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डाकघर के 15 हजार खातों की होगी जांच
Chandigarh
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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पंचकूला। सेक्टर-8 स्थित डाकघर में लाखों रुपये के घपले का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि आरडी अकाउंट में रुपये जमा कराने के नाम पर एक महिला एजेंट ने सैकड़ों लोगों के लाखों रुपये गोलमाल कर दिए। बीते सितंबर महीने में मामले का खुलासा होते ही डाकघर के अधिकारियों ने अपने स्तर से जांच शुरू कर दी है। महिला एजेंट जीरकपुर की रहने वाली है। उसके संपर्क में ट्राइसिटी के करीब 300 से अधिक ग्राहक थे। फिलहाल डाकघर अथॉरिटी की ओर से अब तक आरोपी एजेंट के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों का कहना है कि डाकघर के सभी 15 हजार आरडी अकाउंट की जांच की जाएगी, ताकि इसका सही आंकलन हो सके। उधर, मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी से करीब 27 लाख रुपये रिकवर कर लिए गए हैं।
सेक्टर-8 स्थित डाकघर में महिला एजेंट लोगों का आरडी एकाउंट खुलवाती थी। इसके एवज में उसे करीब चार प्रतिशत कमिशन मिलता था। उसके पास करीब 295 अकाउंट थे। इनमें कुछ लोगों के आरडी एकाउंट की मेच्योरिटी भी पूरी हो गई और जब वे डाकघर में रुपये लेने गए तो उनके खातों में काफी परिवर्तन पाया गया। यह देखकर लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
उन्होंने डाकघर के अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों ने उनके एकाउंट की जांच शुरू कर दी। अभी तक करीब 125 अकाउंट की जांच की गई, जिनमें से 100 अकाउंट में जालसाजी पाई गई है। अधिकारियों के दवाब में करीब 27 लाख रुपये की राशि महिला एजेंट से रिकवर जा चुकी है। पोस्टमास्टर नीलम उत्पल ने बताया कि खातों की जांच चल रही है। पूरे 15 हजार खातों की विस्तार से जांच की जाएगी, ताकि पता चल सके कि किसी दूसरे एजेंट ने तो हेराफेरी नहीं की है।
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डाकघरकर्मी भी शामिल हो सकते हैं!
बताया जा रहा है कि लोगों ने जब अकाउंट में रुपये जमा कराए तो उनके पासबुक में डाकघर की मुहर लग रही थी। इससे लोग निश्चिंत हो जाते थे कि उनके रुपये जमा हो गए। अब सवाल यह है कि यह मुहर कैसे लग जाती थी? बिना किसी अंदर के कर्मचारी की मिलीभगत से ऐसा नहीं हो सकता है। यह शक आला अधिकारियों ने भी जताया है।
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सेक्टर-8 स्थित डाकघर में महिला एजेंट लोगों का आरडी एकाउंट खुलवाती थी। इसके एवज में उसे करीब चार प्रतिशत कमिशन मिलता था। उसके पास करीब 295 अकाउंट थे। इनमें कुछ लोगों के आरडी एकाउंट की मेच्योरिटी भी पूरी हो गई और जब वे डाकघर में रुपये लेने गए तो उनके खातों में काफी परिवर्तन पाया गया। यह देखकर लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
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उन्होंने डाकघर के अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों ने उनके एकाउंट की जांच शुरू कर दी। अभी तक करीब 125 अकाउंट की जांच की गई, जिनमें से 100 अकाउंट में जालसाजी पाई गई है। अधिकारियों के दवाब में करीब 27 लाख रुपये की राशि महिला एजेंट से रिकवर जा चुकी है। पोस्टमास्टर नीलम उत्पल ने बताया कि खातों की जांच चल रही है। पूरे 15 हजार खातों की विस्तार से जांच की जाएगी, ताकि पता चल सके कि किसी दूसरे एजेंट ने तो हेराफेरी नहीं की है।
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बताया जा रहा है कि लोगों ने जब अकाउंट में रुपये जमा कराए तो उनके पासबुक में डाकघर की मुहर लग रही थी। इससे लोग निश्चिंत हो जाते थे कि उनके रुपये जमा हो गए। अब सवाल यह है कि यह मुहर कैसे लग जाती थी? बिना किसी अंदर के कर्मचारी की मिलीभगत से ऐसा नहीं हो सकता है। यह शक आला अधिकारियों ने भी जताया है।