खिलाफ लड़ाई में निचले स्तर पर लहर बनाने का न्यौता दिया। एनडीपीएस एक्ट के बहुत नाजुक कानून होने का जिक्र करते हुए एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने 15 वकीलों का विशेष कैडर तैयार करने पर जोर दिया ताकि आरोपियों को सजा दिलाई जा सके।
शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार ने नशे केसंबंध में विद्यार्थियों को संवेदनशील बनाने को उठाए कदमों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि चौथी कक्षा से शारीरिक शिक्षा की किताब में विशेष चैप्टर शामिल किए गए हैं। हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में दो समर्पित अध्यापक विद्यार्थियों को जागरूक करते हैं।
सेहतमंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने बताया कि राज्य में 81 ओपिऑयड असिस्टेंट ट्रीटमेंट सेंटर चल रहे हैं, जहां आठ हजार नौजवानों का इलाज किया गया है। सामाजिक बदनामी से बचाने को नशेड़ियों और उनके माता-पिता की जानकारी गुप्त रखी गई है। वाटर सप्लाई एंड सैनिटेशन मिनिस्टर रजिया सुल्तान ने कहा कि ऐसे नौजवानों के इलाज के लिए अभिभावकों को भरोसे में लिया जाए।
शहरी विकास मंत्री तृप्त रजिंदर बाजवा ने नशे के आदी नौजवानों को बचाने की महत्ता पर बल दिया। साथ ही नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज के लिए प्रेरित करने को कहा। निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू ने इस बात पर चिंता जताई कि लोगों को यह महसूस हो रहा है कि सरकार नशे खत्म करने में सफल नहीं हो रही। उन्होंने इसमें शामिल पुलिस मुलाजिमों पर कार्रवाई करने को कहा।
सीएम के सीनियर सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल की राय थी कि नशे के मुद्दे पर नौजवानों को संवेदनशील बनाने में गार्जियंस ऑफ गवर्नेंस अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने नशे के खिलाफ लड़ाई में निचले स्तर पर लहर बनाने का न्यौता दिया। एनडीपीएस एक्ट के बहुत नाजुक कानून होने का जिक्र करते हुए एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने 15 वकीलों का विशेष कैडर तैयार करने पर जोर दिया ताकि आरोपियों को सजा दिलाई जा सके।
शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार ने नशे केसंबंध में विद्यार्थियों को संवेदनशील बनाने को उठाए कदमों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि चौथी कक्षा से शारीरिक शिक्षा की किताब में विशेष चैप्टर शामिल किए गए हैं। हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में दो समर्पित अध्यापक विद्यार्थियों को जागरूक करते हैं।